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Hisar News: मंडियों में व्यवस्था अधूरी, शैड खाली नहीं, खुले में धान रखना होगी मजबूरी
Sun, 22 Sep 2024 06:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 22 Sep 2024 06:27 AM IST
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हिसार। धान और बाजरा खरीद के लिए सरकार ने तिथि घोषित कर दी है, लेकिन मंडियों में कोई तैयारी नहीं दिख रही। जिले की 10 मंडियों में बाजरा और 13 मंडियों में धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू होगी। प्रदेश की कार्यवाहक सरकार ने चुनाव आयोग से बाजरा व धान की खरीद 23 सितंबर से शुरू करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन नहीं मिली। जिला प्रशासन ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों को एक सप्ताह में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
हिसार की अनाज मंडी व्यवस्था अधूरी हैं। शेड के नीचे आढ़तियों का माल पड़ा है। कुछ शेड के नीचे गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं। मंडी की सड़कों की हालत खराब है। पीने के स्वच्छ जल के नाम पर सीमेंट की टंकी बनाई गई है। अटल कैंटीन को शुरू नहीं किया जा सका है। जिला मुख्यालय की मंडी का यह हाल है तो कस्बों में क्या तस्वीर होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। हिसार की मंडी में स्ट्रीट लाइटे और हाई मास्ट लाइट भी खराब हैं। मंडी के बड़े हिस्से में मूंगफली डाली गई है। उधर, मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून की बारिश अक्तूबर में भी हो सकती है। ऐसे में अनाज को खुले में रखा गया तो भीगने का खतरा भी रहेगा।
30 साल से नहीं बढ़ाया पैसा
हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से हरियाणा का चावल उद्योग बंद होने के कगार पर है। 100 किलो धान के बदले 67.5 किलो चावल लेने का नियम गलत है। 100 किलो धान में 60 किलो चावल ही निकलता है। मिलर्स से 60 किलो चावल लेने का नियम बनाना चाहिए। धान की पिनाई करके चावल निकालने की मिलिंग 30 सालों से राइस मिलर्स को 10 रुपये प्रति क्विंटल दी जा रही है। आज के समय यह खर्च 120 रुपए प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। चावल पास करने के नाम पर एफसीआई के अधिकारी राइस मिलरों रिश्वत मांगते हैं। रिश्वत न देने पर उसके चावल को रिजेक्ट करते हैं।
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इन 13 मंडियों में होगी धान की खरीद
बरवाला, बास, बालसमंद, दौलतपुर, हांसी, खेड़ी जालब, लोहारी राघो, नारनौंद, पाबड़ा, सिसाय, उकलाना, घिराय व अनाज मंडी हिसार।
इन 10 मंडियों में होगी बाजरा खरीद
बास,अनाज मंडी हिसार, आदमपुर, नारनौंद, बरवाला, हांसी, बालसमंद, कैमरी व खेड़ी जालब।
एमएसपी कितना
धान के लिए एमएसपी 2,300
धान ए ग्रेड के लिए एमएसपी 2,320
बाजरे के लिए एमएसपी 2,625
(दाम प्रति क्विंटल में)
धाना व बाजार खरीद को लेकर हमारी ओर से तैयारियां पूरी हैं। शेड के नीचे खड़ी गाड़ियों को हटवाया जाएगा, जो भी मंडी में कमियां हैं उन्हें दुरुस्त करवाया जाएगा। मंडी में पीने के पानी की आठ टंकियां बनी हुई हैं। सभी की सफाई करवाई जा चुकी है। मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - गगन जोशी, सचिव ,मार्केट कमेटी हिसार।
बाजरा व धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू की जाएगी। खरीद को लेकर एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार 5 हजार एमटी बाजरा, करीब 80 हजार एमटी धान की आवक होने का अनुमान लगाया गया है। इसके अनुसार खरीद की तैयारियों के लिए लिखा गया है। सभी अनाज मंडियों के अधिकारियों को मुख्यालय की ओर से भी निर्देश आ चुके हैं। खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। धान की खरीद को लेकर मिलर्स को पंजीकरण कराना होगा। -अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति निदेशक, हिसार
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हिसार की अनाज मंडी व्यवस्था अधूरी हैं। शेड के नीचे आढ़तियों का माल पड़ा है। कुछ शेड के नीचे गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं। मंडी की सड़कों की हालत खराब है। पीने के स्वच्छ जल के नाम पर सीमेंट की टंकी बनाई गई है। अटल कैंटीन को शुरू नहीं किया जा सका है। जिला मुख्यालय की मंडी का यह हाल है तो कस्बों में क्या तस्वीर होगी इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। हिसार की मंडी में स्ट्रीट लाइटे और हाई मास्ट लाइट भी खराब हैं। मंडी के बड़े हिस्से में मूंगफली डाली गई है। उधर, मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून की बारिश अक्तूबर में भी हो सकती है। ऐसे में अनाज को खुले में रखा गया तो भीगने का खतरा भी रहेगा।
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30 साल से नहीं बढ़ाया पैसा
हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से हरियाणा का चावल उद्योग बंद होने के कगार पर है। 100 किलो धान के बदले 67.5 किलो चावल लेने का नियम गलत है। 100 किलो धान में 60 किलो चावल ही निकलता है। मिलर्स से 60 किलो चावल लेने का नियम बनाना चाहिए। धान की पिनाई करके चावल निकालने की मिलिंग 30 सालों से राइस मिलर्स को 10 रुपये प्रति क्विंटल दी जा रही है। आज के समय यह खर्च 120 रुपए प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। चावल पास करने के नाम पर एफसीआई के अधिकारी राइस मिलरों रिश्वत मांगते हैं। रिश्वत न देने पर उसके चावल को रिजेक्ट करते हैं।
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इन 13 मंडियों में होगी धान की खरीद
बरवाला, बास, बालसमंद, दौलतपुर, हांसी, खेड़ी जालब, लोहारी राघो, नारनौंद, पाबड़ा, सिसाय, उकलाना, घिराय व अनाज मंडी हिसार।
इन 10 मंडियों में होगी बाजरा खरीद
बास,अनाज मंडी हिसार, आदमपुर, नारनौंद, बरवाला, हांसी, बालसमंद, कैमरी व खेड़ी जालब।
एमएसपी कितना
धान के लिए एमएसपी 2,300
धान ए ग्रेड के लिए एमएसपी 2,320
बाजरे के लिए एमएसपी 2,625
(दाम प्रति क्विंटल में)
धाना व बाजार खरीद को लेकर हमारी ओर से तैयारियां पूरी हैं। शेड के नीचे खड़ी गाड़ियों को हटवाया जाएगा, जो भी मंडी में कमियां हैं उन्हें दुरुस्त करवाया जाएगा। मंडी में पीने के पानी की आठ टंकियां बनी हुई हैं। सभी की सफाई करवाई जा चुकी है। मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - गगन जोशी, सचिव ,मार्केट कमेटी हिसार।
बाजरा व धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू की जाएगी। खरीद को लेकर एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार 5 हजार एमटी बाजरा, करीब 80 हजार एमटी धान की आवक होने का अनुमान लगाया गया है। इसके अनुसार खरीद की तैयारियों के लिए लिखा गया है। सभी अनाज मंडियों के अधिकारियों को मुख्यालय की ओर से भी निर्देश आ चुके हैं। खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। धान की खरीद को लेकर मिलर्स को पंजीकरण कराना होगा। -अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति निदेशक, हिसार