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Hisar News: 8 साल पुराने विनय हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद
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हिसार। करीब आठ साल पुराने विनय हत्याकांड में हिसार की अतिरिक्त सत्र अदालत ने रविंदर उर्फ गोलू, साहिल और वारदात के समय नाबालिग रहे एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
रविंदर और साहिल पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना लगाने के साथ शस्त्र अधिनियम के तहत अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई है। तीसरे दोषी पर भी एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। किशोर न्याय अधिनियम के तहत उसकी रिहाई की संभावना बरकरार रखी गई है।
मामला 21 अगस्त 2018 का है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने विनय को गोली मारे जाने पर हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, समान आशय और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। 29 अगस्त को उपचार के दौरान विनय की मौत के बाद हत्या की धारा जोड़ी गई।
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अभियोजन के अनुसार, विनय 21 अगस्त की सुबह बच्चों को स्कूल में खाना देने के लिए निकले थे। करीब 10:30 बजे सेक्टर-13/16-17 क्षेत्र में उनके भाई विकास ने उन्हें मोटरसाइकिल पर आते देखा। तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों में से पीछे बैठे युवक ने उनके सिर के पास गोली चला दी।
विकास ने हमलावर की पहचान रविंदर उर्फ गोलू के तौर पर की। गंभीर हालत में विनय को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां 29 अगस्त को उनकी मौत हो गई।
अदालत में गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और बरामदगी पेश की गई। अदालत ने माना कि साहिल और वारदात के समय नाबालिग रहे आरोपी ने पहले विनय के घर के आसपास रेकी की थी। साहिल ने उनकी गतिविधियों की जानकारी रविंदर तक पहुंचाई थी।
मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम से गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। डॉक्टर के अनुसार गोली दाहिने कान के पास लगी थी। वहीं, रविंदर के खुलासे पर बरामद .315 बोर पिस्तौल को एफएसएल जांच में विनय के शरीर से मिली गोली से जोड़ा गया। अदालत ने रविंदर को हत्या और बिना लाइसेंस हथियार रखने का दोषी माना।
किशोर न्याय अधिनियम के तहत वारदात के समय नाबालिग रहे दोषी को ऐसी उम्रकैद नहीं दी जा सकती, जिसमें रिहाई की कोई संभावना न हो। अब बालिग हो चुके दोषी के सुधारात्मक बदलावों और रिहाई की संभावना का आकलन प्रोबेशन अधिकारी या जिला बाल संरक्षण इकाई करेगी।
अदालत ने विनय के कानूनी वारिसों को मुआवजा देने की सिफारिश भी की है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हिसार के सचिव को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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रविंदर और साहिल पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना लगाने के साथ शस्त्र अधिनियम के तहत अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई है। तीसरे दोषी पर भी एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। किशोर न्याय अधिनियम के तहत उसकी रिहाई की संभावना बरकरार रखी गई है।
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मामला 21 अगस्त 2018 का है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने विनय को गोली मारे जाने पर हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, समान आशय और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। 29 अगस्त को उपचार के दौरान विनय की मौत के बाद हत्या की धारा जोड़ी गई।
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अभियोजन के अनुसार, विनय 21 अगस्त की सुबह बच्चों को स्कूल में खाना देने के लिए निकले थे। करीब 10:30 बजे सेक्टर-13/16-17 क्षेत्र में उनके भाई विकास ने उन्हें मोटरसाइकिल पर आते देखा। तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों में से पीछे बैठे युवक ने उनके सिर के पास गोली चला दी।
विकास ने हमलावर की पहचान रविंदर उर्फ गोलू के तौर पर की। गंभीर हालत में विनय को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां 29 अगस्त को उनकी मौत हो गई।
अदालत में गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और बरामदगी पेश की गई। अदालत ने माना कि साहिल और वारदात के समय नाबालिग रहे आरोपी ने पहले विनय के घर के आसपास रेकी की थी। साहिल ने उनकी गतिविधियों की जानकारी रविंदर तक पहुंचाई थी।
मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम से गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। डॉक्टर के अनुसार गोली दाहिने कान के पास लगी थी। वहीं, रविंदर के खुलासे पर बरामद .315 बोर पिस्तौल को एफएसएल जांच में विनय के शरीर से मिली गोली से जोड़ा गया। अदालत ने रविंदर को हत्या और बिना लाइसेंस हथियार रखने का दोषी माना।
किशोर न्याय अधिनियम के तहत वारदात के समय नाबालिग रहे दोषी को ऐसी उम्रकैद नहीं दी जा सकती, जिसमें रिहाई की कोई संभावना न हो। अब बालिग हो चुके दोषी के सुधारात्मक बदलावों और रिहाई की संभावना का आकलन प्रोबेशन अधिकारी या जिला बाल संरक्षण इकाई करेगी।
अदालत ने विनय के कानूनी वारिसों को मुआवजा देने की सिफारिश भी की है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हिसार के सचिव को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।