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110 लोगों को रिश्वत मामलों में गिरफ्तार कर चुके भूपेंद्र शर्मा खुद 40 लाख रिश्वत केस में घिरे
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
करीब 110 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में रंगे हाथों गिरफ्तार कर चुके फतेहाबाद विजिलेंस के इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा खुद 40 लाख रुपये के भ्रष्टाचार मामले में फंस गए हैं। फतेहाबाद के ढांड में वेयर हाउस की जांच के नाम पर रिश्वत दिए जाने का मामला आया है। इसमें दो वीडियो भी वायरल हुए हैं। पुलिस ने विजिलेंस के इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा समेत चार लोगों पर भ्रष्टाचार अधीनियम की धारा 7, 8, 9 के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा 166 आईपीसी की धारा भी जोड़ी गई है।
जानकारी के अनुसार हिसार, फतेहाबाद की खुफिया विभागों की टीमों ने विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया था। सीआईडी को सूचना मिली थी कि गांव ढांड में एक वेयर हाउस बनाया जा रहा है। इसकी जांच को लेकर विजिलेंस इंस्पेक्टर ने 40 लाख रुपये की डिमांड की थी। इसमें पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपये दिए जा चुके थे। दूसरी किस्त में सात लाख रुपये बुधवार शाम फतेहाबाद में देने थे।
भनक लगी तो रुपये मंगाने के बदलता रहा ठिकाने
हिसार सीआईडी डीएसपी वीरेंद्र सिंह के अलावा फतेहाबाद के अधिकारी इस टीम में शामिल किए गए थे। इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने कथित तौर पर पैसे देने आ रहे रिटायर्ड जेई मोहन लाल नारंग को फतेहाबाद की बजाय हिसार में कैंप चौक पर बुला लिया। कैंप चौक पहुंचे तो उनको मटका चौक आने को कहा। इसके बाद उसे सेक्टर एरिया में बुलाया। जेई मोहन लाल नारंग पैसे लेकर घूमते रहे, लेकिन इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा नहीं पहुंचे। सूत्रों के अनुसार इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा को कहीं से भनक लग गई थी। इस कारण वह मौके पर नहीं आए। सीआईडी टीम ने रिटायर्ड जेई मोहन लाल नारंग की गाड़ी रुकवाकर वीडियो बनाते हुए उनसे पूछताछ की। इसमें मिठाई के डिब्बे में सात लाख रुपये मिले।
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दो हजार के नोटों की एक और 500 के नोटों की छह गड्डी दिखी वीडियो में
मोहन लाल नारंग गाड़ी के डैशबोर्ड में एक बैग को निकालता है। इसमें कुछ कागजात दिखते हैं। सीआईडी टीम के कहने पर डैश बोर्ड से मिठाई का डिब्बा निकालते हैं। इसमें दो हजार के नोटों की एक गड्डी और 500 के नोटों की छह गड्डी दिखती हैं। वीडियो बना रहे व्यक्ति के पूछने पर जेई बताते हैं कि उन्हें ये पैसे सचिव और कार्यकारी अभियंता ने दिए हैं। यह पैसे भूपेंद्र शर्मा को दिए जाने थे। पूछताछ में जेई मोहन लाल नारंग ने पैसों के मामले में किसी विभाग के सचिव विनीत चावला और एक्सईएन प्रकाश वीर के नामों का खुलासा किया। नारंग के मुताबिक इन दोनों का फोन आया था कि सुरेवाला चौक से पैसे लेकर इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा को देने हैं। रिटायर्ड जेई मोहनलाल ने कहा कि सुरेवाला चौक पर ठेकेदार नरेश जैन का कोई कर्मचारी उसे ये पैसे देकर गया है। साथ यह भी कहा कि ये रुपये किसी जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से दिए जाने थे। भ्रष्टाचार मामले में विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा, वेयर हाउस के एक्सईएन प्रकाश वीर, सचिव विनीत चावला, रिटायर्ड जेई मोहन लाल शामिल हैं, इन पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया है।
वर्जन
40 लाख रुपये की रिश्वत का मामला सामने आया है। चार लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार मामले में विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा, वेयर हाउस के एक्सईएन प्रकाश वीर, सचिव विनीत चावला, रिटायर्ड जेई मोहन लाल शामिल हैं।
