{"_id":"5b7875da42c79246773e9f76","slug":"91534621146-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी मार्कशीट से प्रमोशन लेने पर डीसी आफिस के असिस्टेंट जयबीर चार्जशीट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्जी मार्कशीट से प्रमोशन लेने पर डीसी आफिस के असिस्टेंट जयबीर चार्जशीट
Updated Sun, 19 Aug 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। दसवीं की मार्कशीट फर्जी साबित होने पर डीसी कार्यालय में नियुक्त असिस्टेंट जयवीर प्रकाश को मंडल आयुक्त ने चार्जशीट कर दिया है। पिछले कई दिन से जयवीर कार्यालय में नहीं आ रहा। ऐसे में चार्जशीट का नोटिस उसके घर के बाहर चस्पा किया गया है।
किसी व्यक्ति ने डीसी कार्यालय के आठ लोगों के खिलाफ फर्जी मार्कशीट के आधार पर प्रमोशन लेने की शिकायत सीएम विंडो में की थी। इसमें तीन लोग रिटायर हो चुके हैं। क्लर्क से असिस्टेंट बने जयबीर पर फर्जी मार्कशीट से प्रमोशन लेने का आरोप था। जयबीर को अक्तूबर 2018 में रिटायर होना था। उसकी रिटायरमेंट से दो महीने पहले फर्जी मार्कशीट की शिकायत पर जांच शुरू हुई। एसडीएम परमजीत चहल ने इस मामले में जांच की। जिसमें उसकी मार्कशीट को फर्जी पाए जाने पर चार्जशीट करने का अनुमोदन किया गया। उपायुक्त कार्यालय में नियुक्त सहायक जयबीर प्रकाश को हरियाणा सिविल सेवाएं अधिनियम 2016 के नियम 4 बी के तहत चार्जशीट किया गया है। कर्मचारी पिछले कई दिन से कार्यालय में न आने के कारण धर्मवीर सेवादार व नंबरदार चार्जशीट की सूचना जयबीर प्रकाश को देने के लिए उसके घर गए तो वहां कोई नहीं मिला। इस पर नोटिस की सूचना को कर्मचारी के घर पर चस्पा किया गया है।
ऐच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन भी खारिज
मार्कशीट केस की जांच शुरू होने के बाद जयबीर प्रकाश ने इस महीने आयुक्त के समक्ष ऐच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन किया गया था। इस आवेदन को आयुक्त ने रद्द करते हुए आरोप पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपना पता व ई-मेल इस कार्यालय को सूचित करे, ताकि उसे आरोप पत्र भिजवाया जा सके।
विज्ञापन
आठ लोगों के खिलाफ शिकायत
मामले में अन्य आरोपियों की जांच भी की जा रही है, जिसमें अभी रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है। मंडल आयुक्त की ओर से जल्द ही दूसरे लोगों की मार्कशीट को लेकर रिकार्ड जुटाया जाएगा। चपरासी से 1992 में क्लर्क पदोन्नत हुए थे। वर्ष 2014 में क्लर्क से असिस्टेंट प्रमोट हुए थे। इन लोगों ने दसवीं की मार्कशीट फर्जी बताई है। इस लिस्ट में छबीलदास, रिसाल सिंह, रूपचंद, गंगाबिशन, कुरड़ाराम, जयबीर शामिल हैं।
रिकवरी की तैयारी---
मार्कशीट फर्जी साबित होने पर इन लोगों से रिकवरी की जाएगी, जिसमें चपरासी के वेतन और असिस्टेंट के वेतन के अंतर के पैसे को वापस लिया जाएगा। यह पैसा ब्याज सहित लौटाना होगा।
हिसार। दसवीं की मार्कशीट फर्जी साबित होने पर डीसी कार्यालय में नियुक्त असिस्टेंट जयवीर प्रकाश को मंडल आयुक्त ने चार्जशीट कर दिया है। पिछले कई दिन से जयवीर कार्यालय में नहीं आ रहा। ऐसे में चार्जशीट का नोटिस उसके घर के बाहर चस्पा किया गया है।
किसी व्यक्ति ने डीसी कार्यालय के आठ लोगों के खिलाफ फर्जी मार्कशीट के आधार पर प्रमोशन लेने की शिकायत सीएम विंडो में की थी। इसमें तीन लोग रिटायर हो चुके हैं। क्लर्क से असिस्टेंट बने जयबीर पर फर्जी मार्कशीट से प्रमोशन लेने का आरोप था। जयबीर को अक्तूबर 2018 में रिटायर होना था। उसकी रिटायरमेंट से दो महीने पहले फर्जी मार्कशीट की शिकायत पर जांच शुरू हुई। एसडीएम परमजीत चहल ने इस मामले में जांच की। जिसमें उसकी मार्कशीट को फर्जी पाए जाने पर चार्जशीट करने का अनुमोदन किया गया। उपायुक्त कार्यालय में नियुक्त सहायक जयबीर प्रकाश को हरियाणा सिविल सेवाएं अधिनियम 2016 के नियम 4 बी के तहत चार्जशीट किया गया है। कर्मचारी पिछले कई दिन से कार्यालय में न आने के कारण धर्मवीर सेवादार व नंबरदार चार्जशीट की सूचना जयबीर प्रकाश को देने के लिए उसके घर गए तो वहां कोई नहीं मिला। इस पर नोटिस की सूचना को कर्मचारी के घर पर चस्पा किया गया है।
विज्ञापन
ऐच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन भी खारिज
मार्कशीट केस की जांच शुरू होने के बाद जयबीर प्रकाश ने इस महीने आयुक्त के समक्ष ऐच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन किया गया था। इस आवेदन को आयुक्त ने रद्द करते हुए आरोप पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपना पता व ई-मेल इस कार्यालय को सूचित करे, ताकि उसे आरोप पत्र भिजवाया जा सके।
विज्ञापन
आठ लोगों के खिलाफ शिकायत
मामले में अन्य आरोपियों की जांच भी की जा रही है, जिसमें अभी रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है। मंडल आयुक्त की ओर से जल्द ही दूसरे लोगों की मार्कशीट को लेकर रिकार्ड जुटाया जाएगा। चपरासी से 1992 में क्लर्क पदोन्नत हुए थे। वर्ष 2014 में क्लर्क से असिस्टेंट प्रमोट हुए थे। इन लोगों ने दसवीं की मार्कशीट फर्जी बताई है। इस लिस्ट में छबीलदास, रिसाल सिंह, रूपचंद, गंगाबिशन, कुरड़ाराम, जयबीर शामिल हैं।
रिकवरी की तैयारी---
मार्कशीट फर्जी साबित होने पर इन लोगों से रिकवरी की जाएगी, जिसमें चपरासी के वेतन और असिस्टेंट के वेतन के अंतर के पैसे को वापस लिया जाएगा। यह पैसा ब्याज सहित लौटाना होगा।