{"_id":"612bd0028ebc3e79e65ff1bd","slug":"arjun-awardee-wrestler-dsp-geetika-jakhar-and-tehsildar-bhai-accused-of-attacking-grandfather-and-uncle-s-family-by-entering-the-house-hisar-news-hsr6102610139","type":"story","status":"publish","title_hn":"अर्जुन अवॉर्डी पहलवान डीएसपी गीतिका जाखड़ और तहसीलदार भाई पर घर में घुसकर दादा-चाचा के परिवार पर हमले का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अर्जुन अवॉर्डी पहलवान डीएसपी गीतिका जाखड़ और तहसीलदार भाई पर घर में घुसकर दादा-चाचा के परिवार पर हमले का आरोप
विज्ञापन
अग्रोहा थाने में शिकायत देने पहुंचे प्रकाशवीर व अन्य।
- फोटो : Hisar
हिसार। अर्जुन अवॉर्डी पहलवान एवं फतेहाबाद की डीएसपी गीतिका जाखड़ और उनके नायब तहसीलदार भाई बलराम पर उनके चाचा ने मारपीट का आरोप लगाया है। विवाद अग्रोहा गांव स्थित पैतृक मकान को लेकर बताया जा रहा है। इस बारे में उनके चाचा प्रकाश वीर ने अग्रोहा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं डीएसपी का कहना है कि उसके भाई के साथ मारपीट हो रही थी, वह सिर्फ समझाने के लिए गई थीं।
चाचा प्रकाश वीर सिंह ने आरोप लगाया कि उनके भाई सत्यवीर जाखड़, डीएसपी गीतिका जाखड़, भट्टूकलां में तैनात नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ और दो पुलिस कर्मचारियों ने उनके घर में घुसकर 88 वर्षीय पिता अमरचंद जाखड़ व उनके परिवार से मारपीट की। उनकी गर्भवती पुत्रवधू को धक्का दिया। आरोपी फतेहाबाद पुलिस की सरकारी गाड़ी में सवार होकर उनके घर आए थे। प्रकाशवीर ने इस संबंध में डीजीपी, डीएसपी व अग्रोहा थाना प्रभारी को शिकायत भेजी है। वहीं दूसरी तरफ नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ ने अपने चाचा सत्यवीर जाखड़ व उनके परिवार के खिलाफ अग्रोहा थाने में शिकायत देकर मारपीट करने का केस दर्ज करवाया है। मामले की सीसीटीवी फुटेज भी अग्रोहा पुलिस को दी है।
डीएसपी प्रियांशु बोले, गजेटेड ऑफिसर हैं, परमिशन लेनी पड़ेगी
प्रकाश वीर ने बताया कि 26 अगस्त की शाम करीब साढ़े सात बजे वह अपने पुराने मकान के साथ लगती निर्माणाधीन बिल्डिंग को ताला लगाने के लिए आया था। इसी दौरान बलराम व अन्य ने उस पर हमला कर दिया। इस बारे में उनकी पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद ही महिला शक्ति पुलिस की गाड़ी आई। आरोप है कि सरकारी गाड़ी में डीएसपी गीतिका जाखड़, नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ व उनके पिता सत्यवीर व अन्य पुलिसकर्मी हाथों में डंडे लिए आए और हमला कर दिया। वहीं, प्रकाश वीर का आरोप है कि जब उन्होंने डीएसपी प्रियांशु दीवान से केस दर्ज करने को कहा तो उन्होंने कहा कि गीतिका जाखड़ एक गजेटेड ऑफिसर हैं। इस संबंध में अधिकारियों से परमिशन लेनी पड़ेगी।
विज्ञापन
नायब तहसीदार बोला- जान से मारने के लिए लठ लेकर भागे पीछे
नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ ने बताया कि गांव में पिता के हिस्से में पैतृक मकान है। उसमें नरमा डालने के लिए गया तो उसके चाचा प्रकाशवीर ने सीमेंट व अन्य सामान डाल रखा था। उसने जब अपने मजदूर को उनके घर सामान हटाने के लिए भेजा तो चाचा प्रकाशवीर ने उसके मजदूर को भगा दिया और उसके साथ अपने पैतृक मकान में घुसकर मारपीट करने लगा। उसे जान से मारने के लिए आरोपी उसके पीछे लठ लेकर भागा। इसके बाद उसने अग्रोहा पुलिस व अपने पिता को कॉल करके उसको बचाने के लिए कहा।
मैं उस घर की बेटी हूं, अपने मकान में विवाद होने पर जा सकती हूं
डीएसपी गीतिका जाखड़ ने कहा कि वह उस घर की बेटी हैं। घर पर मकान को लेकर विवाद होने पर वह जा सकती हैं। उन्होंने मारपीट के आरोप को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि उनके भाई के साथ मारपीट हो रही थी, वह वहां सिर्फ समझाने गई थीं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके चाचा ने उनके मकान पर कब्जा किया हुआ है। जब उनके भाई मकान में कपास डालने गए तो चाचा के परिवार ने उनके साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलने के बाद वह चाचा को समझाने के लिए वहां पर गई थी। फतेहाबाद पुलिस की सरकारी गाड़ी व पुलिसकर्मियों के बारे में उन्होने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
