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लुवास में पहली बार केवल नीट के आधार पर होंगे बीवीएससी में दाखिले
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लाला लाजपत राय पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय (लुवास) में बैचलर ऑफ वेटरनेरी साइंस ऐंड एनिमल हस्बेंडरी (बीवीएससी ऐंड एएच) कोर्स में इस बार दाखिला केवल नीट की परीक्षा के माध्यम से ही होगा। इस बार विवि प्रशासन अलग से कोई प्रवेश परीक्षा नहीं लेगा।
सार्वजनिक क्षेत्र का लुवास ही प्रदेश का एकमात्र शिक्षण संस्थान है, जहां विद्यार्थियों को यह कोर्स करवाया जाता है। ऐसे में कोरोना के कारण नीट की परीक्षा में होने वाली देरी का असर लुवास की दाखिला प्रक्रिया पर भी सीधा पड़ेगा। वहीं, वेटरनेरी डिप्लोमा कोर्सों के लिए विवि प्रशासन द्वारा प्रवेश परीक्षा ली जाएगी। हालांकि दाखिले से संबंधित शेड्यूल मई-जून में ही घोषित किए जाने की संभावना है।
कुल 87 सीटों में से 85 प्रतिशत हरियाणा के लिए आरक्षित
लुवास में बीवीएससी में कुल 87 सीटें हैं। इनमें से 85 प्रतिशत सीटें हरियाणा के विद्यार्थियों के आरक्षित हैं। कुल 87 सीटों में से 67 सीटें हरियाणा के लिए, ऑल इंडिया के लिए 11 सीटें, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए दो सीटें, एनआरआई के लिए पांच सीटें और दो सीटें भूटान देश के लिए निर्धारित हैं। पहले विवि में बीवीएससी में दाखिला लुवास द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा, वीसीआई द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा और नीट की परीक्षा के आधार पर होता था। अब केवल नीट के आधार पर दाखिले होंगे।
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यह है बीवीएससी ऐंड एएच कोर्स
इस कोर्स में पशुओं की शारीरिक प्रक्रिया से लेकर उनकी साइकोलॉजी, उनकी बीमारियां, बीमारियों से पशु के शरीर में होने वाले बदलाव, किस किटाणु से बीमारी पैदा हुई, उसके लिए कैसी, कौन सी दवा हो, गंभीर बीमारी की सर्जरी कैसे हो आदि के बारे में पढ़ाया जाता है।
कोट
पहले बीवीएससी ऐंड एएच में प्रवेश लेने के लिए विभिन्न राज्यों के पशु विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग फार्म भरे जाते थे। एक विद्यार्थी को कई संस्थानों के फार्म भरने पड़ते थे और उन्हें परीक्षा के लिए उन राज्यों में जाना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसी कारण देश में नीट से ही दाखिले का निर्णय लिया गया था, जो इस बार लागू हो रहा है।
- डॉ. हरीश गुलाटी, रजिस्ट्रार, लुवास
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सार्वजनिक क्षेत्र का लुवास ही प्रदेश का एकमात्र शिक्षण संस्थान है, जहां विद्यार्थियों को यह कोर्स करवाया जाता है। ऐसे में कोरोना के कारण नीट की परीक्षा में होने वाली देरी का असर लुवास की दाखिला प्रक्रिया पर भी सीधा पड़ेगा। वहीं, वेटरनेरी डिप्लोमा कोर्सों के लिए विवि प्रशासन द्वारा प्रवेश परीक्षा ली जाएगी। हालांकि दाखिले से संबंधित शेड्यूल मई-जून में ही घोषित किए जाने की संभावना है।
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कुल 87 सीटों में से 85 प्रतिशत हरियाणा के लिए आरक्षित
लुवास में बीवीएससी में कुल 87 सीटें हैं। इनमें से 85 प्रतिशत सीटें हरियाणा के विद्यार्थियों के आरक्षित हैं। कुल 87 सीटों में से 67 सीटें हरियाणा के लिए, ऑल इंडिया के लिए 11 सीटें, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए दो सीटें, एनआरआई के लिए पांच सीटें और दो सीटें भूटान देश के लिए निर्धारित हैं। पहले विवि में बीवीएससी में दाखिला लुवास द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा, वीसीआई द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा और नीट की परीक्षा के आधार पर होता था। अब केवल नीट के आधार पर दाखिले होंगे।
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यह है बीवीएससी ऐंड एएच कोर्स
इस कोर्स में पशुओं की शारीरिक प्रक्रिया से लेकर उनकी साइकोलॉजी, उनकी बीमारियां, बीमारियों से पशु के शरीर में होने वाले बदलाव, किस किटाणु से बीमारी पैदा हुई, उसके लिए कैसी, कौन सी दवा हो, गंभीर बीमारी की सर्जरी कैसे हो आदि के बारे में पढ़ाया जाता है।
कोट
पहले बीवीएससी ऐंड एएच में प्रवेश लेने के लिए विभिन्न राज्यों के पशु विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग फार्म भरे जाते थे। एक विद्यार्थी को कई संस्थानों के फार्म भरने पड़ते थे और उन्हें परीक्षा के लिए उन राज्यों में जाना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसी कारण देश में नीट से ही दाखिले का निर्णय लिया गया था, जो इस बार लागू हो रहा है।
- डॉ. हरीश गुलाटी, रजिस्ट्रार, लुवास