फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Now the focus will be on understanding rather than memorizing and on practical education; the way of studying will change with new books, and Integrated Science will be implemented in 9th grade.

Hisar News: अब रटने नहीं समझने और व्यावहारिक शिक्षा पर फोकस, नई किताबों के साथ बदलेगा पढ़ाई का तरीका, 9वीं में इंटीग्रेटेड साइंस लागू

Mon, 23 Mar 2026 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Mon, 23 Mar 2026 12:28 AM IST
विज्ञापन
Now the focus will be on understanding rather than memorizing and on practical education; the way of studying will change with new books, and Integrated Science will be implemented in 9th grade.
हिसार। नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लागू होने शुरू हो गए हैं। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार कक्षा पहली से आठवीं तक नई पाठ्य पुस्तकें लागू की जाएंगी। इन पुस्तकों में रटने के बजाय समझ आधारित और व्यावहारिक शिक्षा पर जोर दिया गया है ताकि विद्यार्थियों की बुनियादी समझ मजबूत हो सके।
विज्ञापन

नई किताबें नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के आधार पर तैयार की गई हैं। इनमें विषयों को सरल भाषा, रोचक गतिविधियों और दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सुधार की उम्मीद है। कक्षा पहली से आठवीं तक की पुस्तकें प्रिंट और डिजिटल दोनों स्वरूप में उपलब्ध कराई जाएंगी जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को पढ़ाई में सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन

सबसे बड़ा बदलाव कक्षा 9वीं के पाठ्यक्रम में देखने को मिलेगा जिसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा। इसके तहत विज्ञान विषय को इंटीग्रेटेड तरीके से पढ़ाया जाएगा। यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी को अलग-अलग विषयों के बजाय एक साथ जोड़कर पढ़ाया जाएगा जिससे विद्यार्थियों को विषयों के आपसी संबंध और उनके व्यावहारिक उपयोग को समझने में मदद मिलेगी। कक्षा 10वीं और 11वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई फिलहाल पुरानी किताबों से ही जारी रहेगी। इन कक्षाओं में नई पाठ्यपुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू की जाएंगी। बदलाव को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को नए सिस्टम के अनुरूप ढलने का समय देना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नई शिक्षा नीति का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इसके तहत उनकी सोचने-समझने की क्षमता, रचनात्मकता और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस पहल से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

नए पाठ्यक्रम को शुरू करने से पहले शिक्षकों को चाहिए कि वे विद्यार्थियों की बुनियादी नींव का आकलन कर लें। जब यह सुनिश्चित हो जाए कि छात्र मूलभूत विषयों को अच्छी तरह समझ चुके हैं तभी नए पाठ्यक्रम की शुरुआत की जाए ताकि पढ़ाई के दौरान उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। - राकेश चराया, बीईओ, हिसार-2
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed