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निलंबित तीन डॉक्टरों को बहाल करने के लिए दिया तीन दिन का अल्टीमेटम
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हिसार। जिला नागरिक अस्पताल के निलंबित किए गए तीनों डॉक्टरों को बहाल करने के लिए अस्पताल के सभी डॉक्टरों ने प्रशासन को तीन दिन का समय दिया है। मंगलवार को जिले के सभी डॉक्टरों ने इस संबंध में आपातकालीन बैठक की।
सभी डॉक्टरों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा तीन दिनों में तीनों डॉक्टर को बहाल नहीं किया गया तो वे सोमवार से रोष प्रदर्शन करेंगे। जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल के डॉ. प्रेम के शराब पीने की आशंका पर मेडिकल करवाने के लिए बनाए बोर्ड में ये तीनों डॉक्टर शामिल थे। बैठक में जिला प्रधान डॉ. कामिद मोंगा, डॉ.पूनम दहिया, डॉ. राजीव डाबला, डॉ. नीरज खटक, डॉ. गुलशन मेहता, डॉ. मनीष पचार, डॉ. अजीत लाठर, डॉ. विष्णु मित्तल सहित कई डॉक्टर उपस्थित रहे।
यह था मामला
डॉ. कामिद मोंगा के अनुसार नागरिक अस्पताल के डॉ. प्रेम सिंह इस वर्ष 4 जनवरी को केस के चलते सेशन जज की अदालत में गए थे। उस दौरान सेशन जज ने डॉक्टर पर शराब पीने की आशंका जताई थी। सेशन जज ने डॉ. प्रेम का मेडिकल करवाने को सिविल सर्जन को पत्र भेजा। सिविल सर्जन ने मेडिकल जांच के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाया, जिसमें डॉ. राजीव डाबला, डॉ.पूनम दहिया और डॉ. नीरज खटक शामिल थे। चिकित्सकों के बोर्ड ने डॉ. प्रेम को जांच के लिए ब्लड सैंपल और यूरिन टेस्ट देने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। बोर्ड ने डॉ. प्रेम द्वारा सैंपल नहीं देने के बारे में सिविल सर्जन को लिखित में जानकारी दी, इसकी प्रति सेशन जज को भी भेजी थी। कुछ दिन बाद डॉ. प्रेम का निधन हो गया, जिससे उनका मेडिकल नहीं हो पाया। अब प्रशासन ने बिना किसी जांच के इतने दिन बाद बोर्ड में शामिल तीनों चिकित्सकों को निलंबित कर दिया। डॉ. कामिद ने कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए थी, इसके बाद कोई कार्रवाई होती तो उचित थी। कोरोना काल में वैसे भी डॉक्टरों की कमी है और इस समय प्रशासन का फैसला बिल्कुल गलत है।
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उचित कदम नहीं उठाने पर करेंगे प्रदर्शन
फिलहाल निलंबित किए तीनों डॉक्टरों को बहाल करने के लिए प्रशासन को तीन दिन का समय दिया है। फिर भी उचित कदम नहीं उठाए तो धरना प्रदर्शन करेंगे। फिर प्रदेश के डॉक्टरों को भी साथ लेंगे।
-डॉ. कामिद मोगा, जिला प्रधान, डॉक्टर्स एसोसिएशन, हिसार।
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सभी डॉक्टरों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा तीन दिनों में तीनों डॉक्टर को बहाल नहीं किया गया तो वे सोमवार से रोष प्रदर्शन करेंगे। जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल के डॉ. प्रेम के शराब पीने की आशंका पर मेडिकल करवाने के लिए बनाए बोर्ड में ये तीनों डॉक्टर शामिल थे। बैठक में जिला प्रधान डॉ. कामिद मोंगा, डॉ.पूनम दहिया, डॉ. राजीव डाबला, डॉ. नीरज खटक, डॉ. गुलशन मेहता, डॉ. मनीष पचार, डॉ. अजीत लाठर, डॉ. विष्णु मित्तल सहित कई डॉक्टर उपस्थित रहे।
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यह था मामला
डॉ. कामिद मोंगा के अनुसार नागरिक अस्पताल के डॉ. प्रेम सिंह इस वर्ष 4 जनवरी को केस के चलते सेशन जज की अदालत में गए थे। उस दौरान सेशन जज ने डॉक्टर पर शराब पीने की आशंका जताई थी। सेशन जज ने डॉ. प्रेम का मेडिकल करवाने को सिविल सर्जन को पत्र भेजा। सिविल सर्जन ने मेडिकल जांच के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाया, जिसमें डॉ. राजीव डाबला, डॉ.पूनम दहिया और डॉ. नीरज खटक शामिल थे। चिकित्सकों के बोर्ड ने डॉ. प्रेम को जांच के लिए ब्लड सैंपल और यूरिन टेस्ट देने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। बोर्ड ने डॉ. प्रेम द्वारा सैंपल नहीं देने के बारे में सिविल सर्जन को लिखित में जानकारी दी, इसकी प्रति सेशन जज को भी भेजी थी। कुछ दिन बाद डॉ. प्रेम का निधन हो गया, जिससे उनका मेडिकल नहीं हो पाया। अब प्रशासन ने बिना किसी जांच के इतने दिन बाद बोर्ड में शामिल तीनों चिकित्सकों को निलंबित कर दिया। डॉ. कामिद ने कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए थी, इसके बाद कोई कार्रवाई होती तो उचित थी। कोरोना काल में वैसे भी डॉक्टरों की कमी है और इस समय प्रशासन का फैसला बिल्कुल गलत है।
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उचित कदम नहीं उठाने पर करेंगे प्रदर्शन
फिलहाल निलंबित किए तीनों डॉक्टरों को बहाल करने के लिए प्रशासन को तीन दिन का समय दिया है। फिर भी उचित कदम नहीं उठाए तो धरना प्रदर्शन करेंगे। फिर प्रदेश के डॉक्टरों को भी साथ लेंगे।
-डॉ. कामिद मोगा, जिला प्रधान, डॉक्टर्स एसोसिएशन, हिसार।