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Hisar News: महंगाई की आंच से पोषण घटा, जायका रूठा
Sun, 06 Sep 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:06 AM IST
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हिसार। महंगाई की आंच से आम परिवार की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। आलम यह है कि दालों की कीमत 110 रुपये से उछलकर 140 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची है जिससे दाल-रोटी खाओ, प्रभु के गुण गाओ की कहावत भी अब चुभने लगी है।
रोजमर्रा की कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामों ने थाली से धीरे-धीरे पोषण घटा दिया है और जायका भी रूठने लगा है। सीमित आमदनी में बढ़ते खर्च का बोझ ऐसा है कि घर का बजट संभालना मुश्किल और संतुलित भोजन जुटाना चुनौती बनता जा रहा है।
सिर्फ दाल ही नहीं बल्कि बीते दो महीनों में गेहूं, चीनी, चाय और बादाम जैसी बुनियादी चीजों के दामों में आए उबाल ने घरेलू बजट के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है। सीमित आमदनी मध्यमवर्ग के धैर्य की परीक्षा ले रही हैं हाँ उनकी क्रय शक्ति लगातार सिकुड़ती जा रही है।
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आहार विशेषज्ञों के मुताबिक, दालें प्रोटीन का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। ऐसे में इनके दामों में तेज उछाल चिंता का विषय है। महंगाई का असर सिर्फ जेब पर नहीं, बल्कि लोगों की थाली और पोषण पर भी पड़ रहा है। सीमित आय वाले परिवारों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना चुनौती बनता जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आपूर्ति शृंखला में बाधाएं और बढ़ती ईंधन लागत महंगाई के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परिवहन लागत बढ़ रही है, जिसका सीधा असर उपभोक्ता वस्तुओं के खुदरा दामों पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ते घरेलू खर्च ने निम्न और मध्यम आय वर्ग की कमर तोड़ दी है। जरूरी सामान खरीदने में अधिक रकम खर्च होने से बचत घट रही है।
रोजमर्रा की कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामों ने थाली से धीरे-धीरे पोषण घटा दिया है और जायका भी रूठने लगा है। सीमित आमदनी में बढ़ते खर्च का बोझ ऐसा है कि घर का बजट संभालना मुश्किल और संतुलित भोजन जुटाना चुनौती बनता जा रहा है।
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सिर्फ दाल ही नहीं बल्कि बीते दो महीनों में गेहूं, चीनी, चाय और बादाम जैसी बुनियादी चीजों के दामों में आए उबाल ने घरेलू बजट के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है। सीमित आमदनी मध्यमवर्ग के धैर्य की परीक्षा ले रही हैं हाँ उनकी क्रय शक्ति लगातार सिकुड़ती जा रही है।
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आहार विशेषज्ञों के मुताबिक, दालें प्रोटीन का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। ऐसे में इनके दामों में तेज उछाल चिंता का विषय है। महंगाई का असर सिर्फ जेब पर नहीं, बल्कि लोगों की थाली और पोषण पर भी पड़ रहा है। सीमित आय वाले परिवारों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना चुनौती बनता जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आपूर्ति शृंखला में बाधाएं और बढ़ती ईंधन लागत महंगाई के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परिवहन लागत बढ़ रही है, जिसका सीधा असर उपभोक्ता वस्तुओं के खुदरा दामों पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ते घरेलू खर्च ने निम्न और मध्यम आय वर्ग की कमर तोड़ दी है। जरूरी सामान खरीदने में अधिक रकम खर्च होने से बचत घट रही है।