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सरकार के निर्देश पर खरे नहीं उतर रहे बैंक

Sun, 13 Nov 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/हिसार,अमर उजाला
ब्यूरो/हिसार,अमर उजाला Updated Sun, 13 Nov 2016 12:24 AM IST
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Bank on the instructions of the government could not rise, Hisar
सरकार के निर्देश पर खरे नहीं उतर रहे बैंक - फोटो : अमर उजाला

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मनी एक्सचेंज हो या 500 व 1 हजार रुपये के नोट जमा करवाने का मामला जिले के बैंक इस स्थिति को संभाल ही नहीं पा रहे। हाल यह है कि लाइन में तीन से चार घंटे तक खड़े होने के बाद भी लोगों का नंबर नहीं आता है। नंबर आ भी जाए तो तब तक कैश खत्म हो जाता है। सरकार के निर्देशों पर बैंक खरे नहीं उतर पा रहे हैं। लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। बैंकों के बाहर लंबी लाइनें लग रही है। अधिकतर बैंकों में दोपहर को ही कैश सिमट गया। ऐसा ही हाल एटीएम का था। कुछ ही एटीएम में कैश था जिनमें कैश था वो भी जल्द ही समाप्त हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस कार्रवाई को सही बताने वाले आम लोगों की परेेशानी के चलते धीरे धीरे विचारधारा बदलती जा रही है। लोग इस तरह एकदम बंद किए गए बड़े नोटों के चलन की प्रक्रिया को अब गलत बताने लगे हैं।

अतिरिक्त काउंटरों की बात केवल कागजी
अधिकतर बैंकों में कोई अतिरिक्त काउंटर नहीं बनाए गए। जितने काउंटर रूटीन में चल रहे हैं उन्हीं पर मनी एक्सचेंज और जमा करवाने का काम हो रहा है। बैंक अधिकारी केवल कागजों में अतिरिक्त काउंटर दिखा रहे हैं। इतनी भीड़ में आम लोग यह पूछना तो दूर कि अतिरिक्त व्यवस्था क्या है, पहले लाइनों में लगकर जल्द नंबर लगाने की होड़ में जुटे दिखे। कुछ ने पूछा भी तो उन्हें माकूल जवाब न मिला।
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दिव्यांगों, बुजुर्गों,महिलाओं के लिए नहीं अलग व्यवस्था
बैंकों में बुजुर्गों, दिव्यांगों व महिलाओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। शनिवार को सेक्टर 14 स्थित एसबीआई बैंक में दिव्यांग लेडी लाइन में लगी हुई थी। बैंक प्रबंधन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं गया।
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अमीर तो चंद मिनट में बदलवा रहे हैं नोट
मनी एक्सचेंज में परेशानी गरीब लोगों को आ रही है। शनिवार को ऐसा ही नजारा शहर में एक राष्ट्रीयकृत बैंक की एक शाखा में देखने को मिला। एक अमीर व्यक्ति बैंक मैनेजर के पास गया। उसने अपने परिवार के चार पांच लोगों की आई डी व फार्म समेत कैश दिया। एक ही व्यक्ति को उनके पूरे परिवार के सदस्यों के नाम का कैश बदलकर दे दिया गया। खुद मैनेजर ने उनके थैले में बड़े नोटों के हिसाब से चार हजार प्रति व्यक्ति का जोड़ लगाकर कैश डाल दिया और चंद मिनटों में अमीर व्यक्ति कैैश लेकर चला गया।

...तो समय बढ़ाने का क्या फायदा
सरकार का एलान है कि पब्लिक डीलिंग का काम बैंक अतिरिक्त समय तक करेंगे। मगर एकाध बैंकों को छोड़कर ऐसा नहीं नहीं किया जा रहा। बैंक अपने निर्धारित समय पर कई तो समय से पहले ही शटर नीचे गिरा देते हैं और यह कहकर कि अब कैश मिलान का काम होगा किसी पब्लिक मैन का काम नहीं करते। ऐसे में लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि सरकार का बैंकों का समय बढ़ाने का आम लोगों को क्या फायदा मिल रहा है।


सर्वर डाउन भी बड़ी समस्या
कई बैंकों में सर्वर डाउन की समस्या भी दिक्कत दे रही है। नेट न चलने की बात कहकर कई बैंक ग्राहकों को वापस भेज रहे हैं। इसके अलावा नेट स्पीड न होने के कारण मनी एक्सचेंज में 10 मिनट प्रति व्यक्ति पर लग रहा है।
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