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फर्जी बीएसएफ कांस्टेबल को रिमांड के बाद जेल भेजा
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सीआईए टीम द्वारा पकड़े गए बीएसएफ के फर्जी कांस्टेबल को एक दिन की रिमांड के बाद सोमवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी मुकलान वासी अजीत ने खुलासा किया है कि उसने बंदूक का लाइसेंस का उधम नगर से बनवाया था, जिसके लिए उसने 80 हजार रुपये भी दिए थे। इसके बाद उसने स्थानीय गन हाउस से बंदूक खरीदी। उल्लेखनीय है कि शनिवार रात को सीआईए टीम राजगढ़ रोड पर गश्त के दौरान शक के आधार पर मुकलान वासी अजीत को पकड़ा था। उसके पास से एक बंदूक व सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। सीआईए टीम ने आरोपी से जब लाइसेंस मांगा तो उसने ऑल इंडिया लेवल का असलाह लाइसेंस दिखाया, जिसमें उसने खुद को बीएसएफ का कांस्टेबल दिखा रखा था। बीएसएफ की ड्रेस में ही नवीन ने अपनी फोटो भी लगाई थी। जब सीआईए टीम ने आरोपी से बीएसएफ के कागजात मांगे तो वह कोई रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके बाद सीआईए टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया था।
2015 में ऑल इंडिया लेवल का बनवाया लाइसेंस
गिरफ्तार आरोपी अजीत ने पुलिस पूछताछ में माना कि उसने कई बार हरियाणा में लाइसेंस बनवाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया। उसे पता चला कि जम्मू में असलाह लाइसेंस आसानी से बन जाते हैं। इसलिए उसने 2013 में एक दलाल के जरिए जम्मू के उधमपुर से लाइसेंस बनवा लिया। अजीत ने बताया कि दलाल ने बताया था कि वह अगर खुद को बीएसएफ कर्मचारी दिखाए तो उसका लाइसेंस आसानी से बन जाएगा। इसी चक्कर में उसकी फोटो को एडिटिंग करके कांस्टेबल दिखाते हुए उसका लाइसेंस बनाकर दे दिया। इसके बाद उसने 2015 में दोबारा से इसी लाइसेंस को उसी दलाल के जरिए ऑल इंडिया लेवल का बनवा लिया।
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हिसार। सीआईए टीम द्वारा पकड़े गए बीएसएफ के फर्जी कांस्टेबल को एक दिन की रिमांड के बाद सोमवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी मुकलान वासी अजीत ने खुलासा किया है कि उसने बंदूक का लाइसेंस का उधम नगर से बनवाया था, जिसके लिए उसने 80 हजार रुपये भी दिए थे। इसके बाद उसने स्थानीय गन हाउस से बंदूक खरीदी। उल्लेखनीय है कि शनिवार रात को सीआईए टीम राजगढ़ रोड पर गश्त के दौरान शक के आधार पर मुकलान वासी अजीत को पकड़ा था। उसके पास से एक बंदूक व सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। सीआईए टीम ने आरोपी से जब लाइसेंस मांगा तो उसने ऑल इंडिया लेवल का असलाह लाइसेंस दिखाया, जिसमें उसने खुद को बीएसएफ का कांस्टेबल दिखा रखा था। बीएसएफ की ड्रेस में ही नवीन ने अपनी फोटो भी लगाई थी। जब सीआईए टीम ने आरोपी से बीएसएफ के कागजात मांगे तो वह कोई रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके बाद सीआईए टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया था।
2015 में ऑल इंडिया लेवल का बनवाया लाइसेंस
गिरफ्तार आरोपी अजीत ने पुलिस पूछताछ में माना कि उसने कई बार हरियाणा में लाइसेंस बनवाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया। उसे पता चला कि जम्मू में असलाह लाइसेंस आसानी से बन जाते हैं। इसलिए उसने 2013 में एक दलाल के जरिए जम्मू के उधमपुर से लाइसेंस बनवा लिया। अजीत ने बताया कि दलाल ने बताया था कि वह अगर खुद को बीएसएफ कर्मचारी दिखाए तो उसका लाइसेंस आसानी से बन जाएगा। इसी चक्कर में उसकी फोटो को एडिटिंग करके कांस्टेबल दिखाते हुए उसका लाइसेंस बनाकर दे दिया। इसके बाद उसने 2015 में दोबारा से इसी लाइसेंस को उसी दलाल के जरिए ऑल इंडिया लेवल का बनवा लिया।
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