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कोच नहीं मिला तो बेटी को तीरंदाज बनाने भेजा 1409 किमी दूर
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अश्वनी कुमार
हिसार। खेल के लिए जुनून और एक अच्छे कोच का होना जरूरी है। महाराष्ट्र के अहमदनगर की रहने वाली शर्वरी शेलके को उनके अपने शहर में जब कोच नहीं मिला तो उनके पिता ने बेटी को तीरंदाज बनाने के लिए घर से 1409 किलोमीटर दूर हिसार के उमरा गांव में भेजा दिया।
शर्वरी तीरंदाजी में अपनी कॅरिअर बनाना चाहती है। फिलहाल उसका अगला लक्ष्य नवंबर में हरियाणा में ही होने वाले खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक जीतना है। शर्वरी गांव उमरा में तीरंदाजी कोच मनजीत मलिक की देखरेख में प्रतिदिन सुबह-शाम पांच घंटे अभ्यास करती हैं। उनके पिता संदीप शेलके मानेसर में एनएसजी में सहायक कमांडर हैं। वहीं माता सरिता शेलके गृहिणी हैं।
पिता संदीप शेलके ने बताया कि वह महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। बेटी पहले महाराष्ट्र में ही प्रशिक्षण लेती थी, लेकिन वहां सही ट्रेनिंग नहीं करवाई जाती थी। उसके बाद वहां अन्य कोच की तलाश की तो नहीं मिला। उसके बाद बेटी की ट्रेनिंग बंद करवा दी और एक बेहतरीन तीरंदाज बनाने के लिए हिसार भेजने का फैसला लिया। उनका कहना है कि यहां आने पर बेटी शर्वरी पहले से अच्छा अभ्यास कर रही है। साथ ही उसका सहेलियों के साथ भी मन लगा हुआ है। वह एक साल से उमरा के तीरंदाजी ग्राउंड में कोच मनजीत मलिक के पास प्रशिक्षण ले रही है। कोच ने बताया कि शर्वरी नेशनल स्तर की खिलाड़ी है और उसकी उम्र मात्र 14 साल है। वह नौंवी कक्षा की छात्रा है। (संवाद)
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इस तरह कोच से हुआ संपर्क
शर्वरी के पिता संदीप शेलके का कहना है कि वह अखबारों में खेलों की खबर में कई बार कोच मनजीत मलिक का नाम पढ़ते थे। खिलाड़ियों के साथ उनका भी काफी नाम आता था। उसके बाद उन्होंने कोच मनजीत मलिक से संपर्क किया और पूरा परिवार कोच से मिलने हिसार पहुंचा। यहां कोच मनजीत ने ग्राउंड में शर्वरी का ट्रायल लिया तो उसके प्रदर्शन को देखकर कोच ने यहां ट्रेनिंग देने की हां भर ली। वहीं उमरा में बेटी के साथ किराये के मकान में माता सरिता शेलके भी रह रही हैं।
15 साल से निशुल्क ट्रेनिंग दे रहे कोच, कई नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी किए तैयार
उमरा में कोच मनजीत मलिक 15 साल से खिलाड़ियों को निशुल्क ट्रेनिंग दे रहे हैं। अब तक यहां से 9 इंटरनेशनल और 100 से ज्यादा नेशनल खिलाड़ी निकल चुके हैं। वर्तमान समय में यहां 50 खिलाड़ी तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें 40 नेशनल और पांच इंटरनेशनल खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं मनजीत मलिक के साथ कोच ज्योति मलिक भी खिलाड़ियों को अभ्यास करवा रही हैं।
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हिसार। खेल के लिए जुनून और एक अच्छे कोच का होना जरूरी है। महाराष्ट्र के अहमदनगर की रहने वाली शर्वरी शेलके को उनके अपने शहर में जब कोच नहीं मिला तो उनके पिता ने बेटी को तीरंदाज बनाने के लिए घर से 1409 किलोमीटर दूर हिसार के उमरा गांव में भेजा दिया।
शर्वरी तीरंदाजी में अपनी कॅरिअर बनाना चाहती है। फिलहाल उसका अगला लक्ष्य नवंबर में हरियाणा में ही होने वाले खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक जीतना है। शर्वरी गांव उमरा में तीरंदाजी कोच मनजीत मलिक की देखरेख में प्रतिदिन सुबह-शाम पांच घंटे अभ्यास करती हैं। उनके पिता संदीप शेलके मानेसर में एनएसजी में सहायक कमांडर हैं। वहीं माता सरिता शेलके गृहिणी हैं।
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पिता संदीप शेलके ने बताया कि वह महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। बेटी पहले महाराष्ट्र में ही प्रशिक्षण लेती थी, लेकिन वहां सही ट्रेनिंग नहीं करवाई जाती थी। उसके बाद वहां अन्य कोच की तलाश की तो नहीं मिला। उसके बाद बेटी की ट्रेनिंग बंद करवा दी और एक बेहतरीन तीरंदाज बनाने के लिए हिसार भेजने का फैसला लिया। उनका कहना है कि यहां आने पर बेटी शर्वरी पहले से अच्छा अभ्यास कर रही है। साथ ही उसका सहेलियों के साथ भी मन लगा हुआ है। वह एक साल से उमरा के तीरंदाजी ग्राउंड में कोच मनजीत मलिक के पास प्रशिक्षण ले रही है। कोच ने बताया कि शर्वरी नेशनल स्तर की खिलाड़ी है और उसकी उम्र मात्र 14 साल है। वह नौंवी कक्षा की छात्रा है। (संवाद)
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इस तरह कोच से हुआ संपर्क
शर्वरी के पिता संदीप शेलके का कहना है कि वह अखबारों में खेलों की खबर में कई बार कोच मनजीत मलिक का नाम पढ़ते थे। खिलाड़ियों के साथ उनका भी काफी नाम आता था। उसके बाद उन्होंने कोच मनजीत मलिक से संपर्क किया और पूरा परिवार कोच से मिलने हिसार पहुंचा। यहां कोच मनजीत ने ग्राउंड में शर्वरी का ट्रायल लिया तो उसके प्रदर्शन को देखकर कोच ने यहां ट्रेनिंग देने की हां भर ली। वहीं उमरा में बेटी के साथ किराये के मकान में माता सरिता शेलके भी रह रही हैं।
15 साल से निशुल्क ट्रेनिंग दे रहे कोच, कई नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी किए तैयार
उमरा में कोच मनजीत मलिक 15 साल से खिलाड़ियों को निशुल्क ट्रेनिंग दे रहे हैं। अब तक यहां से 9 इंटरनेशनल और 100 से ज्यादा नेशनल खिलाड़ी निकल चुके हैं। वर्तमान समय में यहां 50 खिलाड़ी तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें 40 नेशनल और पांच इंटरनेशनल खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं मनजीत मलिक के साथ कोच ज्योति मलिक भी खिलाड़ियों को अभ्यास करवा रही हैं।