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विवाहिता को बार-बार बेचकर उसकी आबरू लूटने के मामले में दंपती गिरफ्तार
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नारनौंद। बास क्षेत्र के एक गांव की विवाहित महिला का अपहरण कर उसे बार बार बेचने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी दंपती को हांसी महिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बता दें कि मामले में पुलिस कर्मचारियों की संलिप्तता के चलते पुलिस ने पीड़ित परिवार की सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित महिला के पति ने सीएम विंडो, एसपी हिसार, बास चौकी सहित कई जगह पर शिकायत दी। मगर पुलिस की तरफ से शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पीड़िता ने हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने जांच के लिए जिला सेशन कोर्ट को और सेशन ने याचिका में जांच के लिए हांसी के एसपी को आदेश दिए थे। हांसी के एसपी ने जांच के लिए नारनौंद के डीएसपी जोगिंद्र राठी को जांच सौंपी थी। हांसी महिला पुलिस ने तत्कालीन बास चौकी इंचार्ज राधेश्याम, एचसी रविंद्र, उमेद सिंह, चाची, चाची के पति सत्यवान, गुड्डी, सावित्री, विकास व नवीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसमें चाची व उसके पति सत्यवान को महिला पुलिस हांसी ने गिरफ्तार कर लिया।
ये है मामला
पीड़िता की पहचान एक चाची नाम की महिला से हुई और पहले तो पीड़ित महिला से चाची के पति ने उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी अश्लील वीडियो क्लिप बना ली और फिर उस क्लिप का डर दिखाकर बार बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 4 जनवरी 2016 को उसे भिवानी की एक महिला गुड्डी के साथ जाने को कहा तो मना करने पर उन्होंने कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया। जब उसे होश आया तो वह एक कमरे में बंद थी। गुड्डी ने उसे बताया कि उसे चाची से 40 हजार रुपये में खरीद लिया है। वहां पर उसे नशीला पदार्थ सुंघा कर रखा गया। उसके बाद उसे गुड्डी की एक जानकार सावित्री के साथ भेज दिया गया। वहां भी उसे बंद कमरे में और बेहोशी की हालत में रखा गया। फिर गुड्डी ने उसे विकास नाम के युवक को दो लाख रुपये में बेच दिया। जो काफी महीनों तक उसे बंधन बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। जब विकास घर पर नहीं होता तो उसका भाई नवीन उसके साथ दुष्कर्म करता। इस दौरान वह गर्भवती भी हो गई। मामला बिगड़ता देेेख चाची और चौकी इंचार्ज ने मिलकर उससे पीछा छुड़वाने के लिए उसे वापस बिहार भेजना ठीक समझा और पीड़ित महिला के जीजा को बुलाकर महिला को उसके साथ बिहार भेज दिया। अक्तूबर 2016 में उसने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।
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मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं।
- निर्मला, महिला थाना प्रभारी हांसी।
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बता दें कि मामले में पुलिस कर्मचारियों की संलिप्तता के चलते पुलिस ने पीड़ित परिवार की सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित महिला के पति ने सीएम विंडो, एसपी हिसार, बास चौकी सहित कई जगह पर शिकायत दी। मगर पुलिस की तरफ से शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पीड़िता ने हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने जांच के लिए जिला सेशन कोर्ट को और सेशन ने याचिका में जांच के लिए हांसी के एसपी को आदेश दिए थे। हांसी के एसपी ने जांच के लिए नारनौंद के डीएसपी जोगिंद्र राठी को जांच सौंपी थी। हांसी महिला पुलिस ने तत्कालीन बास चौकी इंचार्ज राधेश्याम, एचसी रविंद्र, उमेद सिंह, चाची, चाची के पति सत्यवान, गुड्डी, सावित्री, विकास व नवीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसमें चाची व उसके पति सत्यवान को महिला पुलिस हांसी ने गिरफ्तार कर लिया।
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ये है मामला
पीड़िता की पहचान एक चाची नाम की महिला से हुई और पहले तो पीड़ित महिला से चाची के पति ने उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी अश्लील वीडियो क्लिप बना ली और फिर उस क्लिप का डर दिखाकर बार बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 4 जनवरी 2016 को उसे भिवानी की एक महिला गुड्डी के साथ जाने को कहा तो मना करने पर उन्होंने कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया। जब उसे होश आया तो वह एक कमरे में बंद थी। गुड्डी ने उसे बताया कि उसे चाची से 40 हजार रुपये में खरीद लिया है। वहां पर उसे नशीला पदार्थ सुंघा कर रखा गया। उसके बाद उसे गुड्डी की एक जानकार सावित्री के साथ भेज दिया गया। वहां भी उसे बंद कमरे में और बेहोशी की हालत में रखा गया। फिर गुड्डी ने उसे विकास नाम के युवक को दो लाख रुपये में बेच दिया। जो काफी महीनों तक उसे बंधन बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। जब विकास घर पर नहीं होता तो उसका भाई नवीन उसके साथ दुष्कर्म करता। इस दौरान वह गर्भवती भी हो गई। मामला बिगड़ता देेेख चाची और चौकी इंचार्ज ने मिलकर उससे पीछा छुड़वाने के लिए उसे वापस बिहार भेजना ठीक समझा और पीड़ित महिला के जीजा को बुलाकर महिला को उसके साथ बिहार भेज दिया। अक्तूबर 2016 में उसने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।
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मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं।
- निर्मला, महिला थाना प्रभारी हांसी।