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Hisar News: संपत्ति मूल्यांकन दस्तावेज पर लगी निगम की फर्जी मोहर
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माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। नगर निगम कार्यालय में प्रॉपर्टी की फर्जी असेसमेंट बनाई जा रही है। फर्जीवाड़े का यह मामला उस समय संज्ञान में आया, जब एक शहरवासी ने बिजली निगम कार्यालय में जमा करवाई गई नगर निगम की मोहर लगी एक असेसमेंट की काॅपी मेयर गौतम सरदाना को थमाई। इस पर मेयर ने अधिकारियों से इसकी जांच करवाई तो उन्होंने मोहर लगी असेसमेंट कॉपी को फर्जी बताया। उनका कहना था कि असेसमेंट की प्रक्रिया को निगम ने करीब तीन माह पहले ही ऑनलाइन कर दिया था। अब ऐसी कोई असेसमेंट काॅपी जारी नहीं की जाती। जबकि उक्त असेसमेंट पर 20 जनवरी 2023 की तारीख अंकित है। इस पर निगम अधिकारियों ने फर्जीवाड़े की जांच शुरू कर दी है। उधर, मेयर ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए निगम प्रशासन को पत्र लिखा है।
बिजली के नए कनेक्शन के लिए कटवाए जा रहे थे चक्कर
जानकारी के अनुसार शहरवासी हेमंत कुमार को अपने घर में बिजली का नया कनेक्शन लेना है। इसी को लेकर करीब एक माह पहले वह बिजली निगम कार्यालय गया। वहां तैनात कर्मचारियाें ने उसे नगर निगम की तरफ से जारी असेसमेंट देने को कहा। इसके बाद वह नगर निगम कार्यालय गया, लेकिन निगम के कर्मचारियों ने उसे यह कहते हुए असेसमेंट देने से मना कर दिया कि अब निगम ने असेसमेंट देना बंद कर दिया है। वह ऑनलाइन ही प्रॉपर्टी टैक्स बिल की कॉपी निकालकर उसे बिजली निगम कार्यालय में जमा करवा दे। मगर बिजली निगम के कर्मचारी निगम की तरफ से जारी असेसमेंट कॉपी जमा करवाने पर अड़े रहे। आखिर में वह बिजली निगम के एक अधिकारी के पास गया और उसे अपनी समस्या बताई। इस पर उक्त अधिकारी ने कहा कि नगर निगम अभी भी असेसमेंट जारी कर रहा है। यह कहते हुए उक्त अधिकारी ने नगर निगम की तरफ 20 जनवरी 2023 को जारी की गई एक असेसमेंट दिखाई। उसने उक्त दस्तावेज की फोटो मोबाइल से ले ली और मेयर गौतम सरदाना से मिला। मेयर ने तुरंत अधिकारियों को बुलाया और उक्त दस्तावेज को उन्हें दिखाया। अधिकारियों ने इस दस्तावेज को देखकर फर्जी बताते हुए मामले की जांच करवाने को कहा।
सचिव ने बिजली निगम कार्यालय से मांगा 20 जनवरी का रिकॉर्ड
इस मामले को लेकर नगर निगम सचिव संजय शर्मा बिजली निगम के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निगम के अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करवाया और उनसे 20 जनवरी का रिकॉर्ड मांगा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को बताया कि अब निगम का सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन हो चुका है। इस कारण से निगम ने असेसमेंट जारी करना बंद कर दिया है। अब अगर किसी व्यक्ति को असेसमेंट की जरूरत है तो वह ऑनलाइन ही इसकी कॉपी निकाल सकता है और यह मान्य होगी।
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इस असेसमेंट पर मोहर नगर निगम के अधिकारी की है, लेकिन हस्ताक्षर उक्त अधिकारी के नहीं हैं। निगम ने असेसमेंट जारी करना बंद कर दिया है। इस माह एक भी असेसमेंट जारी नहीं की गई है। बिजली निगम से 20 जनवरी का रिकॉर्ड मांगा है। इससे यह पता चल सकेगा कि बिजली निगम के पास उस दिन कितनी असेसमेंट जमा हुई। ये किस व्यक्ति ने जमा करवाई।- संजय शर्मा, सचिव, नगर निगम
एक व्यक्ति उक्त दस्तावेज के साथ मेरे पास आया था। निगम अधिकारियों ने इसे फर्जी बताया है। मैंने इस मामले के दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए निगम अधिकारियों को पत्र लिखा है। - गौतम सरदाना, मेयर
