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इंस्पेक्टर भूपेंद्र को लजीज होटल में दी गई थी 25 लाख की पहली किस्त
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने हिसार के लजीज होटल में 25 लाख की रिश्वत की पहली किस्त ली थी। रिटायर्ड जेई मोहनलाल नारंग ने अपने बयान में कहा कि भूपेंद्र शर्मा को नथवान के ठेकेदार प्रद्युम्न के बेटे मनदीप ने 25 लाख की पहली किस्त पहुंचाई थी। इसके बाद भूपेंद्र शर्मा ने इस वेयर हाउस के खिलाफ जांच रिपोर्ट में बड़ी कार्रवाई की सिफारिश नहीं की।
विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा के पास वेयर हाउसिंग के दो गोदामों की जांच का जिम्मा था। इन दोनों वेयर हाउस में घटिया निर्माण सामग्री उपयोग करने का आरोप था। पुलिस के सामने रिटायर्ड जेई मोहनलाल नारंग अपने बयान में कहा कि वह पैसे लेकर विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा को देने जा रहा था। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी विरेंद्र सिंह ने बताया कि भूपेंद्र शर्मा के पास दो जांच थी। इसमें 25 लाख रुपये की रिश्वत दिए जाने के बाद भूपेंद्र शर्मा ने दोनों जांच में उनके पक्ष में रिपोर्ट दी। कड़ी कार्रवाई की बजाय केवल विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा। 25 लाख रुपये लेने के बाद बकाया 15 लाख रुपये लेने के लिए वह लगातार धमकियां दे रहा था। इसमें पैसा न देने पर केस दर्ज कराने की धमकी दे रहा था।
व्हाट्सएप के लिए स्क्रीन शॉट
सीएम फ्लाइंग के डीएसपी विरेंद्र कुमार ने रिटायर्ड जेई मोहनलाल के मोबाइल के स्क्रीन शॉट सुबूत के तौर पर लिए हैं। इसमें उसकी कॉल डिटेल का रिकॉर्ड है। वह भूपेंद्र शर्मा से मोबाइल पर बातें कर रहा था। इसके अलावा व्हाट्सएप पर भी लगातार चेट की जा रही थी। इस चेटिंग में भी लेनदेन का जिक्र है।
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नौ लोकेशन बदलने के बाद भी नहीं आया हाथ
सीएम फ्लाइंग और सीआईडी की टीम ने भूपेंद्र शर्मा को पकड़ने के लिए नौ लोकेेशन बदली। इसमें सबसे पहले बस अड्डे पर बुलाया गया। फिर मोहनलाल को टाउन पार्क बुलाया गया। तीसरी लोकेशन माडल टाउन की दी। फिर जिमखाना क्लब, फिर एसपी कोठी के पास, इसके बाद आइडिया ऑफिस के पास बुलाया गया। सबसे अंत में मधुबन पार्क के पास बुलाया गया था। मधुबन पार्क के पास टीम ने मोहनलाल नारंग को रोक लिया।
बिजली निगम से रिटायर्ड कर्मचारी डीपी बैनीवाल ने भूपेंद्र शर्मा के रिश्वत केस में फंसने के बाद लड्डू बांटकर खुशी जाहिर की। डीपी बैनीवाल ने कहा कि आखिर सच की जीत हुई। भ्रष्ट आदमी आखिर पकड़ा गया। खुशी का मौका है आओ लड्डू खाओ।
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हिसार।
विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने हिसार के लजीज होटल में 25 लाख की रिश्वत की पहली किस्त ली थी। रिटायर्ड जेई मोहनलाल नारंग ने अपने बयान में कहा कि भूपेंद्र शर्मा को नथवान के ठेकेदार प्रद्युम्न के बेटे मनदीप ने 25 लाख की पहली किस्त पहुंचाई थी। इसके बाद भूपेंद्र शर्मा ने इस वेयर हाउस के खिलाफ जांच रिपोर्ट में बड़ी कार्रवाई की सिफारिश नहीं की।
विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा के पास वेयर हाउसिंग के दो गोदामों की जांच का जिम्मा था। इन दोनों वेयर हाउस में घटिया निर्माण सामग्री उपयोग करने का आरोप था। पुलिस के सामने रिटायर्ड जेई मोहनलाल नारंग अपने बयान में कहा कि वह पैसे लेकर विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा को देने जा रहा था। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी विरेंद्र सिंह ने बताया कि भूपेंद्र शर्मा के पास दो जांच थी। इसमें 25 लाख रुपये की रिश्वत दिए जाने के बाद भूपेंद्र शर्मा ने दोनों जांच में उनके पक्ष में रिपोर्ट दी। कड़ी कार्रवाई की बजाय केवल विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा। 25 लाख रुपये लेने के बाद बकाया 15 लाख रुपये लेने के लिए वह लगातार धमकियां दे रहा था। इसमें पैसा न देने पर केस दर्ज कराने की धमकी दे रहा था।
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व्हाट्सएप के लिए स्क्रीन शॉट
सीएम फ्लाइंग के डीएसपी विरेंद्र कुमार ने रिटायर्ड जेई मोहनलाल के मोबाइल के स्क्रीन शॉट सुबूत के तौर पर लिए हैं। इसमें उसकी कॉल डिटेल का रिकॉर्ड है। वह भूपेंद्र शर्मा से मोबाइल पर बातें कर रहा था। इसके अलावा व्हाट्सएप पर भी लगातार चेट की जा रही थी। इस चेटिंग में भी लेनदेन का जिक्र है।
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नौ लोकेशन बदलने के बाद भी नहीं आया हाथ
सीएम फ्लाइंग और सीआईडी की टीम ने भूपेंद्र शर्मा को पकड़ने के लिए नौ लोकेेशन बदली। इसमें सबसे पहले बस अड्डे पर बुलाया गया। फिर मोहनलाल को टाउन पार्क बुलाया गया। तीसरी लोकेशन माडल टाउन की दी। फिर जिमखाना क्लब, फिर एसपी कोठी के पास, इसके बाद आइडिया ऑफिस के पास बुलाया गया। सबसे अंत में मधुबन पार्क के पास बुलाया गया था। मधुबन पार्क के पास टीम ने मोहनलाल नारंग को रोक लिया।
बिजली निगम से रिटायर्ड कर्मचारी डीपी बैनीवाल ने भूपेंद्र शर्मा के रिश्वत केस में फंसने के बाद लड्डू बांटकर खुशी जाहिर की। डीपी बैनीवाल ने कहा कि आखिर सच की जीत हुई। भ्रष्ट आदमी आखिर पकड़ा गया। खुशी का मौका है आओ लड्डू खाओ।