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नगर निगम की जमीन पर बने अवैध मकान को तोड़ने के विरोध में भीम आर्मी से किया प्रदर्शन
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हिसार। वार्ड-7 में नगर निगम की जमीन पर बने अवैध मकान को तोड़ने के विरोध में शुक्रवार को भीम आर्मी ने परिवार के साथ नगर निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान भीम आर्मी ने निगम की इस कार्रवाई को गैरकानूनी करार दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।
इससे पहले भीम आर्मी के पदाधिकारी मकान तोड़ने के बाद बेघर हुए परिवार को साथ लेकर दोपहर 12 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही उनकी सुनवाई के लिए निगम के किसी अधिकारी को उनके पास भेजने की बात कही। इस पर निगमायुक्त के पीए प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उनसे यह कहते हुए बात करने से मना कर दिया कि वह सिर्फ निगमायुक्त से ही बात करेंगे।
उधर, निगम प्रशासन ने पुलिस बल को मौके पर बुला लिया। पुलिस कर्मचारियों ने गेट के आगे बैठे प्रदर्शनकारियों को उठाकर पीछे करवा दिया। इसके बाद निगमायुक्त राहुल हुड्डा प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने भीम आर्मी के सदस्यों से कहा कि उक्त परिवार इस मामले में कोर्ट में केस हार चुका था और यह जमीन निगम की है। इसी वजह से वहां बने मकान को गिराकर कब्जे को हटवाया गया है। अगर उन्हें लगता है कि निगम ने गलत कार्रवाई की है तो वह कोर्ट में अपील कर सकते हैं। इस अवसर पर भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष प्रदीप भानखड़, रमेश राणा, संतलाल आंबेडकर, अनिल आदि मौजूद रहे।
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शांति देवी ने जमीन नगर निगम को 99 साल के लिए पट्टे पर दी : निगमायुक्त
इस मामले को लेकर निगमायुक्त राहुल हुड्डा ने बताया कि मोहन लाल की पत्नी शांति देवी ने वर्ष 2007 में यह जमीन नगर निगम को एक रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से 99 साल के लिए पट्टे पर दी थी। कब्जाधारियों का 15 साल से इस जमीन पर कब्जा था। निगम ने कब्जाधारियों को बार-बार जमीन खाली करने के नोटिस दिए थे। अदालत ने भी कब्जाधारियों की अपील को खारिज कर दिया था। इस साल 18 अप्रैल को निगम की टीम कब्जा हटाने गई, तो कब्जाधारियों ने एक माह में स्वयं खाली करने का समय मांगा। मगर जब कब्जाधारियों ने तय समय सीमा में कब्जा नहीं हटाया तो निगम ने कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जा मुक्त करवाया।
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इससे पहले भीम आर्मी के पदाधिकारी मकान तोड़ने के बाद बेघर हुए परिवार को साथ लेकर दोपहर 12 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही उनकी सुनवाई के लिए निगम के किसी अधिकारी को उनके पास भेजने की बात कही। इस पर निगमायुक्त के पीए प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उनसे यह कहते हुए बात करने से मना कर दिया कि वह सिर्फ निगमायुक्त से ही बात करेंगे।
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उधर, निगम प्रशासन ने पुलिस बल को मौके पर बुला लिया। पुलिस कर्मचारियों ने गेट के आगे बैठे प्रदर्शनकारियों को उठाकर पीछे करवा दिया। इसके बाद निगमायुक्त राहुल हुड्डा प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने भीम आर्मी के सदस्यों से कहा कि उक्त परिवार इस मामले में कोर्ट में केस हार चुका था और यह जमीन निगम की है। इसी वजह से वहां बने मकान को गिराकर कब्जे को हटवाया गया है। अगर उन्हें लगता है कि निगम ने गलत कार्रवाई की है तो वह कोर्ट में अपील कर सकते हैं। इस अवसर पर भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष प्रदीप भानखड़, रमेश राणा, संतलाल आंबेडकर, अनिल आदि मौजूद रहे।
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शांति देवी ने जमीन नगर निगम को 99 साल के लिए पट्टे पर दी : निगमायुक्त
इस मामले को लेकर निगमायुक्त राहुल हुड्डा ने बताया कि मोहन लाल की पत्नी शांति देवी ने वर्ष 2007 में यह जमीन नगर निगम को एक रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से 99 साल के लिए पट्टे पर दी थी। कब्जाधारियों का 15 साल से इस जमीन पर कब्जा था। निगम ने कब्जाधारियों को बार-बार जमीन खाली करने के नोटिस दिए थे। अदालत ने भी कब्जाधारियों की अपील को खारिज कर दिया था। इस साल 18 अप्रैल को निगम की टीम कब्जा हटाने गई, तो कब्जाधारियों ने एक माह में स्वयं खाली करने का समय मांगा। मगर जब कब्जाधारियों ने तय समय सीमा में कब्जा नहीं हटाया तो निगम ने कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जा मुक्त करवाया।