इंद्र गुर्जर के भाई-भतीजे का कोर्ट में सरेंडर, रिमांड पर भेजे
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ढाणी श्यामलाल के इंद्र गुर्जर के भाई जगदीश और भतीजे राकेश ने पांच दिन पहले हत्या के मामले में कोर्ट में सरेंडर किया था। अदालत ने उनको सोमवार तक जेल भेज दिया था। सोमवार को हत्या के उस मुकदमे में इन दोनों समेत 35 से ज्यादा आरोपियों की पेशी थी। यह मामला अर्बन एस्टेट में 30 दिसंबर 2012 को गुर्जर-बिसला गुट में टकराव के बाद दर्ज हुआ था। टकराव में देवेंद्र गुर्जर पक्ष के 35 से ज्यादा लोगों पर हत्या और दूसरे गुट के खिलाफ हत्या प्रयास का केस दर्ज हुआ था। इस टकराव में चानौत के मंदीप नामक युवक की मौत हो गई थी और पुलिस ने देवेंद्र वगैरह को आरोपी बनाया था। हत्या का वह मामला अब विचाराधीन है और जगदीश व राकेश गैरहाजिर होने पर अदालत ने उनके वारंट जारी किए थे। इस पर चाचा-भतीजा ने पांच दिन पहले कोर्ट में सरेंडर किया था।
एक दिन का मिला रिमांड
बारह क्वार्टर चौकी इंचार्ज सतबीर सैनी ने एक महिला का मकान दबाव बनाकर ट्रांसफर कराने के मामले में दोनों का कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट लगाया था। पुलिस ने सोमवार को दोनों को हिरासत में लेकर उनको कोर्ट में पेेश किया। जहां उनका एक दिन का रिमांड मंजूर कर लिया गया। पुलिस इस केस में इंद्र गुर्जर को पहले ही हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। वह जींद की जेल में बंद है।
यह है मामला
पुलिस ने 6 सितंबर को देव वाटिका की लक्ष्मी देवी की शिकायत पर ढाणी श्यामलाल के इंद्र गुर्जर समेत पांच लोगों के खिलाफ गन प्वाइंट पर दबाव बनाकर मकान नाम कराने का केस दर्ज किया था। महिला ने इंद्र, उसके भाई जगदीश, भतीजे राकेश और दो अन्य को नामजद किया था। लक्ष्मी ने शिकायत देकर कहा था कि इंद्र गुर्जर और अन्य ने पांच साल पहले गन प्वाइंट पर डरा-धमकाकर उनका मकान अपने भाई जगदीश के नाम करा लिया था। इंद्र ने एक दिन उसे घर बुलाया था, उसने बंदूक तानकर कहा था कि या तो मकान खाली कर चली जा। वर्ना तुझे और तेरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।