-विरेंद्र सिंह, डीएसपी, विजिलेंस हिसार
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हिसार।
करीब 110 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में रंगे हाथों गिरफ्तार कर चुके फतेहाबाद विजिलेंस के इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा खुद 40 लाख रुपये के भ्रष्टाचार मामले में फंस गए हैं। फतेहाबाद के ढांड में वेयर हाउस की जांच के नाम पर रिश्वत दिए जाने का मामला आया है। इसमें दो वीडियो भी वायरल हुए हैं। पुलिस ने विजिलेंस के इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा समेत चार लोगों पर भ्रष्टाचार अधीनियम की धारा 7, 8, 9 के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा 166 आईपीसी की धारा भी जोड़ी गई है।
जानकारी के अनुसार हिसार, फतेहाबाद की खुफिया विभागों की टीमों ने विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया था। सीआईडी को सूचना मिली थी कि गांव ढांड में एक वेयर हाउस बनाया जा रहा है। इसकी जांच को लेकर विजिलेंस इंस्पेक्टर ने 40 लाख रुपये की डिमांड की थी। इसमें पहली किस्त के तौर पर 25 लाख रुपये दिए जा चुके थे। दूसरी किस्त में सात लाख रुपये बुधवार शाम फतेहाबाद में देने थे।
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भनक लगी तो रुपये मंगाने के बदलता रहा ठिकाने
हिसार सीआईडी डीएसपी वीरेंद्र सिंह के अलावा फतेहाबाद के अधिकारी इस टीम में शामिल किए गए थे। इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने कथित तौर पर पैसे देने आ रहे रिटायर्ड जेई मोहन लाल नारंग को फतेहाबाद की बजाय हिसार में कैंप चौक पर बुला लिया। कैंप चौक पहुंचे तो उनको मटका चौक आने को कहा। इसके बाद उसे सेक्टर एरिया में बुलाया। जेई मोहन लाल नारंग पैसे लेकर घूमते रहे, लेकिन इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा नहीं पहुंचे। सूत्रों के अनुसार इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा को कहीं से भनक लग गई थी। इस कारण वह मौके पर नहीं आए। सीआईडी टीम ने रिटायर्ड जेई मोहन लाल नारंग की गाड़ी रुकवाकर वीडियो बनाते हुए उनसे पूछताछ की। इसमें मिठाई के डिब्बे में सात लाख रुपये मिले।
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दो हजार के नोटों की एक और 500 के नोटों की छह गड्डी दिखी वीडियो में
मोहन लाल नारंग गाड़ी के डैशबोर्ड में एक बैग को निकालता है। इसमें कुछ कागजात दिखते हैं। सीआईडी टीम के कहने पर डैश बोर्ड से मिठाई का डिब्बा निकालते हैं। इसमें दो हजार के नोटों की एक गड्डी और 500 के नोटों की छह गड्डी दिखती हैं। वीडियो बना रहे व्यक्ति के पूछने पर जेई बताते हैं कि उन्हें ये पैसे सचिव और कार्यकारी अभियंता ने दिए हैं। यह पैसे भूपेंद्र शर्मा को दिए जाने थे। पूछताछ में जेई मोहन लाल नारंग ने पैसों के मामले में किसी विभाग के सचिव विनीत चावला और एक्सईएन प्रकाश वीर के नामों का खुलासा किया। नारंग के मुताबिक इन दोनों का फोन आया था कि सुरेवाला चौक से पैसे लेकर इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा को देने हैं। रिटायर्ड जेई मोहनलाल ने कहा कि सुरेवाला चौक पर ठेकेदार नरेश जैन का कोई कर्मचारी उसे ये पैसे देकर गया है। साथ यह भी कहा कि ये रुपये किसी जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से दिए जाने थे। भ्रष्टाचार मामले में विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा, वेयर हाउस के एक्सईएन प्रकाश वीर, सचिव विनीत चावला, रिटायर्ड जेई मोहन लाल शामिल हैं, इन पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया है।
वर्जन
40 लाख रुपये की रिश्वत का मामला सामने आया है। चार लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार मामले में विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा, वेयर हाउस के एक्सईएन प्रकाश वीर, सचिव विनीत चावला, रिटायर्ड जेई मोहन लाल शामिल हैं।
-विरेंद्र सिंह, डीएसपी, विजिलेंस हिसार