फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   बिजली निगम के सेवानिवृत अधीक्षक से 2.38 लाख रुपये की ठगी

बिजली निगम के सेवानिवृत अधीक्षक से 2.38 लाख रुपये की ठगी

Sat, 12 Jan 2019 12:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jan 2019 12:55 AM IST
विज्ञापन
बिजली निगम के सेवानिवृत अधीक्षक से 2.38 लाख रुपये की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार। बिजली निबम से सेवानिवृत्त अधीक्षक से 2 लाख 38 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। 12 क्वार्टर रोड स्थित ढाणी किशन दत्त निवासी 68 वर्षीय रघुबीर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन इस मामले में आठ माह बाद केस दर्ज हुआ है। इस मामले में एचटीएम थाना पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
सिवानी निवासी सुमन और नंदिनी के खिलाफ पुलिस को दी शिकायत में रघुबीर ने बताया कि 28 मई 2018 को उसके पास फोन आया और उससे कहा कि वे सिवानी के रहने वाले हैं और उनका एक्सीडेंट हो गया है। उनकी माता को ज्यादा चोट आई है, जो अस्पताल में दाखिल है।
विज्ञापन

अगर कुछ मदद कर दो तो ठीक होने के बाद उनके पैसे दे देंगे। रघुबीर ने बताया कि उन्होंने ये भी कहा कि वे लोग नौकरी करते हैं और 60-65 हजार रुपये वेतन लेते हैं, जल्दी ही उनके पैसे लौटा देंगे। रघुबीर के ये पूछने पर कि वे सोनीपत इलाज क्यों करा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि सोनीपत में उनके मामा का लड़का काम करता है, इसलिए लेकर आए। उन्होंने सोनीपत के देव नगर में एक अस्पताल में एक डॉक्टर से इलाज कराना बताया और हर उस आदमी से बात कराते, जिस पर शक होता। रघुबीर ने कहा कि मानवता के नाते वह पैसे दे देता और वे बार-बार पैसे मांगते रहे। एक बार पैसे जाने के बाद उन्हें निकलवाने के लिए उसने कई बार पैसे दिया। रघुबीर ने बताया कि उसने किरण के खाते में करीब 50 हजार रुपये, जगमेश के खाते में करीब 93 हजार रुपये और संतोष शर्मा के खाते में 95 हजार रुपये डलवाए। बाद में जब रुपये मांगे तो उन्होंने पुलिस को शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायत दर्ज कराने के लिए मैंने बहुत धक्के खाए, लेकिन मेरी शिकायत दर्ज नहीं की गई। मैं गृह मंत्रालय तक गया। अब जाकर आठ महीने बाद शिकायत दर्ज की गई है। इसमें भी उन तीन लोगों किरण, जगमेश और संतोष के नाम शामिल नहीं किए, जिनके खातों में मैंने पैसे डलवाए हैं।

-रघुबीर सिंह, शिकायतकर्ता

शिकायतकर्ता ने स्वयं उनके खातों में रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए हैं। ऐसे में थाना एसएचओ द्वारा उच्च अधिकारियों और डीए की सलाह के बाद मामला दर्ज किया गया, जिसमें देरी हुई। फिलहाल जांच की जा रही है।
-एएसआई जितेंद्र, इंचार्ज, न्यू सब्जी मंडी पुलिस चौकी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed