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दहेज प्रताड़ना के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उपमंडल कार्यालय पर किया प्रदर्शन
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किसानों ने उपमंडल कार्यालय पर किया प्रदर्शन
नारनौंद। एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ बेटियों को न्याय दिलाने के लिए लोगों को आंदोलनों का रास्ता चुनना पड़ रहा है। यह बात भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष बिल्लू खांडा ने उपमंडल कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहे।
खांडाखेड़ी की बेटी को न्याय दिलाने और किसानों को सरसों की खरीद में आ रही दिक्कतों को लेकर किसानों ने नारनौंद के एसडीएम सुरेंद्र दूहन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने सरकार व पुलिस विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
यह है मामला
भाकियू नेता बिल्लू खांडा ने बताया कि उसकी भतीजी रीना की शादी 15 दिसंबर 2013 को हांसी के गांव सिसाय बोलान निवासी सर्वेश उर्फ अमित के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति, सास, ससुर व देवर उसके साथ कम दहेज लाने को लेकर मारपीट करने लगे। उसे अक्सर घर से निकाल देते। पंचायतों से समझौता भी हुआ। मगर फिर परेशान करने लगते। 26 मार्च 2016 को उसने एक बेटे को भी जन्म दिया। ससुराल जन दो लाख रुपये व आई-20 कार की मांगने लगे। उनको समझाकर दो लाख रुपये दे दिए। कुछ समय बाद फिर कार मांगने लगे। 23 मार्च को गर्भवती होते हुए भी उसे घर से निकाल दिया। तीन दिन बाद ही उसने बेटे को जन्म दिया। उन्होंने एक लाख रुपये फिर दे दिए। मगर 30 जुलाई 2018 को फिर घर से निकाल दिया। बार-बार उनके ऊपर तलाक देने का भी दबाव बनाते रहते हैं। बिल्लू खांडा ने कहा कि नारनौंद पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है। जिस महिला थाने में केस चल रहा था, उस महिला थाने की कर्मचारी ने खाली कागज पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवा लिए और उस केस को रद्द करवा दिया। उन्होंने एसपी से मिलकर भी महिला कर्मचारी की शिकायत की। मगर एसपी ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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उधर, किसानों को भी हो रही दिक्कत
वहीं किसानों ने कहा कि सरसों की खरीद में किसानों को दिक्कतें आ रही हैं। बरवाला क्षेत्र में सरसों की सबसे अधिक आवक होती है। वहां सरकार ने सरसों खरीद का केंद्र नहीं दिया। सरकार सिर्फ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए ही इस प्रकार की योजनाएं बना रही हैं। सरकार ने जो दिनों के हिसाब से सरसों की खरीद शुरू की है, वह गलत है। इसे बंद किया जाना चाहिए। एक एकड़ में सरसों की आवक 15 क्विंटल तक हो जाती है जबकि सरकार सिर्फ 6 क्विंटल खरीद रही है, जबकि बाकी 9 क्विंटल किसान कहां लेकर जाएगा। नारनौंद थाना प्रभारी जसविंद्र सिंह ने बताया कि महिला रीना की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ धारा 498ए, 406, 323, 506 व 34 के तहत केस दर्ज किया जा चुुका है। पति सर्वेश उर्फ अमित को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नारनौंद। एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ बेटियों को न्याय दिलाने के लिए लोगों को आंदोलनों का रास्ता चुनना पड़ रहा है। यह बात भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष बिल्लू खांडा ने उपमंडल कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहे।
खांडाखेड़ी की बेटी को न्याय दिलाने और किसानों को सरसों की खरीद में आ रही दिक्कतों को लेकर किसानों ने नारनौंद के एसडीएम सुरेंद्र दूहन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने सरकार व पुलिस विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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यह है मामला
भाकियू नेता बिल्लू खांडा ने बताया कि उसकी भतीजी रीना की शादी 15 दिसंबर 2013 को हांसी के गांव सिसाय बोलान निवासी सर्वेश उर्फ अमित के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति, सास, ससुर व देवर उसके साथ कम दहेज लाने को लेकर मारपीट करने लगे। उसे अक्सर घर से निकाल देते। पंचायतों से समझौता भी हुआ। मगर फिर परेशान करने लगते। 26 मार्च 2016 को उसने एक बेटे को भी जन्म दिया। ससुराल जन दो लाख रुपये व आई-20 कार की मांगने लगे। उनको समझाकर दो लाख रुपये दे दिए। कुछ समय बाद फिर कार मांगने लगे। 23 मार्च को गर्भवती होते हुए भी उसे घर से निकाल दिया। तीन दिन बाद ही उसने बेटे को जन्म दिया। उन्होंने एक लाख रुपये फिर दे दिए। मगर 30 जुलाई 2018 को फिर घर से निकाल दिया। बार-बार उनके ऊपर तलाक देने का भी दबाव बनाते रहते हैं। बिल्लू खांडा ने कहा कि नारनौंद पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है। जिस महिला थाने में केस चल रहा था, उस महिला थाने की कर्मचारी ने खाली कागज पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवा लिए और उस केस को रद्द करवा दिया। उन्होंने एसपी से मिलकर भी महिला कर्मचारी की शिकायत की। मगर एसपी ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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उधर, किसानों को भी हो रही दिक्कत
वहीं किसानों ने कहा कि सरसों की खरीद में किसानों को दिक्कतें आ रही हैं। बरवाला क्षेत्र में सरसों की सबसे अधिक आवक होती है। वहां सरकार ने सरसों खरीद का केंद्र नहीं दिया। सरकार सिर्फ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए ही इस प्रकार की योजनाएं बना रही हैं। सरकार ने जो दिनों के हिसाब से सरसों की खरीद शुरू की है, वह गलत है। इसे बंद किया जाना चाहिए। एक एकड़ में सरसों की आवक 15 क्विंटल तक हो जाती है जबकि सरकार सिर्फ 6 क्विंटल खरीद रही है, जबकि बाकी 9 क्विंटल किसान कहां लेकर जाएगा। नारनौंद थाना प्रभारी जसविंद्र सिंह ने बताया कि महिला रीना की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ धारा 498ए, 406, 323, 506 व 34 के तहत केस दर्ज किया जा चुुका है। पति सर्वेश उर्फ अमित को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।