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किशोरी का अपहरण, तीन घंटे बाद मिली, परिजन बोले- गैंगरेप, पीड़िता बोली- मर्जी से गई थी
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
शहर से बाहर सदर एरिया की एक कॉलोनी में किशोरी के अपहरण मामले में खूब ड्रामा हुआ। अचानक गायब हुई किशोरी के परिजन शनिवार रात 12 बजे ही महिला थाने में अपहरण और गैंगरेप की शिकायत देने पहुंच गए। हालांकि सदर थाने में पुलिस ने देर रात अपहरण का केस दर्ज कर लिया। सुबह जब पुलिस ने किशोरी के बयान लेने चाहे तो मामला बदलता गया। रविवार देर शाम होते-होते किशोरी ने बयान दिए कि वह अपनी मर्जी से गई थी। पुलिस ने अब इस मामले के बाद आखिर में देर शाम किशोरी को उसके परिजनों के हवाले कर दिया। दूसरी तरफ नाबालिग के भाई ने कहा कि उसकी बहन के साथ गलत काम हुआ है, वह सहमी हुई है और दबाव में बोल रही है कि वह मर्जी से गई थी।
पिस्तौल दिखा अपहरण, बाद में बेहोशी की हालत में फेंककर फरार
परिजनों ने बताया कि पड़ोस का युवक पांच अन्य युवकों के साथ शनिवार रात आठ बजे एक गाड़ी में आया। गाड़ी उनके घर के बाहर खड़ी थी। चालक ने हॉर्न बजाया तो उसकी बहन बाहर निकली। वहां उसका पिस्तौल के बल पर गाड़ी में अपहरण कर लिया गया और फरार हो गए। हम बाद में किशोरी को ढूंढते रहे, लेकिन कोई सुराग न मिला। वह साढे़ तीन घंटे बाद घर के सामने एक गैराज के पास अर्धचेतन हालत में मिली।
कंट्रोल रूम का फोन नहीं हुआ रिसीव
परिजनों का आरोप है कि रात को उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर कई बार मिलाया। फोन एक बार रिसीव हुआ। वे बात बताने लगे तो फोन कट गया। दोबारा नंबर नहीं मिला, व्यस्त आता रहा। फिर कई बार प्रयास करने पर हेल्पलाइन नंबर 1091 पर बात हुई। उन्होंने किशोरी का अपहरण होने की बात बताई।
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भाई बोला, दबाव बनाकर किए बयान दर्ज
किशोरी के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बयान दर्ज करने में ढील बरती। दूसरे पक्ष के काफी लोग थाने में पहुंच गए थे। उन्हीं के दबाव में उसकी बहन ने सही बयान नहीं दिए। उसकी बहन सहम गई थी। यदि उसकी बहन सच्चे बयान देती तो मामला कुछ और होता।
किशोरी ने यह दिए बयान
परिजन जहां गैंगरेप का आरोप लगा रहे हैं, वहीं किशोरी ने दूसरे पक्ष के हक में बयान दिए हैं। किशोरी ने बयान दिए कि एक युवक के साथ उसकी फ्रेंडशिप है। उसका फोन आया था। वह बुलाने पर चली गई थी। उनमें बातचीत हुई थी और वह बात करके वापस लौट आई थी। उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ।
सुलगते सवाल
- इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। नाबालिग रात को पुलिस के सामने कुछ और बयान दे रही थी और रविवार दोपहर को कुछ और बयान दिए।
- भाई ने सवाल उठाया कि दूसरा पक्ष थाने में मौजूद था, जिन्होंने नाबालिग पर दबाव बनाया।
- रात को पुलिस मौके पर भी गई थी। पुलिस ने उस वक्त अपहरण सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया, लेकिन मेडिकल करवाने के लिए सुबह की बात कही गई।
- बच्चों और महिलाओं से संबंधित एक अधिकारी के सामने खुद किशोरी ने पूरी घटना बताई थी।
- किशोरी के कपड़े पूरी तरह से मिट्टी में सने हुए थे।
- नाबालिग के परिजनों ने केस दर्ज करवाया था, फिर उसे रद्द करने की तैयारी क्यों?
यह बोले पुलिस अधिकारी
किशोरी के परिजनों की शिकायत पर रात को ही बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और आपराधिक षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था। किशोरी मिल गई। उसने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान देकर कहा कि वह मर्जी से एक युवक के पास गई थी और बात करके लौट आई थी। उसके साथ गलत नहीं हुआ। इस मामले में केस रद्द की प्रोसेस चलेगी।
-सुरेश कुमार, एसआई, सदर थाना
............
