अर्बन एस्टेट में सतबीरी देवी हत्याकांड में उसके बड़े बेटे रमेश ने हत्यारोपी अपने छोटे भाई पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रमेश ने बताया कि उनकी फर्म सतबीरी देवी के नाम थी। आरोप है कि राजेश ने फर्म के नाम पर मार्च 2017 में एचडीएफसी बैंक से 89 लाख रुपये का लोन लिया। राजेश ने लोन की तीन किस्तें जमा कर बाद में भरनी बंद कर दीं। फर्म मृतका के नाम पर होने के कारण बैंक की ओर से नोटिस आने शुरू हो गए। इसी बीच बैंक की तरफ से लोन के नाम पर दर्शाई गई प्रॉपर्टी को सील करने का भी आदेश आया।
रमेश के अनुसार राजेश की ओर से फैक्टरी में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल व गाड़ियों में पेट्रोल डलवाने के नाम पर होने वाले खर्च के तीन चेक तीन अलग-अलग पार्टियों को दिए, जो सभी बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने पर भी मृतका सतबीरी देवी के खिलाफ केस दर्ज हुआ। इसके अलावा भी राजेश द्वारा कई बार लोन लिया गया, लेकिन भरा नहीं गया। रमेश ने यह भी आरोप लगाया है कि राजेश ने उसकी माता सतबीरी देवी के जाली हस्ताक्षर कर फैक्टरी को अपनी पत्नी मनीषा के नाम करवा लिया। इस बीच सतबीरी देवी के जाली हस्ताक्षर कर एक एफिडेविट भी बनवाया गया, जिसमें लिखा कि सतबीरी देवी उनके साथ रहती है। रमेश का आरोप है कि इस बारे में राजेश व अन्य के खिलाफ उसी समय पुलिस में धोखाधड़ी की शिकायत भी की गई, लेकिन पुलिस की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई।