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छह दिन बाद भी किसानों ने नहीं खोला खेड़ी चौपटा तहसील पर जड़ा ताला, तहसीलदार को बैरंग लौटाया
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नारनौंद। फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने छह दिन बाद भी खेड़ी चौपटा तहसील कार्यालय पर जड़ा ताला नहीं खोला है। सोमवार को तहसीलदार परमवीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ तहसील परिसर में ताला खुलवाने के लिए पहुंचे लेकिन किसानों ने उन्हें बैरंग लौटा दिया और कहा कि जब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक तहसील का ताला नहीं खोला जाएगा।
किसान नेता सुरेश कोथ, उमेद लोहान, देववृत ढांडा, राजकुमार राखी, रवि आजाद, मनोज राठी, मीरा मिर्चपुर, देवेन्द्र ढांडा, रमेश पार्षद, दिनेश राखी, रणधीर मिलकपुर, पूर्व सरपंच रघुबीर सिंह, सुरजीत कोथ, संदीप लोरा समेत महिलाएं तहसील परिसर के बाहर धरने पर बैठी हुई हैं। वहीं प्रदेश के अलग-अलग जगहों से किसानों को भारी समर्थन मिल रहा है। सोमवार की सुबह जब नायब तहसीलदार परमवीर सिंह ताला खुलवाने के लिए तहसील में पहुंचे तो किसानों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें बिना ताला खोले लौटने पर मजबूर कर दिया। किसान नेता सुरेश कोथ ने बताया कि खेड़ी तहसील के 17 गांवों में फसल में नुकसान हो गया था और अधिकारियों ने गिरदावरी के नाम पर खानापूर्ति कर इस नुकसान को शून्य दिखा दिया। इस कारण एक गांव के हजारों किसान मुआवजे से वंचित रह गए। इसके विरोध में 16 मार्च से किसानों ने तहसील परिसर को ताला लगाकर उसके बाहर ही धरना शुरू कर दिया था।
मुआवजे के लिए जिला उपायुक्त ने छह अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। पूरा मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है तहसील को ताला लगाना गलत है। किसानों की जो समस्या है उसका समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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- परमवीर सिंह, नायब तहसीलदार खेड़ी चौपटा।
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किसान नेता सुरेश कोथ, उमेद लोहान, देववृत ढांडा, राजकुमार राखी, रवि आजाद, मनोज राठी, मीरा मिर्चपुर, देवेन्द्र ढांडा, रमेश पार्षद, दिनेश राखी, रणधीर मिलकपुर, पूर्व सरपंच रघुबीर सिंह, सुरजीत कोथ, संदीप लोरा समेत महिलाएं तहसील परिसर के बाहर धरने पर बैठी हुई हैं। वहीं प्रदेश के अलग-अलग जगहों से किसानों को भारी समर्थन मिल रहा है। सोमवार की सुबह जब नायब तहसीलदार परमवीर सिंह ताला खुलवाने के लिए तहसील में पहुंचे तो किसानों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें बिना ताला खोले लौटने पर मजबूर कर दिया। किसान नेता सुरेश कोथ ने बताया कि खेड़ी तहसील के 17 गांवों में फसल में नुकसान हो गया था और अधिकारियों ने गिरदावरी के नाम पर खानापूर्ति कर इस नुकसान को शून्य दिखा दिया। इस कारण एक गांव के हजारों किसान मुआवजे से वंचित रह गए। इसके विरोध में 16 मार्च से किसानों ने तहसील परिसर को ताला लगाकर उसके बाहर ही धरना शुरू कर दिया था।
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मुआवजे के लिए जिला उपायुक्त ने छह अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। पूरा मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है तहसील को ताला लगाना गलत है। किसानों की जो समस्या है उसका समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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- परमवीर सिंह, नायब तहसीलदार खेड़ी चौपटा।