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डियर पार्क : बीमार हिरणों के सही उपचार के लिए बनेंगे तीन स्किवेज गेज
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हिसार के डियर पार्क में चारा खाते हिरण। संवाद
- फोटो : Hisar
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हिसार। अब हिसार के डियर पार्क में बीमार हिरणों की पहचान करने व उन्हें सही तरीके से ट्रीटमेंट देने के लिए तीन स्किवेज गेज बनाए जाएंगे। पार्क में बनने वाले तीन गेज हिरणों के साइज के अनुसार होंगे। इस पर करीब पांच लाख रुपये की लागत आएगी। गेज बनाने के लिए डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर वेदप्रकाश ने प्रस्ताव भेजा है। उनका कहना है कि जल्द ही इस पर मुहर लग जाएगी।
बता दें, कि तीनों गेज को एक बाड़े से दूसरे बाड़े से जोड़ा जाएगा, ताकि वह बाड़े में जाकर खा भी सके। बाड़े से जोड़ने वाले गेज का रास्ता खुला होगा। फिर बीच में से छोटा रास्ता होगा। उसके बाद निकलने का रास्ता फिर खुला होगा, ताकि हिरण भी अपने आपको आरामदायक महसूस करे। बीच का रास्ता छोटा होने के कारण एक-एक हिरणों की लाइन बनाकर आसानी से देखभाल हो सकेगी। उन्हें इंजेक्शन देने के साथ पूरा ट्रीटमेंट दिया जाएगा।
बाड़े में एक साथ काफी हिरण होने के कारण वह बीमार है या नहीं, सुस्त है या नहीं। इतना पता नहीं चल पाता। उसके सुस्त चेहरे से ही बीमारी का पता लगाया जाता है। फिलहाल हिरणों को खाने और पानी में डालकर दवाई दी जाती हैं। गेज बनने के बाद एक-एक हिरणों का सही तरीके से उपचार हो सकेगा। यदि कोई हिरण बीमार है तो उसे गेज में लाकर उसकी बीमारी की पहचान कर सही तरीके से चेकअप कर दवा दे सकेंगे। वहीं पेट के कीड़े मारने के लिए समय-समय पर हिरणों को दवाई दी जा रही हैं।
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हिरणों को देखने के लिए बनेगी बाउंड्री
डियर पार्क में फिलहाल कुछ दूरी तक जाकर ही हिरण देख सकते हैं, मगर अब चारों और पूरी बाउंड्री बनाई जाएगी, ताकि दर्शक पार्क में सभी हिरण दे सके। यहां दर्शकों को जागरूक करने के लिए बोर्ड लगाए जाएंगे। उन्हें वन्य जीवों के महत्व के बारे में बताया जाएगा, ताकि वह खुद भी जीवों का संरक्षण कर सके। इसको लेकर वन्य प्राणी विभाग तैयारी में जुट चुका है।
एक नजर में डियर पार्क
- कुल क्षेत्र 46 एकड़ में
- कुल हिरण 114
- प्रजाति पहाड़ा, चिंकारा, काला और सांभर हिरण
- निर्माण वर्ष 1987
डियर पार्क में स्किवेज गेज बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही अनुमति मिल जाएगी। पार्क में गेज बनने के बाद सही तरीके से हिरणों को ट्रीटमेंट दिया सकेगा। - वेदप्रकाश, डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर, वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग
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बता दें, कि तीनों गेज को एक बाड़े से दूसरे बाड़े से जोड़ा जाएगा, ताकि वह बाड़े में जाकर खा भी सके। बाड़े से जोड़ने वाले गेज का रास्ता खुला होगा। फिर बीच में से छोटा रास्ता होगा। उसके बाद निकलने का रास्ता फिर खुला होगा, ताकि हिरण भी अपने आपको आरामदायक महसूस करे। बीच का रास्ता छोटा होने के कारण एक-एक हिरणों की लाइन बनाकर आसानी से देखभाल हो सकेगी। उन्हें इंजेक्शन देने के साथ पूरा ट्रीटमेंट दिया जाएगा।
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बाड़े में एक साथ काफी हिरण होने के कारण वह बीमार है या नहीं, सुस्त है या नहीं। इतना पता नहीं चल पाता। उसके सुस्त चेहरे से ही बीमारी का पता लगाया जाता है। फिलहाल हिरणों को खाने और पानी में डालकर दवाई दी जाती हैं। गेज बनने के बाद एक-एक हिरणों का सही तरीके से उपचार हो सकेगा। यदि कोई हिरण बीमार है तो उसे गेज में लाकर उसकी बीमारी की पहचान कर सही तरीके से चेकअप कर दवा दे सकेंगे। वहीं पेट के कीड़े मारने के लिए समय-समय पर हिरणों को दवाई दी जा रही हैं।
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हिरणों को देखने के लिए बनेगी बाउंड्री
डियर पार्क में फिलहाल कुछ दूरी तक जाकर ही हिरण देख सकते हैं, मगर अब चारों और पूरी बाउंड्री बनाई जाएगी, ताकि दर्शक पार्क में सभी हिरण दे सके। यहां दर्शकों को जागरूक करने के लिए बोर्ड लगाए जाएंगे। उन्हें वन्य जीवों के महत्व के बारे में बताया जाएगा, ताकि वह खुद भी जीवों का संरक्षण कर सके। इसको लेकर वन्य प्राणी विभाग तैयारी में जुट चुका है।
एक नजर में डियर पार्क
- कुल क्षेत्र 46 एकड़ में
- कुल हिरण 114
- प्रजाति पहाड़ा, चिंकारा, काला और सांभर हिरण
- निर्माण वर्ष 1987
डियर पार्क में स्किवेज गेज बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही अनुमति मिल जाएगी। पार्क में गेज बनने के बाद सही तरीके से हिरणों को ट्रीटमेंट दिया सकेगा। - वेदप्रकाश, डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर, वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग