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जमीनी विवाद में फर्जी नंबरदार बनकर दी गवाही, सीएम को भेजी शिकायत
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। शिकारपुर निवासी प्रताप की जमीन के कुछ भाग की रजिस्ट्री गांव के ही कुछ लोगों द्वारा फर्जीवाड़ा करके अपने नाम कराने का आरोप है। इसमें एक व्यक्ति ने फर्जी नंबरदार बनकर गवाही दी और प्रताप की जमीन दूसरे लोगों द्वारा कथित तौर पर हड़पने में मदद की। इस मामले की शिकायत प्रताप ने पुलिस से की, लेकिन जब कार्रवाई नहीं हुई तो उसने इसकी शिकायत सीएम को भेजी है।
मामले के अनुसार सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में प्रताप ने आरोप लगाया कि उसके गांव के कुछ लोगों ने साजिश रचकर उसकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से रजिस्ट्री करवाई। इसमें गांव में ही रह रहे एवं भिवानी के चनाना निवासी ताराचंद ने उनकी मदद की और फर्जी नंबरदार बनकर गवाही दी। इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रताप ने मामले की शिकायत सीएम के नाम भेजी है।
फर्जी नंबरदार बना ताराचंद
प्रताप ने ताराचंद के नंबरदार होने की सूचना भिवानी और हिसार से मांगी। भिवानी के दरियापुर-2 के पटवारी द्वारा रिपोर्ट दी गई कि चनाना गांव में ताराचंद नाम का नंबरदार नहीं है। हिसार के तहसीलदार द्वारा रिपोर्ट दी गई कि रिकॉर्ड के अनुसार शिकारपुर में केवल एक ही नंबरदार है, जिसका नाम सुभाष चंद्र है और वह नंबरदारी भत्ता प्राप्त कर रहा है।
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हिसार। शिकारपुर निवासी प्रताप की जमीन के कुछ भाग की रजिस्ट्री गांव के ही कुछ लोगों द्वारा फर्जीवाड़ा करके अपने नाम कराने का आरोप है। इसमें एक व्यक्ति ने फर्जी नंबरदार बनकर गवाही दी और प्रताप की जमीन दूसरे लोगों द्वारा कथित तौर पर हड़पने में मदद की। इस मामले की शिकायत प्रताप ने पुलिस से की, लेकिन जब कार्रवाई नहीं हुई तो उसने इसकी शिकायत सीएम को भेजी है।
मामले के अनुसार सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में प्रताप ने आरोप लगाया कि उसके गांव के कुछ लोगों ने साजिश रचकर उसकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से रजिस्ट्री करवाई। इसमें गांव में ही रह रहे एवं भिवानी के चनाना निवासी ताराचंद ने उनकी मदद की और फर्जी नंबरदार बनकर गवाही दी। इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रताप ने मामले की शिकायत सीएम के नाम भेजी है।
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फर्जी नंबरदार बना ताराचंद
प्रताप ने ताराचंद के नंबरदार होने की सूचना भिवानी और हिसार से मांगी। भिवानी के दरियापुर-2 के पटवारी द्वारा रिपोर्ट दी गई कि चनाना गांव में ताराचंद नाम का नंबरदार नहीं है। हिसार के तहसीलदार द्वारा रिपोर्ट दी गई कि रिकॉर्ड के अनुसार शिकारपुर में केवल एक ही नंबरदार है, जिसका नाम सुभाष चंद्र है और वह नंबरदारी भत्ता प्राप्त कर रहा है।
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