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भाटला प्रकरण में विशेष अदालत ने सरपंच समेत छह तलब किए
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। हांसी के गांव भाटला के सामाजिक बहिष्कार प्रकरण में हिसार की विशेष अदालत ने पीड़ित पक्ष की याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए गांव भाटला के सरपंच प्रतिनिधि पुनीत समेत गांव के ही रामचंद्र, लीला, साधु, जयकिशन, सुमेरु पंडित को भी आरोपी मानकर तलब किया है।
विशेष अदालत में तलब किए गए आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम व आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता रजत कल्सन ने बताया कि पुलिस ने सामाजिक बहिष्कार के मामले में 10 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें पीड़ित पक्ष द्वारा सरपंच समेत 7 लोगों को नामजद किया गया था। इस मामले में हांसी पुलिस की एक विशेष टीम ने जांच की थी जिसके अध्यक्ष तत्कालीन एएसपी हांसी राजेश कुमार थे। इस एसआईटी ने जांच के दौरान केवल एक आरोपी चंदर फौजी को दोषी पाते हुए उसके खिलाफ अदालत में चालान दे दिया था। अन्य सभी आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। एडवोकेट रजत कल्सन ने बताया की अदालत ने उपरोक्त लोगों को आरोपी मान उनके नोटिस जारी कर दिए हैं जिन्हें 31 अगस्त को अदालत में पेश होना होगा। भाटला दलित संघर्ष समिति के प्रधान बलवान सिंह ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था में पूरा भरोसा है। दोषियों को अदालत से जरूर सजा मिलेगी। पिछले साल 15 जून को भाटला गांव में पानी भरने के विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। जिसके बाद दलित पक्ष के लोगों ने सामाजिक बहिष्कार का आरोप लगाया था।
हिसार। हांसी के गांव भाटला के सामाजिक बहिष्कार प्रकरण में हिसार की विशेष अदालत ने पीड़ित पक्ष की याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए गांव भाटला के सरपंच प्रतिनिधि पुनीत समेत गांव के ही रामचंद्र, लीला, साधु, जयकिशन, सुमेरु पंडित को भी आरोपी मानकर तलब किया है।
विशेष अदालत में तलब किए गए आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम व आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता रजत कल्सन ने बताया कि पुलिस ने सामाजिक बहिष्कार के मामले में 10 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें पीड़ित पक्ष द्वारा सरपंच समेत 7 लोगों को नामजद किया गया था। इस मामले में हांसी पुलिस की एक विशेष टीम ने जांच की थी जिसके अध्यक्ष तत्कालीन एएसपी हांसी राजेश कुमार थे। इस एसआईटी ने जांच के दौरान केवल एक आरोपी चंदर फौजी को दोषी पाते हुए उसके खिलाफ अदालत में चालान दे दिया था। अन्य सभी आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। एडवोकेट रजत कल्सन ने बताया की अदालत ने उपरोक्त लोगों को आरोपी मान उनके नोटिस जारी कर दिए हैं जिन्हें 31 अगस्त को अदालत में पेश होना होगा। भाटला दलित संघर्ष समिति के प्रधान बलवान सिंह ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था में पूरा भरोसा है। दोषियों को अदालत से जरूर सजा मिलेगी। पिछले साल 15 जून को भाटला गांव में पानी भरने के विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। जिसके बाद दलित पक्ष के लोगों ने सामाजिक बहिष्कार का आरोप लगाया था।
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