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भगाना में टेलर मास्टर व बेटे को गोलियां मारने वाले पिता-पुत्रों समेत छह को सजा
Updated Sat, 17 Mar 2018 01:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एडीजे अजय पराशर की अदालत ने गांव भगाना में एक टेलर मास्टर और उसके 13 साल के बेटे को गोलियां मारकर जानलेवा हमला करने वाले पिता व उसके दो बेटों समेत छह दोषियों को सजा सुनाई है। अदालत ने भगाना के मंदीप को 10 साल की कैद व 5000 रुपये जुर्माने तथा उसके पिता बलजीत, भाई संदीप और अन्य दोषी भगाना के सुनील, भिवानी के चहड़ खुर्द के दिनेश और खरकड़ा के मंदीप को 7-7 साल की कैद व 5000-5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उनको 6-6 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उनको बुधवार को दोषी करार दिया था।
सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में 25 अगस्त 2014 को हत्या प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। भगाना निवासी टेलर मास्टर देवेंद्र रोहिल्ला और उनके 13 वर्षीय बेटे राहुल को गोलियां मारकर व डंडों से हमला कर घायल किया था। घायल देवेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वह और उसका बेटा राहुल अपने घर के आगे गली में खड़े थे। तभी वहां गांव का मंदीप और 10-12 अन्य लोग आए थे। मंदीप के हाथ में पिस्तौल और बाकियों के हाथ में डंडे थे। मंदीप ने आते ही मेरी तरफ गोली चलाई। बेटा राहुल बीच में आया तो उसके पैर में गोली लगी। मंदीप ने दूसरी गोली मेरी छाती पर चलाई। मैंने बचाव किया तो गोली मेरे दाएं हाथ पर लगी। मैंने शोर मचाया तो मेरी पत्नी सरोज और भाई रमेश बाहर आ गए। हमलावर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। शिकायतकर्ता ने बयान में कहा था कि हमलावर पक्ष के लोगों ने पहले मेरे भाई रमेश को चोटें मारी थी। वह मुकदमा विचाराधीन है। उसी मामले की रंजिश को लेकर हम पर जानलेवा हमला किया गया है। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में हत्या प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस मुकदमे में मंदीप देपल भी आरोपी था। वह एनकाउंटर में मारा जा चुका है।
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हिसार।
एडीजे अजय पराशर की अदालत ने गांव भगाना में एक टेलर मास्टर और उसके 13 साल के बेटे को गोलियां मारकर जानलेवा हमला करने वाले पिता व उसके दो बेटों समेत छह दोषियों को सजा सुनाई है। अदालत ने भगाना के मंदीप को 10 साल की कैद व 5000 रुपये जुर्माने तथा उसके पिता बलजीत, भाई संदीप और अन्य दोषी भगाना के सुनील, भिवानी के चहड़ खुर्द के दिनेश और खरकड़ा के मंदीप को 7-7 साल की कैद व 5000-5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उनको 6-6 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उनको बुधवार को दोषी करार दिया था।
सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में 25 अगस्त 2014 को हत्या प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। भगाना निवासी टेलर मास्टर देवेंद्र रोहिल्ला और उनके 13 वर्षीय बेटे राहुल को गोलियां मारकर व डंडों से हमला कर घायल किया था। घायल देवेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वह और उसका बेटा राहुल अपने घर के आगे गली में खड़े थे। तभी वहां गांव का मंदीप और 10-12 अन्य लोग आए थे। मंदीप के हाथ में पिस्तौल और बाकियों के हाथ में डंडे थे। मंदीप ने आते ही मेरी तरफ गोली चलाई। बेटा राहुल बीच में आया तो उसके पैर में गोली लगी। मंदीप ने दूसरी गोली मेरी छाती पर चलाई। मैंने बचाव किया तो गोली मेरे दाएं हाथ पर लगी। मैंने शोर मचाया तो मेरी पत्नी सरोज और भाई रमेश बाहर आ गए। हमलावर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। शिकायतकर्ता ने बयान में कहा था कि हमलावर पक्ष के लोगों ने पहले मेरे भाई रमेश को चोटें मारी थी। वह मुकदमा विचाराधीन है। उसी मामले की रंजिश को लेकर हम पर जानलेवा हमला किया गया है। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में हत्या प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस मुकदमे में मंदीप देपल भी आरोपी था। वह एनकाउंटर में मारा जा चुका है।
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