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पीसीआर इंचार्ज 1000 रुपये रिश्वत लेते काबू
Updated Fri, 06 Apr 2018 01:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
विजिलेंस की टीम झूठे केस में फंसाने और स्वीमिंग पूल बंद कराने की धमकी देकर 1000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ईएसआई रणधीर सिंह को रंगे हाथों पकड़ा है। कैथल के गांव चंदाना निवासी रणधीर सिंह पीसीआर नंबर चार का इंचार्ज था। टीम ने उसे रानी लक्ष्मीबाई चौक के पास से गिरफ्तार किया। विजिलेंस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
नवदीप कॉलोनी के सुधीर कुमार ने विजिलेंस को शिकायत दी कि उसने बाल भवन के स्वीमिंग पूल का ठेका ले रखा है। वहां महाबीर स्टेडियम के सामने पीसीआर नंबर चार खड़ी होती है। पीसीआर इंचार्ज ईएसआई रणधीर सिंह उसे कई दिनों से परेशान कर रहा है। कभी स्वीमिंग पूल बंद कराने की धमकी देकर रुपये मांगता है तो कभी झूठा केस बनाकर हवालात में डालने की बात कहता है। डीएसपी शरीफ सिंह का कहना है कि शिकायत मिलने पर एक टीम का गठन किया। इसमें एसआई धर्मबीर दहिया, एएसआई रमेश कुमार, हेड कांस्टेबल विजय कुमार और धर्मबीर को शामिल किया गया। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन विशाल कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेवारी सौंपी गई। टीम ने शिकायतकर्ता को पाउडर लगे पांच सौ रुपये के दो नोट दिए। ईएसआई रणधीर सिंह ने फोन कर शिकायतकर्ता को एक हजार रुपये लेकर रानी लक्ष्मीबाई चौक के पास आने की बात कही। शिकायतकर्ता सुधीर ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर पीसीआर में वर्दी में बैठे रणधीर को 1000 रुपये दिए तो विजिलेंस की टीम ने इशारा पाकर उसे पकड़ लिया। विजिलेंस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
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हिसार।
विजिलेंस की टीम झूठे केस में फंसाने और स्वीमिंग पूल बंद कराने की धमकी देकर 1000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ईएसआई रणधीर सिंह को रंगे हाथों पकड़ा है। कैथल के गांव चंदाना निवासी रणधीर सिंह पीसीआर नंबर चार का इंचार्ज था। टीम ने उसे रानी लक्ष्मीबाई चौक के पास से गिरफ्तार किया। विजिलेंस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
नवदीप कॉलोनी के सुधीर कुमार ने विजिलेंस को शिकायत दी कि उसने बाल भवन के स्वीमिंग पूल का ठेका ले रखा है। वहां महाबीर स्टेडियम के सामने पीसीआर नंबर चार खड़ी होती है। पीसीआर इंचार्ज ईएसआई रणधीर सिंह उसे कई दिनों से परेशान कर रहा है। कभी स्वीमिंग पूल बंद कराने की धमकी देकर रुपये मांगता है तो कभी झूठा केस बनाकर हवालात में डालने की बात कहता है। डीएसपी शरीफ सिंह का कहना है कि शिकायत मिलने पर एक टीम का गठन किया। इसमें एसआई धर्मबीर दहिया, एएसआई रमेश कुमार, हेड कांस्टेबल विजय कुमार और धर्मबीर को शामिल किया गया। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन विशाल कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेवारी सौंपी गई। टीम ने शिकायतकर्ता को पाउडर लगे पांच सौ रुपये के दो नोट दिए। ईएसआई रणधीर सिंह ने फोन कर शिकायतकर्ता को एक हजार रुपये लेकर रानी लक्ष्मीबाई चौक के पास आने की बात कही। शिकायतकर्ता सुधीर ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर पीसीआर में वर्दी में बैठे रणधीर को 1000 रुपये दिए तो विजिलेंस की टीम ने इशारा पाकर उसे पकड़ लिया। विजिलेंस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
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