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हिसार। नगर निगम कार्यालय में प्रॉपर्टी की फर्जी असेसमेंट बनाई जा रही है। फर्जीवाड़े का यह मामला उस समय संज्ञान में आया, जब एक शहरवासी ने बिजली निगम कार्यालय में जमा करवाई गई नगर निगम की मोहर लगी एक असेसमेंट की काॅपी मेयर गौतम सरदाना को थमाई। इस पर मेयर ने अधिकारियों से इसकी जांच करवाई तो उन्होंने मोहर लगी असेसमेंट कॉपी को फर्जी बताया। उनका कहना था कि असेसमेंट की प्रक्रिया को निगम ने करीब तीन माह पहले ही ऑनलाइन कर दिया था। अब ऐसी कोई असेसमेंट काॅपी जारी नहीं की जाती। जबकि उक्त असेसमेंट पर 20 जनवरी 2023 की तारीख अंकित है। इस पर निगम अधिकारियों ने फर्जीवाड़े की जांच शुरू कर दी है। उधर, मेयर ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए निगम प्रशासन को पत्र लिखा है।
बिजली के नए कनेक्शन के लिए कटवाए जा रहे थे चक्कर
जानकारी के अनुसार शहरवासी हेमंत कुमार को अपने घर में बिजली का नया कनेक्शन लेना है। इसी को लेकर करीब एक माह पहले वह बिजली निगम कार्यालय गया। वहां तैनात कर्मचारियाें ने उसे नगर निगम की तरफ से जारी असेसमेंट देने को कहा। इसके बाद वह नगर निगम कार्यालय गया, लेकिन निगम के कर्मचारियों ने उसे यह कहते हुए असेसमेंट देने से मना कर दिया कि अब निगम ने असेसमेंट देना बंद कर दिया है। वह ऑनलाइन ही प्रॉपर्टी टैक्स बिल की कॉपी निकालकर उसे बिजली निगम कार्यालय में जमा करवा दे। मगर बिजली निगम के कर्मचारी निगम की तरफ से जारी असेसमेंट कॉपी जमा करवाने पर अड़े रहे। आखिर में वह बिजली निगम के एक अधिकारी के पास गया और उसे अपनी समस्या बताई। इस पर उक्त अधिकारी ने कहा कि नगर निगम अभी भी असेसमेंट जारी कर रहा है। यह कहते हुए उक्त अधिकारी ने नगर निगम की तरफ 20 जनवरी 2023 को जारी की गई एक असेसमेंट दिखाई। उसने उक्त दस्तावेज की फोटो मोबाइल से ले ली और मेयर गौतम सरदाना से मिला। मेयर ने तुरंत अधिकारियों को बुलाया और उक्त दस्तावेज को उन्हें दिखाया। अधिकारियों ने इस दस्तावेज को देखकर फर्जी बताते हुए मामले की जांच करवाने को कहा।
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सचिव ने बिजली निगम कार्यालय से मांगा 20 जनवरी का रिकॉर्ड
इस मामले को लेकर नगर निगम सचिव संजय शर्मा बिजली निगम के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निगम के अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करवाया और उनसे 20 जनवरी का रिकॉर्ड मांगा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को बताया कि अब निगम का सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन हो चुका है। इस कारण से निगम ने असेसमेंट जारी करना बंद कर दिया है। अब अगर किसी व्यक्ति को असेसमेंट की जरूरत है तो वह ऑनलाइन ही इसकी कॉपी निकाल सकता है और यह मान्य होगी।
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इस असेसमेंट पर मोहर नगर निगम के अधिकारी की है, लेकिन हस्ताक्षर उक्त अधिकारी के नहीं हैं। निगम ने असेसमेंट जारी करना बंद कर दिया है। इस माह एक भी असेसमेंट जारी नहीं की गई है। बिजली निगम से 20 जनवरी का रिकॉर्ड मांगा है। इससे यह पता चल सकेगा कि बिजली निगम के पास उस दिन कितनी असेसमेंट जमा हुई। ये किस व्यक्ति ने जमा करवाई।- संजय शर्मा, सचिव, नगर निगम
एक व्यक्ति उक्त दस्तावेज के साथ मेरे पास आया था। निगम अधिकारियों ने इसे फर्जी बताया है। मैंने इस मामले के दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए निगम अधिकारियों को पत्र लिखा है। - गौतम सरदाना, मेयर