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Hisar News: सेल्फ स्टडी और अनुशासन से मंजू ने लिखी सफलता की इबारत
Wed, 13 May 2026 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 13 May 2026 01:52 AM IST
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हिसार। प्रतिस्पर्धा भरे दौर में जहां अधिकांश विद्यार्थी सफलता के लिए कोचिंग संस्थानों का सहारा लेते हैं। ऑक्सफोर्ड पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मतलोडा की छात्रा मंजू ने आत्मविश्वास, अनुशासन और सेल्फ स्टडी के बल पर 12वीं मेडिकल संकाय में 492 अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। मंजू की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि मेहनत, सही दिशा और परिवार का सहयोग हो तो बिना कोचिंग बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
मंजू ने बताया कि मैंने परीक्षा की तैयारी के लिए शुरुआत से ही निश्चित समय सारिणी बनाई हुई थी। हर विषय के लिए अलग समय तय किया था और उसी के अनुसार पढ़ाई करती थी। मैं रोज सुबह 4 बजे उठकर 7 बजे तक पढ़ाई करती थी। स्कूल से लौटने के बाद थोड़ा आराम करके शाम 4 बजे से 6 बजे तक पढ़ती थी और फिर रात में करीब तीन घंटे पढ़ाई करती थी। मैंने कभी पढ़ाई में लापरवाही नहीं की और नियमित अभ्यास को अपनी सबसे बड़ी आदत बना लिया।
मंजू ने बताया कि इस सफलता में मेरे माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान रहा है। पापा पढ़ाई को लेकर हमेशा सख्त रहे हैं और उन्होंने कभी पढ़ाई के साथ समझौता नहीं होने दिया। जब मैं सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करती थी तो पापा भी मेरे साथ जागते थे और मेरा उत्साह बढ़ाते थे। मम्मी ने हमेशा मेरे खाने-पीने और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा ताकि मैं बिना किसी परेशानी के पढ़ाई कर सकूं।
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मंजू ने बताया कि मैंने परीक्षा की तैयारी के लिए शुरुआत से ही निश्चित समय सारिणी बनाई हुई थी। हर विषय के लिए अलग समय तय किया था और उसी के अनुसार पढ़ाई करती थी। मैं रोज सुबह 4 बजे उठकर 7 बजे तक पढ़ाई करती थी। स्कूल से लौटने के बाद थोड़ा आराम करके शाम 4 बजे से 6 बजे तक पढ़ती थी और फिर रात में करीब तीन घंटे पढ़ाई करती थी। मैंने कभी पढ़ाई में लापरवाही नहीं की और नियमित अभ्यास को अपनी सबसे बड़ी आदत बना लिया।
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मंजू ने बताया कि इस सफलता में मेरे माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान रहा है। पापा पढ़ाई को लेकर हमेशा सख्त रहे हैं और उन्होंने कभी पढ़ाई के साथ समझौता नहीं होने दिया। जब मैं सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करती थी तो पापा भी मेरे साथ जागते थे और मेरा उत्साह बढ़ाते थे। मम्मी ने हमेशा मेरे खाने-पीने और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा ताकि मैं बिना किसी परेशानी के पढ़ाई कर सकूं।
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