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जीजेयू, एचएयू के खंडहर बने नशे के अड्डे
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Sun, 10 Jul 2016 12:52 AM IST
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नशा
- फोटो : bureau
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जीजेयू और एचएयू में भी नशे का जाल फैला हुआ है। यहां स्मैक, सुल्फा व मेडिकल नशा यूज किए जाने के सबूत मिले हैं। पुलिस ने नशा करने के लिए नशेड़ियों द्वारा चुने जाने वाले सेफ स्थान को चिन्हित कर पैनी निगाह टिका ली है।
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पुलिस ने खुलासा किया है कि शहर में ऐसे कई पुराने खंडहर व इलाके हैं जहां नशेड़ी बैठकर नशा लेते हैं। इनमें जीजेयू के पुराने खंडहर व कमरे व एचएयू के राइडिंग स्कूल के पास खंडहर कमरे हैं जिनमें नशेड़ियों द्वारा नशे करने के लिए यूज किए जाने वाले सामान के सबूत मिले हैं।
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आइजी ओपी सिंह के नेतृत्व में हिसार मंडल को नशा मुक्त बनाने के लिए चलाये जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह की टीम ने हिसार शहर की कई संदिग्ध कॉलोनियों का दौरा किया। पुलिस को नशे की तस्करी से संबंधित कई सूचनाएं मिली है। पुलिस की सख्ती के बाद कुछ तस्कर पुराना अड्डा छोड़कर नया अड्डा ढूंढने की फिराक में हैं।
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इन स्थानों पर बैठकर नशेड़ी ले रहे हैं नशा
टीम इंचार्ज ने बताया कि नशेड़ी बेखौफ होकर मादक पदार्थो का सेवन करते हैं। ये जगह एचएयू मे पशु चिकित्सालय के समीप, राइडिंग स्कूल के सामने खाली पडे़ खंडहर कमरे व पुराना गैस प्लाट वेल्डिंग के खंडहर कमरे हैं जहां स्मैक के सेवन मे प्रयोग सिल्वर पेपर, मोमबत्ती, लाइटर, इंजेक्शन व दवाइयों की खाली रैपर व शीशियां मिली हैं।
इसी प्रकार जीजेयू के खंडहर एवं खाली पड़े कमरों का इस्तेमाल भी नशेड़ियों द्वारा किया जाना पाया गया है। जिसमें सरदार पटेल की प्रतिमा के समीप व ऑटो मार्केट फेज तीन की दीवार के साथ लगती है, यहां पहुंचने का रास्ता अंदर से नही है क्योंकि गंदे पानी का नाला पड़ता है। दीवार कूदकर अंदर जाना पड़ता है, वहां भी हजारों की तादाद मे स्मैक के लिए प्रयोग किए जाने वाला सामान सबूत के तौर पर मिले हैं।
अपने बच्चों को तनाव मुक्त रख उनका समुचित ध्यान रखें। नशे के विरुद्ध संगठित होकर अपने स्तर पर योगदान देने की जरूरत है। नशे के तस्करी रोकना पुलिस का काम है व डिमांड रोकना समाज का।
- राजेंद्र कुमार मीणा, एएसपी हिसार