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Hisar News: मंगोलिया की पहलवान का नहीं जमने दिया पांव और जीत लिया कांस्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Oct 2023 11:26 PM IST
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Mongolian wrestler did not let her feet settle and won bronze
ए​शियन गेम्स में कांस्य पदक के साथ पहलवान किरण गोदारा।
हिसार। चीन में चल रहे एशियन गेम्स में हिसार की पहलवान अंतिम पंघाल के बाद सेक्टर-15 की पहलवान किरण गोदारा ने मंगोलिया की पहलवान को 8-2 से हराकर कांस्य पदक जीत लिया। पदक जीतने पर परिवार में खुशी का माहौल है। कोच विष्णुदास ने बताया कि 76 किलो भारवर्ग में किरण ने मंगोलिया की पहलवान के पांव नहीं जमने दिए। प्रतिद्वंद्वी का पैर उठाकर उसे नीचे गिराया और पदक जीत लिया। इससे पहले किरण ने क्वार्टर फाइनल में जापान की वर्ल्ड चैंपियन पहलवान को 3-0 से हराया था। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में किरण को हार का सामना करना पड़ा था।
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ट्रेनिंग कैंप नहीं लगे तो लड़कों के साथ किया अभ्यास
किरण के कोच विष्णुदास का कहना है कि पिछले दिनों फेडरेशन के चले विवाद के कारण रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से टीम को बाहर और न ही कैंप में भेजा गया। ऐसे में किरण की तैयारी करवाना चुनौती था। कोच ने किरण का स्टेमिना व स्पीड बढ़ाने के लिए लड़कों के साथ प्रैक्टिस करवानी शुरू की। किरण की प्रैक्टिस का समय भी पौना घंटा बढ़ाया। इस गेम्स के लिए कोच ने अलग से तैयारी करवाई।
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पिता से बोली पहलवान, आगे करूंगी सुधार
मैच जीतने के बाद किरण ने अपने पिता कुलदीप गोदारा से बातचीत की। इस दौरान किरण ने कहा कि पापा सेमीफाइनल में मिली हार का मलाल है, मगर आगे सुधार करूंगी। मां गीता देवी ने किरण को पदक जीतने पर बहुत-बहुत बधाई कहा। आगे और भी बेहतर प्रदर्शन करना। वहीं, पदक जीतने पर किरण के परिवार में खुशी का माहौल है।
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बेटी किरण ने एक बार फिर कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। बेटी आगे कांस्य का रंग स्वर्ण में बदलेगी। मुझे बेटी पर गर्व है। बेटी अच्छा खेली। - गीता देवी, किरण की माता
13 साल से पसीना बहा रही किरण
किरण महाबीर स्टेडियम में 13 साल से कोच विष्णुदास के पास प्रैक्टिस कर रही है। वह रेलवे में डिप्टी सिटीआई के पद पर कार्यरत है। कोच विष्णुदास का कहना है कि एशियन गेम्स के लिए किरण ने कड़ी मेहनत की थी। मोबाइल से दूरी बनाई। सिर्फ अपनी प्रैक्टिस पर फोकस रखा। अब किरण ने एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत एक और उपलब्धि जोड़ ली। किरण मूलरूप से गांव रावतखेड़ा की रहने वाली है। पिता कुलदीप गोदारा डीसी ऑफिस में असिस्टेंट हैं। किरण का हिसार, गांव और महाबीर स्टेडियम पहुंचने पर स्वागत किया जाएगा।

किरण की उपलब्धियां
- 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक
- 2017 में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- 2020 में इंटरनेशनल टूर्नामेंट में रजत पदक
उधर, राधिका ने किया निराश
एशियन गेम्स में किरण के अलावा हिसार की पहलवान राधिका ने भी दमखम दिखाया। वह क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की पहलवान से हारकर बाहर हो गई। राधिका 68 किलोग्राम भारवर्ग में खेली। वह साई (स्पोटर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) में पिछले काफी समय से प्रशिक्षण ले रही है। वहीं, वीरवार को हिसार की अंतिम पंघाल ने भी कांस्य पदक पर कब्जा किया था।
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