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ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी मामले में सीआईए के हत्थे चढ़ा आरोपी, चार दिन के रिमांड पर
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ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में सीआईए ने जयपुर निवासी आरोपी आशुतोष जलानी को शुक्रवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसका चार दिन का रिमांड हासिल किया है। अब मामले के संबंध में अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने 11 मार्च 2020 को मय्यड़ गांव स्थित कड़वासरा ट्रेडिंग कंपनी के मालिक देशपाल की शिकायत पर केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में देशपाल ने बताया था कि एक दिन वह एक ऑनलाइन शॉपिंग प्रा.लि. के बिजनेस हेड आशुतोष संपर्क में आया।
आशुतोष ने देशपाल से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती की और उसे कंपनी के बारे में जानकारी देनी चाही, इसके लिए वह विस्तार से जानकारी देने के लिए आशुतोष ने हिसार के एक होटल में आकर उससे व उसके दोस्त पीयूष से मुलाकात की। उस दौरान उसने कंपनी कैश बैक पॉलिसी, सदस्यता व चेन सिस्टम के बारे में जानकारी दी। आशुतोष ने बताया था कि उसकी कंपनी पंजीकृत है। जो पूरे देश में स्नैपडील, फ्लिपकार्ट, एमाजोन व मयंत्रा के माध्यम से ऑनलाइन व्यवसाय करती है। देशपाल ने शिकायत में बताया था कि आरोपी आशुतोष ने उसे दो माह में रकम दोगुनी करने का दावा किया था।
देशपाल ने बताया था कि उसने तीन अगस्त 2019 को आशुतोष के खाते में एक लाख रुपये जमा करवा दिए थे। इसके बाद आशुतोष ने 9 अगस्त 2019 को उसकी बैठक कंपनी के पार्टनर लोकेंद्र के साथ करवाई। उस दिन देशपाल ने उसे एक लाख रुपये दे दिए। उसके बाद आशुतोष ने उसे व्यवसाय के संबंध में सात सितंबर 2019 को जयपुर बुलाया। वहां भी देशपाल ने उसे दो लाख रुपये व एक लाख 70 हजार रुपये खाते से ट्रांसफर किए। आठ सितंबर 2019 को फिर से 50 हजार रुपये फाइल चार्ज के रूप में दिए। 27 सितंबर को 201980 हजार रुपये व पांच लाख रुपये और दिए। देशपाल ने बताया था कि इस बीच उसने अपने दोस्तों से भी कंपनी में निवेश के लिए 15 लाख, 40 हजार रुपये, 50 हजार रुपये व 38 हजार रुपये जमा करवाए थे।
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देशपाल ने शिकायत में बताया था कि जब उसने आरोपी आशुतोष से 100 प्रतिशत कैश बैक स्कीम राशि और चेन सिस्टम के कमीशन के साथ अपनी मूल राशि वापस करने की मांग की तो आशुतोष ने उसे आश्वासन दिया कि अभी कंपनी हरियाणा में कारोबार के शुरुआती चरण में है और कुछ मुद्दे लंबित हैं, जैसे जीएसटी और एनओसी आदि। देशपाल का आरोप था कि 10 दिसंबर 2019 को उसने आशुतोष के कार्यालय का दौरा किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित देशपाल का आरोप था कि आरोपी ने उससे 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
मामले में सीआईए का कहना है कि आरोपी आशुतोष को उसके कार्यालय ले जाया जाएगा और वहां से रिकवरी की जाएगी। इसके अलावा आरोपी के अन्य साथियों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। आरोपी से ये भी पूछा जाएगा कि इससे पहले किस-किससे ठगी की है।
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आशुतोष ने देशपाल से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती की और उसे कंपनी के बारे में जानकारी देनी चाही, इसके लिए वह विस्तार से जानकारी देने के लिए आशुतोष ने हिसार के एक होटल में आकर उससे व उसके दोस्त पीयूष से मुलाकात की। उस दौरान उसने कंपनी कैश बैक पॉलिसी, सदस्यता व चेन सिस्टम के बारे में जानकारी दी। आशुतोष ने बताया था कि उसकी कंपनी पंजीकृत है। जो पूरे देश में स्नैपडील, फ्लिपकार्ट, एमाजोन व मयंत्रा के माध्यम से ऑनलाइन व्यवसाय करती है। देशपाल ने शिकायत में बताया था कि आरोपी आशुतोष ने उसे दो माह में रकम दोगुनी करने का दावा किया था।
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देशपाल ने बताया था कि उसने तीन अगस्त 2019 को आशुतोष के खाते में एक लाख रुपये जमा करवा दिए थे। इसके बाद आशुतोष ने 9 अगस्त 2019 को उसकी बैठक कंपनी के पार्टनर लोकेंद्र के साथ करवाई। उस दिन देशपाल ने उसे एक लाख रुपये दे दिए। उसके बाद आशुतोष ने उसे व्यवसाय के संबंध में सात सितंबर 2019 को जयपुर बुलाया। वहां भी देशपाल ने उसे दो लाख रुपये व एक लाख 70 हजार रुपये खाते से ट्रांसफर किए। आठ सितंबर 2019 को फिर से 50 हजार रुपये फाइल चार्ज के रूप में दिए। 27 सितंबर को 201980 हजार रुपये व पांच लाख रुपये और दिए। देशपाल ने बताया था कि इस बीच उसने अपने दोस्तों से भी कंपनी में निवेश के लिए 15 लाख, 40 हजार रुपये, 50 हजार रुपये व 38 हजार रुपये जमा करवाए थे।
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देशपाल ने शिकायत में बताया था कि जब उसने आरोपी आशुतोष से 100 प्रतिशत कैश बैक स्कीम राशि और चेन सिस्टम के कमीशन के साथ अपनी मूल राशि वापस करने की मांग की तो आशुतोष ने उसे आश्वासन दिया कि अभी कंपनी हरियाणा में कारोबार के शुरुआती चरण में है और कुछ मुद्दे लंबित हैं, जैसे जीएसटी और एनओसी आदि। देशपाल का आरोप था कि 10 दिसंबर 2019 को उसने आशुतोष के कार्यालय का दौरा किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित देशपाल का आरोप था कि आरोपी ने उससे 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
मामले में सीआईए का कहना है कि आरोपी आशुतोष को उसके कार्यालय ले जाया जाएगा और वहां से रिकवरी की जाएगी। इसके अलावा आरोपी के अन्य साथियों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। आरोपी से ये भी पूछा जाएगा कि इससे पहले किस-किससे ठगी की है।