हिसार: चेसिस नंबर बदलकर वाहन रजिस्ट्रेशन में किया जा रहा था फर्जीवाड़ा, एफआईआर दर्ज
मामले में एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी शामिल होने की संभावना है। हिसार व बरवाला पुलिस जांच में जुटी है।
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हरियाणा के हिसार जिले में वाहनों के रजिस्ट्रेशन करने में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा होने का मामला सामने आया है। यह फर्जीवाड़ा वाहनों के चेसिस नंबर बदलकर दोबारा से रजिस्ट्रेशन करने से साथ जोड़कर देखा जा रहा है। फर्जीवाड़े का यह मामला हांसी, हिसार, बरवाला, नारनौंद के एसडीएम कार्यालय से जुड़ा है।
आरोप है कि इन कार्यालयों में 300 से ज्यादा वाहनों का रजिस्ट्रेशन फर्जी कागजात और चेसिस-इंजन नंबर बदलकर किया गया है। बरवाला थाना व हिसार सिविल थाना पुलिस ने इस मामले में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की तरफ से डीजीपी को भेजी गई शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। वाहनों के फर्जीवाड़े में एसडीएम कार्यालयों के कर्मचारियों के भी शामिल होने का शक है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने उन वाहनों के नंबर की लिस्ट भी पुलिस को भेजी है, जिनका फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन किया गया है।
पुराने वाहनों पर रोक की घोषणा के बाद हुआ रजिस्ट्रेशन
जानकारी के अनुसार यह फर्जीवाड़ा बीएस 4 वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने व पुराने वाहनों की उम्र तय करने के बाद हुआ। सरकार ने बीएस 4 श्रेणी के वाहनों के रजिस्ट्रेशन रोककर पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर को ही नए वाहनों पर जारी कर दिया। इसके अलावा डीजल के जो वाहन 10 साल व पेट्रोल के वाहन 15 साल उम्र पूरी कर चुके हैं, उनका भी फिर से रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है।
नीलाम किए गए वाहनों का भी गलत तरीके से हुआ रजिस्ट्रेशन
नीलामी में खरीदे-बेचे गए वाहनों का भी टैक्स बचाने के लिए गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन किया गया है। वाहनों के री-रजिस्ट्रेशन का यह पूरा खेल एसडीएम कार्यालयों के अंदर ही किया गया। जब इन वाहनों का डाटा सरकार के वाहन पोर्टल पर अपलोड किया गया तो एक ही नंबर पर दो वाहनों का रजिस्ट्रेशन या एक चेसिज नंबर का दो नंबरों पर रजिस्ट्रेशन होना पाया गया। इसके बाद ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने उन वाहनों की लिस्ट निकलवाकर, उन एसडीएम कार्यालयों के खिलाफ डीजीपी को शिकायत भेजी है, जहां पर इनका रजिस्ट्रेशन किया गया है।
पहले भी कई जिलों में हो चुका फर्जीवाड़ा
हिसार से पहले हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, पलवल, होडल, रोहतक, यमुनानगर, करनाल व रोहतक आदि जिलों में इसी तरह का फर्जीवाड़ा पकड़ा जा चुका है। इस फर्जीवाड़े के खुलासे की शुरुआत फतेहाबाद के एसडीएम कार्यालय से 6 अप्रैल 2021 में हुई थी। हिसार कमिश्नर विनय कुमार ने छापा मारते हुए एसडीएम कार्यालय का रिकॉर्ड जब्त करके जांच की थी। इस खुलासे के बाद अलग-अलग जिलों में हुई जांच के बाद पुलिस ने सैकड़ों की संख्या में ऐसे वाहनों को जब्त करके उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था।