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5 जिलों के किसानों ने दिया 40 दिन का अल्टीमेटम

Tue, 22 Dec 2015 12:36 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो Updated Tue, 22 Dec 2015 12:36 AM IST
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five cities farmar protest

मुआवजे सहित 8 मांगों को लेकर लघु सचिवालय का घेराव करने पहुंचे किसानों ने सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

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आचार संहिता समाप्त होते ही किसानों को मुआवजा जारी करते हुए समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो फरवरी माह के पहले सप्ताह में किसान लघु सचिवालय में महापड़ाव डाल देंगे।

हिसार मंडल के हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी जिले से आए किसान सभा के सदस्यों ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित मंडल आयुक्त कार्यालय का घेराव किया।

घेराव की अध्यक्षता किसान सभा के राज्य अध्यक्ष शेर सिंह ने की। जनसभा में 8 सूत्रीय मांग पत्र किसान सभा हरियाणा के महासचिव पूर्व विधायक हरपाल सिंह ने प्रस्तुत किया।
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उन्होंने कहा कि लगातार चार फसलें खराब होने के चलते किसान कर्जदार हो गए हैं। मजबूरी में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार किसानों को मुआवजा देने की बजाए लगातार ड्रामेबाजी कर रही है।
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गाय पर राजनीति की बजाए किसानों के लिए मुसीबत बन गए लावारिस पशुओं के लिए प्रबंध करे। किसान मजदूर गीता के कर्म संदेश को अपने जीवन में सबसे बेहतर ढंग से अपनाते हैं।

इस कारण गीता जयंती स्टेडियम में मनाने की जरूरत नहीं। कर्जदार हो चुके किसानों की मदद करते हुए उनके कर्ज माफ करें। महंगे बिजली बिलों का बोझ कम किया जाए।

किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कृष्णा प्रसाद ने कहा कि भाजपा बड़े पूंजीपतियों के लिए सारा खजाना लूटा रही है। कृषि, शिक्षा, रोजगार एवं कल्याणकारी योजनाओं को खत्म कर रही है।

इंद्रजीत बोले-  गांव में चाय पीने को तरस जाएंगे मंत्री जी
किसान सभा के राज्य उप प्रधान इंद्रजीत सिंह ने कहा कि यही हाल रहा तो सरकार के मंत्री गांवों में चाय पीने को तरस जाएंगे। किसानों की जमीनों की कुर्की के आदेश रद नहीं किए तो भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा।

गीता जयंती मनाने के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद करने की बजाए किसान मजदूरों के लिए योजनाएं बनाएं। सबसे अग्रणी हरियाणा में सबसे अधिक संख्या में किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।

मजबूर किसानों को प्रदेश के कृषि मंत्री कायर बता रहे हैं। किसान का अनाज व्यापारी के पास जाते ही कई गुणा भाव हो जाते हैं। धान सस्ता चावल महंगा है। चना सस्ता दाल महंगी, कपास सस्ती कॉटन महंगी, सरसों सस्ती तेल महंगा मिलता है।

इन्होंने भी किया संबोधित
प्रदर्शनकारियों को किसान सभा के उप प्रधान फूलसिंह श्योकंद, प्रदीप सिंह, खेत मजदूर नेता रामअवतार सुलचानी, रामचंद्र सहनाल, महिला नेता शकुंतला जाखड़, युवा नेता दिनेश सिवाच, किसान नेता सुनीता कुंगड, विनोद सुलचानी, रामस्वरूप ढाणी गोपाल, राजकुमार, प्रकाशचंद्र, आरसी जग्गा, ओमप्रकाश भिवानी सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया।

अब चुनाव का अधिकार भी छीन लिया
इंद्रजीत ने उपस्थित भीड़ से पूछा दसवीं पास कितने हैं। जवाब में कुछ ही लोगों ने हाथ उठाया। जिस पर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि यहां बैठे 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों पर सरकार ने चुनाव पर रोक लगा दी है।


जो 50-100 पढे़ लिखे बैठे हैं वो कर्ज के कारण चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। सरकार ने चुनाव का अधिकार भी छीन लिया है।

क्रांतिमान से लघु सचिवालय तक पैदल मार्च
पांच जिलों के किसान बुधवार सुबह 11 बजे क्रांतिमान पार्क में एकत्र हुए। यहां से हाथों में झंडे बैनर लेकर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे।

यहां नारेबाजी करते हुए करीब ढाई घंटे तक लघु सचिवालय के मेन गेट पर घेराव रखा। किसानों के घेराव के चलते यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

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