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एडीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी करेगी चिटफंड कंपनियों की जांच
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। चिटफंड कंपनियों की जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी, जो ऐसी कंपनियों का पूरा ब्योरा जुटाएगी। भविष्य में कोई चिटफंड कंपनी लोगों का पैसा ठगकर न भागे, इसके लिए समय समय पर ऐसी कंपनी का रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा।
डीसी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि चिटफंड कंपनियों को लेकर जिला प्रशासन ने जांच कराने का फैसला लिया है। एडीसी एएस मान की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है, जिसमें कुछ अन्य अधिकारी भी शामिल किए जाएंगे। यह कमेटी जिले में काम करने वाली कमेटियों की जांच करेगी। जो कंपनी कहीं रजिस्टर्ड नहीं होंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। सरकार के नियमों के अनुसार पंजीकृत कंपनियों से भी रिकॉर्ड लिया जाएगा। उनके काम करने के तरीके का हिसाब लिया जाएगा। किसी भी कंपनी को अवैध तरीके से काम नहीं करने दिया जाएगा। कमेटी अब तक दर्ज हुए फ्रॉड मामलों में भी जांच करेगी। कंपनी के साथ जुडे़ प्रमोटर, कोर कमेटी सदस्य, प्रबंधन व अन्य प्रमुख लोगों का ब्योरा भी जुटाएंगे।
डीसी ने बताया कि चिटफंड कंपनी फ्यूचर मेकर केस में प्रॉपर्टी को अटैच किया जा चुका है। खाते भी सीज किए जा रहे हैं। इस मामले को जन परिवाद समिति की बैठक में भी रखा जाएगा, जिसमें इस पर उचित कार्रवाई कराई जाएगी। जिला प्रशासन के पास करीब 30 से अधिक ऐसी कंपनियों के नाम आए हैं। ऐसी कंपनियों का रिकार्ड जांचेंगे। आयकर विभाग, सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट को भी इस तरह की जांच में शामिल किया जाएगा। पुलिस से भी मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है।
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हिसार। चिटफंड कंपनियों की जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी, जो ऐसी कंपनियों का पूरा ब्योरा जुटाएगी। भविष्य में कोई चिटफंड कंपनी लोगों का पैसा ठगकर न भागे, इसके लिए समय समय पर ऐसी कंपनी का रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा।
डीसी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि चिटफंड कंपनियों को लेकर जिला प्रशासन ने जांच कराने का फैसला लिया है। एडीसी एएस मान की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है, जिसमें कुछ अन्य अधिकारी भी शामिल किए जाएंगे। यह कमेटी जिले में काम करने वाली कमेटियों की जांच करेगी। जो कंपनी कहीं रजिस्टर्ड नहीं होंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। सरकार के नियमों के अनुसार पंजीकृत कंपनियों से भी रिकॉर्ड लिया जाएगा। उनके काम करने के तरीके का हिसाब लिया जाएगा। किसी भी कंपनी को अवैध तरीके से काम नहीं करने दिया जाएगा। कमेटी अब तक दर्ज हुए फ्रॉड मामलों में भी जांच करेगी। कंपनी के साथ जुडे़ प्रमोटर, कोर कमेटी सदस्य, प्रबंधन व अन्य प्रमुख लोगों का ब्योरा भी जुटाएंगे।
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डीसी ने बताया कि चिटफंड कंपनी फ्यूचर मेकर केस में प्रॉपर्टी को अटैच किया जा चुका है। खाते भी सीज किए जा रहे हैं। इस मामले को जन परिवाद समिति की बैठक में भी रखा जाएगा, जिसमें इस पर उचित कार्रवाई कराई जाएगी। जिला प्रशासन के पास करीब 30 से अधिक ऐसी कंपनियों के नाम आए हैं। ऐसी कंपनियों का रिकार्ड जांचेंगे। आयकर विभाग, सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट को भी इस तरह की जांच में शामिल किया जाएगा। पुलिस से भी मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है।
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