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एनएचएम कर्मचारी आज से तीन दिन की हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं होंगी प्रभावित
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हिसार। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एनएचएम कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सोमवार से तीन दिन की हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर एंबुलेंस और बच्चों व गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण पर पड़ेगा। हड़ताल को लेकर रविवार को एनएचएम कर्मचारियों की वर्चुअल बैठक जिला प्रधान अनिल कुमार की अध्यक्षता में हुई।
राज्य उपाध्यक्ष जगत बिसला और जिला प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि एनएचएम कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर रोष जता रहें है। कई बाद अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके है। राज्यस्तरीय अधिकारी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने के बजाय कर्मचारियों को मिल रहे लाभ का कुठाराघात करने की सोच रहे है। पांच दिन पहले फाइनेंस विभाग के सचिव की तरफ से कर्मचारियों के सेवा नियम समाप्त कर फिक्स सैलरी करने का पत्र मिशन निदेशक को भेजा है, जिससे कर्मचारियों को रोष है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 2018 में एनएचएम कर्मचारियों को सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों के भांति और उसी के आधार पर सेवा नियम का लाभ दिया था, लेकिन सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों को सरकार की और से सातवें वेतन का लाभ भी दे दिया है और एनएचएम कर्मचारियों को आज तक इस लाभ से वंचित रखा है। उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर सोमवार से कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर जा रहे है।
ये सेवाएं होगी प्रभावित
- एंबुलेंस सेवा
- जच्चा-बच्चा टीकाकरण
- गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
- महिलाओं की प्रसूति सेवा
- स्कूल हेल्थ
- तपेदिक स्वास्थ्य सेवाएं
- कोविड टीकाकरण और सैंपलिंग
-
ये है मांगें
- फाइनेंस विभाग द्वारा जारी सेवा नियम समाप्त करने के पत्र की वापसी।
- सातवें वेतन का लाभ
- सेवा नियम में संशोधन
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राज्य उपाध्यक्ष जगत बिसला और जिला प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि एनएचएम कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर रोष जता रहें है। कई बाद अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके है। राज्यस्तरीय अधिकारी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने के बजाय कर्मचारियों को मिल रहे लाभ का कुठाराघात करने की सोच रहे है। पांच दिन पहले फाइनेंस विभाग के सचिव की तरफ से कर्मचारियों के सेवा नियम समाप्त कर फिक्स सैलरी करने का पत्र मिशन निदेशक को भेजा है, जिससे कर्मचारियों को रोष है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 2018 में एनएचएम कर्मचारियों को सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों के भांति और उसी के आधार पर सेवा नियम का लाभ दिया था, लेकिन सर्व शिक्षा अभियान के कर्मचारियों को सरकार की और से सातवें वेतन का लाभ भी दे दिया है और एनएचएम कर्मचारियों को आज तक इस लाभ से वंचित रखा है। उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर सोमवार से कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर जा रहे है।
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ये सेवाएं होगी प्रभावित
- एंबुलेंस सेवा
- जच्चा-बच्चा टीकाकरण
- गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण
- महिलाओं की प्रसूति सेवा
- स्कूल हेल्थ
- तपेदिक स्वास्थ्य सेवाएं
- कोविड टीकाकरण और सैंपलिंग
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ये है मांगें
- फाइनेंस विभाग द्वारा जारी सेवा नियम समाप्त करने के पत्र की वापसी।
- सातवें वेतन का लाभ
- सेवा नियम में संशोधन