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बंदूक का लाइसेंस मांगने पर मंहत और पुलिस कर्मी में नोंक-झोंक, हंगामा
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हिसार। शहर के राजगुरु मार्केट में बंदूक का लाइसेंस दिखाने की बात को लेकर पुलिस कर्मचारियों और एक महंत के बीच नोक-झोंक हो गई। काफी देर तक दोनों तरफ से कहासुनी होती रही। लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। पुलिस कर्मचारी महंत को लाइसेंस दिखाने की बात कह रहे थे। पता चलने पर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महंत को थाने लेकर आए। यहां पर महंत ने लाइसेंस दिखाया और उसके बाद उसे जाने दिया।
उपचुनाव में जमा कर रहे है असलाह
आदमपुर में उपचुनाव को लेकर पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को लाइसेंसी असलाह जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में सभी थाना प्रभारी लाइसेंस धारकों को अपने अपने हथियार जमा करवाने को बोल रहे हैं। शनिवार शाम को शहर थाना में तैनात पुलिस कर्मचारी राजगुरु मार्केट में गश्त पर थे। वहां एक महंत 12 बोर की बंदूक लेकर आया। पुलिस कर्मियों ने उनको रोककर लाइसेंस दिखाने के लिए कहा तो दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। मामले का पता चलने पर शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कांशीराम टीम के साथ मौके पर पहुंचे और महंत को थाने में ले गए। महंत के एक परिचित इंस्पेक्टर भी सादे कपड़ों में थाने पहुंच गए। थाने के अंदर महंत ने लाइसेंस दिखाया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
शहर थाना प्रभारी कांशीराम का कहना है कि महंत ने बंदूक का लाइसेंस दिखा दिया था। उसके बाद नाम-पता लिखकर उनको छोड़ दिया।
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उपचुनाव में जमा कर रहे है असलाह
आदमपुर में उपचुनाव को लेकर पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को लाइसेंसी असलाह जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में सभी थाना प्रभारी लाइसेंस धारकों को अपने अपने हथियार जमा करवाने को बोल रहे हैं। शनिवार शाम को शहर थाना में तैनात पुलिस कर्मचारी राजगुरु मार्केट में गश्त पर थे। वहां एक महंत 12 बोर की बंदूक लेकर आया। पुलिस कर्मियों ने उनको रोककर लाइसेंस दिखाने के लिए कहा तो दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। मामले का पता चलने पर शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कांशीराम टीम के साथ मौके पर पहुंचे और महंत को थाने में ले गए। महंत के एक परिचित इंस्पेक्टर भी सादे कपड़ों में थाने पहुंच गए। थाने के अंदर महंत ने लाइसेंस दिखाया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
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शहर थाना प्रभारी कांशीराम का कहना है कि महंत ने बंदूक का लाइसेंस दिखा दिया था। उसके बाद नाम-पता लिखकर उनको छोड़ दिया।