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पूर्व मंत्री के चचेरे भाई को गोली मारने वाले को 10 साल की कैद
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:26 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एडीजे अजय पराशर की कोर्ट ने जाट आरक्षण आंदोलन के समय गांव जग्गाबाड़ा में पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी के चचेरे भाई रामनिवास को गोली मारकर हत्या का प्रयास करने पर मसूदपुर के सतेंद्र उर्फ काला को 10 साल की कैद और 7000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उसे मंगलवार को दोषी करार दिया था। रामनिवास पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी का चचेरा भाई है। हांसी सिटी थाना पुलिस ने 20 फरवरी 2016 को हत्या प्रयास, आर्म्स एक्ट और विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अ
नुसार जग्गाबाड़ा के रामनिवास ने बताया था कि वह खेती करता है। वह घटना वाले दिन भाई रामअवतार और भतीजे अनुरोध के साथ खेत में काम कर रहा था। तभी डाटा-गुराना मार्ग की तरफ से 200-250 लोग भागते हुए उनकी तरफ आए। उनके पास तेजधार हथियार थे। रामनिवास ने आरोप लगाया था कि एक युवक उनके पास आया और बोला कि यह अतर सिंह सैनी के परिवार से है। फिर उसने पिस्तौल निकालकर फायर किया। गोली बाजू को चीरकर आरपार निकल गई। गोली के छर्रे सीने में लगे और वह जमीन पर गिर गया। यह देखकर दूसरे युवक ने तलवार से वार करने का प्रयास किया। इसी दौरान भाई रामअवतार ने बीचबचाव किया। शोर-शराबा सुनकर उनके गांव के 15-20 युवक दौड़कर आए। यह देखकर हमलावर फरार हो गए। घायल रामनिवास को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। हांसी पुलिस ने केस दर्ज किया था।
जाट आरक्षण के समय मारी थी गोली, पुलिस ने हत्या प्रयास का दर्ज किया था मामला
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हिसार।
एडीजे अजय पराशर की कोर्ट ने जाट आरक्षण आंदोलन के समय गांव जग्गाबाड़ा में पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी के चचेरे भाई रामनिवास को गोली मारकर हत्या का प्रयास करने पर मसूदपुर के सतेंद्र उर्फ काला को 10 साल की कैद और 7000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उसे मंगलवार को दोषी करार दिया था। रामनिवास पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी का चचेरा भाई है। हांसी सिटी थाना पुलिस ने 20 फरवरी 2016 को हत्या प्रयास, आर्म्स एक्ट और विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अ
नुसार जग्गाबाड़ा के रामनिवास ने बताया था कि वह खेती करता है। वह घटना वाले दिन भाई रामअवतार और भतीजे अनुरोध के साथ खेत में काम कर रहा था। तभी डाटा-गुराना मार्ग की तरफ से 200-250 लोग भागते हुए उनकी तरफ आए। उनके पास तेजधार हथियार थे। रामनिवास ने आरोप लगाया था कि एक युवक उनके पास आया और बोला कि यह अतर सिंह सैनी के परिवार से है। फिर उसने पिस्तौल निकालकर फायर किया। गोली बाजू को चीरकर आरपार निकल गई। गोली के छर्रे सीने में लगे और वह जमीन पर गिर गया। यह देखकर दूसरे युवक ने तलवार से वार करने का प्रयास किया। इसी दौरान भाई रामअवतार ने बीचबचाव किया। शोर-शराबा सुनकर उनके गांव के 15-20 युवक दौड़कर आए। यह देखकर हमलावर फरार हो गए। घायल रामनिवास को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। हांसी पुलिस ने केस दर्ज किया था।
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जाट आरक्षण के समय मारी थी गोली, पुलिस ने हत्या प्रयास का दर्ज किया था मामला