{"_id":"5cddb64abdec220752495962","slug":"181558033994-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम की ट्रेड लाइसेंस ब्रांच में हुआ हंगामा, पुलिस तक पहुंचा मामला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
नगर निगम की ट्रेड लाइसेंस ब्रांच में हुआ हंगामा, पुलिस तक पहुंचा मामला
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हिसार। नगर निगम की ट्रेड लाइसेंस ब्रांच में वीरवार को हंगामा हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस तक को शिकायत दे दी गई। एचएयू पुलिस चौकी के स्टाफ भी नगर निगम में मामले की जानकारी लेने पहुंच गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज लेने का भी प्रयास किया। मगर रिकॉर्ड नहीं होने के कारण फुटेज नहीं मिल सकी। मामला आजाद नगर स्थित एक मिल्क बूथ को ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए नोटिस देने के बाद हुआ। नगर निगम की ट्रेड लाइसेंस शाखा द्वारा बूथ मालिक को ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए नोटिस भेजा गया था। नोटिस मिलने के बाद बूथ मालिक ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए फीस भरने नगर निगम कार्यालय पहुंचा। एचवीसी कार्यालय में जाकर बूथ मालिक ने महिला स्टाफ को नोटिस व फीस संबंधित कागजात दे दिए। इसी दौरान वहां बैठे स्वास्थ्य शाखा के एक कर्मचारी ने कहा कि यह मिल्क बूथ तो अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर बना हुआ है। इसके लिए लाइसेंस नहीं दिया जा सकता। इस पर बूथ मालिक आक्रोशित हो गया और उसकी स्टाफ सदस्यों के साथ कहासुनी हो गई। इस पर बूथ मालिक ने कहा कि फिर उसे नोटिस क्यों भेजा गया है। नोटिस भेजा गया है तभी वह लाइसेंस लेने आया है।
स्टाफ बोला, गलती से जारी हो गया नोटिस
इस पर स्टाफ ने बूथ मालिक से कहा कि गलती से उसे नोटिस जारी हो गया है। इसी बीच बूथ मालिक ने महिला स्टाफ सदस्य के हाथ से नोटिस छीनने की कोशिश की। इसी खींचतान में नोटिस फट गया और बूथ मालिक नीचे गिर गया। इसके बाद बूथ मालिक नोटिस लेकर वहां से बाहर आ गया और नगर निगम कार्यालय से निकलकर एचएयू पुलिस चौकी के पास शिकायत कर दी। वहीं कर्मचारियों ने मामले की जानकारी डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर डॉ. पीके हुड्डा को दी।
डीएमसी ने नोटिस रद्द करने के दिए आदेश
पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर डॉ. पीके हुड्डा ने बूथ मालिक को भेजे गए नोटिस को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। मामले के करीब दो घंटे बाद एचएयू चौकी पुलिस के एएसआई और एक कांस्टेबल जानकारी लेने नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जांच पड़ताल की और सीसीटीवी फुटेज मांगी। हालांकि सीसीटीवी फुटेज उन्हें नहीं मिल पाई। अधिकारियों व स्टाफ सदस्यों के बयान लेने के बाद पुलिसकर्मी वापस चले गए।
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इस बूथ मालिक से जब जमीन की मिलकियत मांगी गई तो पता चला वह कब्जे की जमीन पर है। इसलिए ट्रेड लाइसेंस नहीं दे सकते थे। बाद में स्टाफ से कहासुनी की उसने पुलिस में शिकायत दे दी। फिलहाल मैंने उसके ट्रेड लाइसेंस के नोटिस को रद्द कर दिया है।
डॉ. पीके हुड्डा, डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर, नगर निगम।
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स्टाफ बोला, गलती से जारी हो गया नोटिस
इस पर स्टाफ ने बूथ मालिक से कहा कि गलती से उसे नोटिस जारी हो गया है। इसी बीच बूथ मालिक ने महिला स्टाफ सदस्य के हाथ से नोटिस छीनने की कोशिश की। इसी खींचतान में नोटिस फट गया और बूथ मालिक नीचे गिर गया। इसके बाद बूथ मालिक नोटिस लेकर वहां से बाहर आ गया और नगर निगम कार्यालय से निकलकर एचएयू पुलिस चौकी के पास शिकायत कर दी। वहीं कर्मचारियों ने मामले की जानकारी डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर डॉ. पीके हुड्डा को दी।
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डीएमसी ने नोटिस रद्द करने के दिए आदेश
पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर डॉ. पीके हुड्डा ने बूथ मालिक को भेजे गए नोटिस को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। मामले के करीब दो घंटे बाद एचएयू चौकी पुलिस के एएसआई और एक कांस्टेबल जानकारी लेने नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जांच पड़ताल की और सीसीटीवी फुटेज मांगी। हालांकि सीसीटीवी फुटेज उन्हें नहीं मिल पाई। अधिकारियों व स्टाफ सदस्यों के बयान लेने के बाद पुलिसकर्मी वापस चले गए।
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इस बूथ मालिक से जब जमीन की मिलकियत मांगी गई तो पता चला वह कब्जे की जमीन पर है। इसलिए ट्रेड लाइसेंस नहीं दे सकते थे। बाद में स्टाफ से कहासुनी की उसने पुलिस में शिकायत दे दी। फिलहाल मैंने उसके ट्रेड लाइसेंस के नोटिस को रद्द कर दिया है।
डॉ. पीके हुड्डा, डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर, नगर निगम।