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Hisar News: खेती पर संकट...नहरी पानी के लिए सड़क पर उतरेंगे किसान
Fri, 02 May 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 02 May 2025 12:38 AM IST
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हिसार। प्रदेश में पानी की अव्यवस्था और कमी के चलते सयुंक्त जल संघर्ष समिति ने सड़क पर उतरने का निर्णय लिया है। किसान संगठनों ने 2 मई को सुबह 10 बजे होने वाले विरोध प्रदर्शन एवं रोष मार्च की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एचएयू गेट नंबर 4 के सामने स्मृति वन पार्क में किसान एकत्रित होंगे। इसके बाद लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला जाएगा।
समिति प्रधान बिजेंद्र बेनीवाल, पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के महासचिव संदीप सिवाच ने कहा कि यह कपास की बिजाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है, लेकिन नहरों में पानी नहीं है। पिछले एक महीने से नहर सूखी होने के कारण किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। हिसार जिले में करीब 2.30 लाख हेक्टेयर में कपास की बिजाई होती है। खरीफ की फसलों में कपास सबसे महत्वपूर्ण फसल है। आधे से ज्यादा हरियाणा पानी के लिए तरस रहा है। सरकार ठोस प्रयास करने के बजाय सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है।
समिति के महासचिव सतबीर पूनिया ने बताया कि भाखड़ा का पानी जब से आया है तब से आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ, कि इस तरह लोगों को पीने के पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़े। समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र आर्य ने कहा कि हरियाणा व पंजाब की सरकारें जनहित के बारे में सोचें।
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समिति प्रधान बिजेंद्र बेनीवाल, पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के महासचिव संदीप सिवाच ने कहा कि यह कपास की बिजाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है, लेकिन नहरों में पानी नहीं है। पिछले एक महीने से नहर सूखी होने के कारण किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। हिसार जिले में करीब 2.30 लाख हेक्टेयर में कपास की बिजाई होती है। खरीफ की फसलों में कपास सबसे महत्वपूर्ण फसल है। आधे से ज्यादा हरियाणा पानी के लिए तरस रहा है। सरकार ठोस प्रयास करने के बजाय सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है।
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समिति के महासचिव सतबीर पूनिया ने बताया कि भाखड़ा का पानी जब से आया है तब से आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ, कि इस तरह लोगों को पीने के पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़े। समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र आर्य ने कहा कि हरियाणा व पंजाब की सरकारें जनहित के बारे में सोचें।
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