फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   जमीन हड़पने के मामले में दो भाइयों, तहसीलदार व नायब तहसीलदार समेत 12 के खिलाफ केस दर्ज

जमीन हड़पने के मामले में दो भाइयों, तहसीलदार व नायब तहसीलदार समेत 12 के खिलाफ केस दर्ज

Sat, 02 Feb 2019 01:31 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 02 Feb 2019 01:31 AM IST
विज्ञापन
जमीन हड़पने के मामले में दो भाइयों, तहसीलदार व नायब तहसीलदार समेत 12 के खिलाफ केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार। मूलरूप से सिवानी के झुंपा खुर्द निवासी एवं हालिया सेक्टर 9-11 हिसार निवासी कृष्ण कुमार की शिकायत पर जमीन हड़पने के मामले में तत्कालीन तहसीलदार, तत्कालीन नायब तहसीलदार और दो भाइयों समेत 12 लोगों पर धोखाधड़ी सहित कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने वीरवार को इन सभी आरोपियों पर केस दर्ज किया है।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने कृष्ण की शिकायत पर सेक्टर-15ए निवासी रतनसिंह, उनकी पत्नी लीना देवी, बेटी नेहा लाठर, रतनसिंह के भाई सेक्टर-15ए निवासी विजय व उनकी पत्नी उज्ज्वला लाठर, राजेश सैनी नंबरदार हिसार, हंसराज हिसार, हिसार के तत्कालीन तहसीलदार राधेश्याम मित्तल, तत्कालीन नायब तहसीलदार हरकेश गुप्ता, एडवोकेट नवीन कौशिक हिसार, एडवोकेट प्रवीन चौधरी हिसार और लाडवा निवासी समुंद्र हिसार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

यह है मामला
पुलिस में दी शिकायत में कृष्ण कुमार ने बताया कि उसने 10 दिसंबर 1986 को गंगवा गांव में 22 कनाल आठ मरले जमीन खरीदी थी। इसमें आठ पार्टनर थे। उसके हिस्से में 2 कनाल 16 मरले जमीन आती थी। इसका इंतकाल 22 जून 1987 को करवाया था। शिकायत में बताया कि मैं किसान हूं और छत्तीसगढ़ में जमीन ली हुई है, जिसमें खेती करता हूं। इस कारण उसने 25 सितंबर 2003 को अपने भाई रतनसिंह के नाम पावर ऑफ अटार्नी दे दी थी, जिसमें संपत्ति बाबत शर्तें लिखी थीं। उसके बाद उसके भाई की नीयत में खोट आ गया। कृष्ण का आरोप है कि उसके भाई रतनसिंह और विजय सिंह ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उसके हिस्से की जमीन अपने परिवार के लोगों के नाम करा ली थी। इसका इंतकाल उन्होंने वर्ष 2016 में कराया। जब उसे धोखाधड़ी का पता चला तो उसने सूचना के अधिकार नियम के तहत जानकारी मांगी, जिसमें इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। उसने बताया कि उसे सूचना अधिकार नियम के तहत मांगी जानकारी 15 जनवरी 2019 को प्राप्त हुई। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैंने अपने भाई पर विश्वास करके पावर ऑफ अटार्नी दी थी, लेकिन मेरे साथ विश्वासघात हुआ। पहले मैंने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। सीएम विंडो से एसपी के पास जांच आई, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मैंने हाईकोर्ट में अपील की। उसके बाद ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।
-कृष्ण कुमार, शिकायतकर्ता, हिसार।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed