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प्रदेश में स्वच्छता रैंकिंग में हिसार का 10वां नंबर
amarujala/Hisar
Updated Thu, 04 May 2017 11:27 PM IST
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देश के 434 शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारे हिसार शहर की 291वीं रैंक आई है। सर्वेक्षण में प्रदेश के 18 शहरों को शामिल किया गया था। इनमें से हिसार की प्रदेेश स्तर पर रैंकिंग में 10वां स्थान है। हमारे शहर से नौ शहर स्वच्छता यानी साफ-सफाई में हमसे आगे हैं। इसके अलावा आठ शहर ऐसे भी हैं, जो हमारे शहर से सफाई मामले में पिछड़े हुए हैं।
पड़ोसी शहर जींद, सिरसा कैथल भी हमसे आगे
स्वच्छता मामले में हिसार शहर को पड़ोसी शहर भी पछाड़ गए हैं। हमारे शहर से तो स्वच्छता के मामले में पड़ोसी शहर की रैंक, जिनमें जींद 265वीं, सिरसा 274वीं, कैथल, 282वीं आई है। करनाल की 65वीं रैंक, फरीदाबाद की 88वीं, गुरुग्राम की 112वीं, पंचकूला की 211वीं, सोनीपत की 243वीं, थानेसर की 253वीं रैंक आई है।
ये शहर पिछड़े
हमारे शहर से स्वच्छता के मामले में आठ शहर पिछड़े भी हैं। इनमें रोहतक की 295वीं, रेवाड़ी की 303वीं, अंबाला सदर 308वीं, पानीपत 335वीं, भिवानी 345वीं, यमुनानगर 346वीं, बहादुरगढ़ 353वीं, पलवल की 397वीं रैंक आई है।
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ओडीएफ और जागरूकता न करना ले डूबी रैंक
स्वच्छता सर्वेक्षण में हिसार शहर को ओडीएफ और जागरूकता न करना ले डूबा। दूसरा हमारे शहर में कुछ स्थानों को छोड़कर साफ सफाई तो ठीक थी, लेकिन सेग्रीगेशन न करना, बेसहारा पशुओं की समस्या, खुले में शौच यानी ओडीएफ न होना निगम के नेगेटिव प्वाइंट रहे। निगम ने कम्युनिटी टॉयलेट भी ठीक मेनटेन नहीं किए हुए थे। न ही उन पर जागरूकता के बोर्ड थे। साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर भी लोगों को जागरूक नहीं किया गया। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर आम लोगों द्वारा टाल फ्री नंबर पर कॉल भी नहीं की गई। क्योंकि लोगों को इसके बारे में जानकारी थी ही नहीं और निगम अधिकारियों ने जहमत ही नहीं उठाई।
स्मार्ट सिटी की दौड़ में भी पिछड़ा था शहर, आई थी 350वीं रैंक
हिसार शहर स्मार्ट सिटी की दौड़ में भी पिछड़ गया था। स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में हमारे शहर की देशभर में 350वीं रैंक आई थी। उस वक्त भी जिला प्रशासन व निगम अधिकारियों की अनदेखी के कारण ऐसा हुआ था। जिला प्रशासन ने एग्जाम से पहले एक तरह से तैयारी ही नहीं की। अब स्वच्छता सर्वेक्षण में भी ऐसा ही हाल था। एग्जाम से पहले अब भी तैयारी नहीं की गई। जब शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण किया जा रहा था तब तो रातों रात नगर निगम ने जागरूकता बारे होर्डिंग्स लगाए थे।
शहर को साफ-सुथरा रखने संबंधित किसी भी मामले में चाहे ओडीएफ को लेकर हो या पशु मुक्त शहर के मामले में निगम ईमानदारी से काम कर रहा है। निगम ने अच्छे प्रयास किए थे। आगे और रैंक में सुधार होगा, हमारे प्रयास जारी रहेंगे।
- रामजीलाल, एक्सईएन नगर निगम
स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारा शहर पिछड़ा है, जिसके जिम्मेवार निगम के अधिकारी हैं। निगम ने आज तक शहर को ओडीएफ नहीं किया है। पहले हमारा शहर स्मार्ट सिटी में पिछड़ गया, अब स्वच्छता सर्वेक्षण में।
