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किलिमंजारो फतेह, लेकिन नहीं लौटे रोहताश खिलेरी, ढूंढने के लिए रेस्क्यू टीम रवाना

Wed, 24 Mar 2021 01:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Mar 2021 01:19 AM IST
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Hisar's mountaineer Rohash khileri  missing on Kilimanjaro mountain
किलिमंजारो पर झंडा फहराते रोहताश खिलेरी व अनु यादव। - फोटो : Hisar
हिसार। जिले के गांव मलापुर निवासी पर्वतारोही रोहताश खिलेरी को अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो फतेह किए हुए 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन वे अभी तक वहां से लौटे नहीं हैं। उन्हें ढूंढने के लिए रेस्क्यू टीम रवाना हो चुकी है।
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उनके साथ गईं शहर के विद्युत नगर निवासी अनु यादव किलिमंजारो फतेह करने के बाद लौट चुकी हैं। रोहताश खिलेरी किलिमंजारो पर 24 घंटे बिताने का रिकॉर्ड बनाने के लिए चोटी पर ही रुक गए थे। अनु यादव के अनुसार रोहताश खिलेरी को 24 घंटे बिताने के बाद सोमवार रात तक नीचे उतरना चाहिए था, लेकिन वह अभी तक लापता हैं।
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रोहताश खिलेरी इस चोटी के साथ-साथ माउंट एवरेस्ट को पहले भी फतेह कर चुके हैं और इस बार अपनी शिष्या अनु यादव के साथ वे रिकॉर्ड बनाने के लिए शिखर पर पहुंचे थे। वहीं अनु यादव फतेहाबाद के बुवान गांव की निवासी हैं। लंबे समय से हिसार विद्युत नगर में अपने परिवार के साथ रह रही हैं, जहां उसके पिता ओमबीर यादव विद्युत निगम में कार्यरत हैं।
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17 मार्च को शुरू की चढ़ाई, सोमवार रात तक लौट आना चाहिए था
अनु यादव के अनुसार हमने 17 मार्च को किलिमंजारो नेशनल पार्क से माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई शुरू की थी और 19 मार्च को हम दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर कीबो हट पहुंच गए थे जो 4720 मीटर की ऊंचाई पर है। वहां मुझे सिरदर्द होने लगा। इस पर कुछ समय आराम करके हमने रात करीब डेढ़ बजे फिर से माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई शुरू की। करीब 5681 मीटर की ऊंचाई पर गिलमंस पॉइन पर मेरी तबीयत काफी खराब हो गई और हमे शिखर तक पहुंचना था। 20 मार्च दोपहर के अफ्रीका के टाइम अनुसार दो बजे तक हम दोनों 5756 मीटर ऊंचाई पर स्टेला प्वाइंट तक ही पहुंच पाए। उस समय शाम होने को थी और मौसम भी खराब था, इसलिए हमने वहीं पर रुकने का निर्णय लिया। 21 मार्च सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर हम माउंट किलिमंजारो की अंतिम चढ़ाई के लिए निकले। अफ्रीका के टाइम 11 बजकर 45 मिनट पर हम दोनों चोटी के शिखर पर पहुंचे और दोनों ने मिलकर तिरंगे झंडे को लहराया। हमारा प्रयास था कि हमें चोटी पर 24 घंटे रुककर नया रिकॉर्ड बनाना है। मगर मेरी तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी और जिस कारण मैं शिखर पर रुकने में सक्षम नहीं थी। इस कारण मैंने नीचे जाने का निर्णय लिया। मगर रोहताश खिलेरी ने कहा कि अगर मैं अभी नहीं रुका तो मुझे माउंट एवरेस्ट पर 24 घंटे रुकने की भी अनुमति नहीं मिलेगी और मैं कभी यह रिकॉर्ड नहीं बना सकूंगा। उन्होंने मुझे गाइड के साथ नीचे भेज दिया और वे वहीं पर रुक गए। अनु यादव ने चिंता जताई कि रोहताश खिलेरी को सोमवार देर रात तक नीचे पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन वे अभी तक लापता है और उनकी कोई जानकारी नहीं मिली है। रेस्क्यू टीम ऊपर गई हुई है। भगवान करे वे सही सलामत हों।
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