इस मामले में लड़की नाबालिग है और उसकी मां के बयानों पर केस दर्ज हुआ है तो अपहरण और पॉक्सो एक्ट का केस बनता है। रेप की पुष्टि के बारे में किशोरी के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस पहले जो मामला दर्ज किया था, उसे कानून रद्द नहीं कर सकती और जिन पर आरोप लगाया है, उनके खिलाफ कार्रवाई बनती है।
- लालबहादुर खोवाल, सीनियर एडवोकेट
-शनिवार रात से थानों के चक्कर काट रहे थे परिजन
- किशोरी को भी सुबह से शाम तक बैठाए रखा सदर थाने में
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हिसार।
शहर से बाहर सदर एरिया की एक कॉलोनी में किशोरी के अपहरण मामले में खूब ड्रामा हुआ। अचानक गायब हुई किशोरी के परिजन शनिवार रात 12 बजे ही महिला थाने में अपहरण और गैंगरेप की शिकायत देने पहुंच गए। हालांकि सदर थाने में पुलिस ने देर रात अपहरण का केस दर्ज कर लिया। सुबह जब पुलिस ने किशोरी के बयान लेने चाहे तो मामला बदलता गया। रविवार देर शाम होते-होते किशोरी ने बयान दिए कि वह अपनी मर्जी से गई थी। पुलिस ने अब इस मामले के बाद आखिर में देर शाम किशोरी को उसके परिजनों के हवाले कर दिया। दूसरी तरफ नाबालिग के भाई ने कहा कि उसकी बहन के साथ गलत काम हुआ है, वह सहमी हुई है और दबाव में बोल रही है कि वह मर्जी से गई थी।
पिस्तौल दिखा अपहरण, बाद में बेहोशी की हालत में फेंककर फरार
परिजनों ने बताया कि पड़ोस का युवक पांच अन्य युवकों के साथ शनिवार रात आठ बजे एक गाड़ी में आया। गाड़ी उनके घर के बाहर खड़ी थी। चालक ने हॉर्न बजाया तो उसकी बहन बाहर निकली। वहां उसका पिस्तौल के बल पर गाड़ी में अपहरण कर लिया गया और फरार हो गए। हम बाद में किशोरी को ढूंढते रहे, लेकिन कोई सुराग न मिला। वह साढे़ तीन घंटे बाद घर के सामने एक गैराज के पास अर्धचेतन हालत में मिली।
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कंट्रोल रूम का फोन नहीं हुआ रिसीव
परिजनों का आरोप है कि रात को उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर कई बार मिलाया। फोन एक बार रिसीव हुआ। वे बात बताने लगे तो फोन कट गया। दोबारा नंबर नहीं मिला, व्यस्त आता रहा। फिर कई बार प्रयास करने पर हेल्पलाइन नंबर 1091 पर बात हुई। उन्होंने किशोरी का अपहरण होने की बात बताई।
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भाई बोला, दबाव बनाकर किए बयान दर्ज
किशोरी के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बयान दर्ज करने में ढील बरती। दूसरे पक्ष के काफी लोग थाने में पहुंच गए थे। उन्हीं के दबाव में उसकी बहन ने सही बयान नहीं दिए। उसकी बहन सहम गई थी। यदि उसकी बहन सच्चे बयान देती तो मामला कुछ और होता।
किशोरी ने यह दिए बयान
परिजन जहां गैंगरेप का आरोप लगा रहे हैं, वहीं किशोरी ने दूसरे पक्ष के हक में बयान दिए हैं। किशोरी ने बयान दिए कि एक युवक के साथ उसकी फ्रेंडशिप है। उसका फोन आया था। वह बुलाने पर चली गई थी। उनमें बातचीत हुई थी और वह बात करके वापस लौट आई थी। उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ।
सुलगते सवाल
- इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। नाबालिग रात को पुलिस के सामने कुछ और बयान दे रही थी और रविवार दोपहर को कुछ और बयान दिए।
- भाई ने सवाल उठाया कि दूसरा पक्ष थाने में मौजूद था, जिन्होंने नाबालिग पर दबाव बनाया।
- रात को पुलिस मौके पर भी गई थी। पुलिस ने उस वक्त अपहरण सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया, लेकिन मेडिकल करवाने के लिए सुबह की बात कही गई।
- बच्चों और महिलाओं से संबंधित एक अधिकारी के सामने खुद किशोरी ने पूरी घटना बताई थी।
- किशोरी के कपड़े पूरी तरह से मिट्टी में सने हुए थे।
- नाबालिग के परिजनों ने केस दर्ज करवाया था, फिर उसे रद्द करने की तैयारी क्यों?
यह बोले पुलिस अधिकारी
किशोरी के परिजनों की शिकायत पर रात को ही बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और आपराधिक षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था। किशोरी मिल गई। उसने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान देकर कहा कि वह मर्जी से एक युवक के पास गई थी और बात करके लौट आई थी। उसके साथ गलत नहीं हुआ। इस मामले में केस रद्द की प्रोसेस चलेगी।
-सुरेश कुमार, एसआई, सदर थाना
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इस मामले में लड़की नाबालिग है और उसकी मां के बयानों पर केस दर्ज हुआ है तो अपहरण और पॉक्सो एक्ट का केस बनता है। रेप की पुष्टि के बारे में किशोरी के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस पहले जो मामला दर्ज किया था, उसे कानून रद्द नहीं कर सकती और जिन पर आरोप लगाया है, उनके खिलाफ कार्रवाई बनती है।
- लालबहादुर खोवाल, सीनियर एडवोकेट
-शनिवार रात से थानों के चक्कर काट रहे थे परिजन
- किशोरी को भी सुबह से शाम तक बैठाए रखा सदर थाने में