- शकुंतला, राजलीवाला, मेयर हिसार
जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। अच्छे के प्रयास जारी रहेंगे। वैसे सफाई के मामले में हमारा शहर काफी अच्छा है और बेहतर करने की प्लानिंग की जाएगी।
- अशोक बंसल, कमिश्नर नगर निगम
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पड़ोसी शहर जींद, सिरसा कैथल भी हमसे आगे
स्वच्छता मामले में हिसार शहर को पड़ोसी शहर भी पछाड़ गए हैं। हमारे शहर से तो स्वच्छता के मामले में पड़ोसी शहर की रैंक, जिनमें जींद 265वीं, सिरसा 274वीं, कैथल, 282वीं आई है। करनाल की 65वीं रैंक, फरीदाबाद की 88वीं, गुरुग्राम की 112वीं, पंचकूला की 211वीं, सोनीपत की 243वीं, थानेसर की 253वीं रैंक आई है।
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ये शहर पिछड़े
हमारे शहर से स्वच्छता के मामले में आठ शहर पिछड़े भी हैं। इनमें रोहतक की 295वीं, रेवाड़ी की 303वीं, अंबाला सदर 308वीं, पानीपत 335वीं, भिवानी 345वीं, यमुनानगर 346वीं, बहादुरगढ़ 353वीं, पलवल की 397वीं रैंक आई है।
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ओडीएफ और जागरूकता न करना ले डूबी रैंक
स्वच्छता सर्वेक्षण में हिसार शहर को ओडीएफ और जागरूकता न करना ले डूबा। दूसरा हमारे शहर में कुछ स्थानों को छोड़कर साफ सफाई तो ठीक थी, लेकिन सेग्रीगेशन न करना, बेसहारा पशुओं की समस्या, खुले में शौच यानी ओडीएफ न होना निगम के नेगेटिव प्वाइंट रहे। निगम ने कम्युनिटी टॉयलेट भी ठीक मेनटेन नहीं किए हुए थे। न ही उन पर जागरूकता के बोर्ड थे। साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर भी लोगों को जागरूक नहीं किया गया। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर आम लोगों द्वारा टाल फ्री नंबर पर कॉल भी नहीं की गई। क्योंकि लोगों को इसके बारे में जानकारी थी ही नहीं और निगम अधिकारियों ने जहमत ही नहीं उठाई।
स्मार्ट सिटी की दौड़ में भी पिछड़ा था शहर, आई थी 350वीं रैंक
हिसार शहर स्मार्ट सिटी की दौड़ में भी पिछड़ गया था। स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में हमारे शहर की देशभर में 350वीं रैंक आई थी। उस वक्त भी जिला प्रशासन व निगम अधिकारियों की अनदेखी के कारण ऐसा हुआ था। जिला प्रशासन ने एग्जाम से पहले एक तरह से तैयारी ही नहीं की। अब स्वच्छता सर्वेक्षण में भी ऐसा ही हाल था। एग्जाम से पहले अब भी तैयारी नहीं की गई। जब शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण किया जा रहा था तब तो रातों रात नगर निगम ने जागरूकता बारे होर्डिंग्स लगाए थे।
शहर को साफ-सुथरा रखने संबंधित किसी भी मामले में चाहे ओडीएफ को लेकर हो या पशु मुक्त शहर के मामले में निगम ईमानदारी से काम कर रहा है। निगम ने अच्छे प्रयास किए थे। आगे और रैंक में सुधार होगा, हमारे प्रयास जारी रहेंगे।
- रामजीलाल, एक्सईएन नगर निगम
स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारा शहर पिछड़ा है, जिसके जिम्मेवार निगम के अधिकारी हैं। निगम ने आज तक शहर को ओडीएफ नहीं किया है। पहले हमारा शहर स्मार्ट सिटी में पिछड़ गया, अब स्वच्छता सर्वेक्षण में।
- शकुंतला, राजलीवाला, मेयर हिसार
जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। अच्छे के प्रयास जारी रहेंगे। वैसे सफाई के मामले में हमारा शहर काफी अच्छा है और बेहतर करने की प्लानिंग की जाएगी।
- अशोक बंसल, कमिश्नर नगर निगम