डीएसपी ने धमकाया, अब आईजी से मिलेंगे
प्रकाशवीर के बेटे परमवीर ने कहा कि मामले के संबंध में रविवार को नंबरदार, पूर्व सरपंच सहित करीब 50 ग्रामीणों के साथ जब वह अग्रोहा थाने पहुंचे तो यहां थाना प्रभारी डीएसपी प्रियांशु दीवान ने उन्हें धमकाया। कहा कि आपके मामले में केस दर्ज होने में कम से कम एक सप्ताह लगेगा, क्योंकि डीएसपी गीतिका व नायब तहसीलदार बलराम दोनों ही गजेटेड ऑफिसर हैं। इन पर सीधे केस दर्ज नहीं किया जा सकता। डिपार्टमेंट से परमिशन लेनी पड़ेगी। परमवीर ने कहा कि उनकी पत्नी प्रीति भी सरकारी लेक्चरर हैं, जो कि गजेटेड ऑफिसर हैं। उन पर जब बिना परमिशन के केस दर्ज किया जा सकता है तो डीएसपी और नायब तहसीलदार पर क्यों नहीं। परमवीर ने कहा कि सोमवार या मंगलवार को आईजी से मिलेंगे।
मैं उस घर की बेटी हूं, अपने मकान में विवाद होने पर जा सकती हूं। मेरे ऊपर लगा मारपीट का केस झूठा है। मैं वहां सिर्फ समझाने गई थीं। मेरे चाचा ने हमारे मकान पर कब्जा किया हुआ है। ये विवाद एक महीने से चल रहा है। - गीतिका जाखड़, डीएसपी, फतेहाबाद
आज मेरे पास दूसरा पक्ष आया था। उनकी बात को अच्छे से सुना गया है। मामले में एसपी से बात करके ही कोई कार्रवाई की जाएगी। - डीएसपी प्रियांशु दीवान, अग्रोहा थाना प्रभारी, हिसार
विज्ञापन
चाचा प्रकाश वीर सिंह ने आरोप लगाया कि उनके भाई सत्यवीर जाखड़, डीएसपी गीतिका जाखड़, भट्टूकलां में तैनात नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ और दो पुलिस कर्मचारियों ने उनके घर में घुसकर 88 वर्षीय पिता अमरचंद जाखड़ व उनके परिवार से मारपीट की। उनकी गर्भवती पुत्रवधू को धक्का दिया। आरोपी फतेहाबाद पुलिस की सरकारी गाड़ी में सवार होकर उनके घर आए थे। प्रकाशवीर ने इस संबंध में डीजीपी, डीएसपी व अग्रोहा थाना प्रभारी को शिकायत भेजी है। वहीं दूसरी तरफ नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ ने अपने चाचा सत्यवीर जाखड़ व उनके परिवार के खिलाफ अग्रोहा थाने में शिकायत देकर मारपीट करने का केस दर्ज करवाया है। मामले की सीसीटीवी फुटेज भी अग्रोहा पुलिस को दी है।
विज्ञापन
डीएसपी प्रियांशु बोले, गजेटेड ऑफिसर हैं, परमिशन लेनी पड़ेगी
प्रकाश वीर ने बताया कि 26 अगस्त की शाम करीब साढ़े सात बजे वह अपने पुराने मकान के साथ लगती निर्माणाधीन बिल्डिंग को ताला लगाने के लिए आया था। इसी दौरान बलराम व अन्य ने उस पर हमला कर दिया। इस बारे में उनकी पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद ही महिला शक्ति पुलिस की गाड़ी आई। आरोप है कि सरकारी गाड़ी में डीएसपी गीतिका जाखड़, नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ व उनके पिता सत्यवीर व अन्य पुलिसकर्मी हाथों में डंडे लिए आए और हमला कर दिया। वहीं, प्रकाश वीर का आरोप है कि जब उन्होंने डीएसपी प्रियांशु दीवान से केस दर्ज करने को कहा तो उन्होंने कहा कि गीतिका जाखड़ एक गजेटेड ऑफिसर हैं। इस संबंध में अधिकारियों से परमिशन लेनी पड़ेगी।
विज्ञापन
नायब तहसीदार बोला- जान से मारने के लिए लठ लेकर भागे पीछे
नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ ने बताया कि गांव में पिता के हिस्से में पैतृक मकान है। उसमें नरमा डालने के लिए गया तो उसके चाचा प्रकाशवीर ने सीमेंट व अन्य सामान डाल रखा था। उसने जब अपने मजदूर को उनके घर सामान हटाने के लिए भेजा तो चाचा प्रकाशवीर ने उसके मजदूर को भगा दिया और उसके साथ अपने पैतृक मकान में घुसकर मारपीट करने लगा। उसे जान से मारने के लिए आरोपी उसके पीछे लठ लेकर भागा। इसके बाद उसने अग्रोहा पुलिस व अपने पिता को कॉल करके उसको बचाने के लिए कहा।
मैं उस घर की बेटी हूं, अपने मकान में विवाद होने पर जा सकती हूं
डीएसपी गीतिका जाखड़ ने कहा कि वह उस घर की बेटी हैं। घर पर मकान को लेकर विवाद होने पर वह जा सकती हैं। उन्होंने मारपीट के आरोप को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि उनके भाई के साथ मारपीट हो रही थी, वह वहां सिर्फ समझाने गई थीं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके चाचा ने उनके मकान पर कब्जा किया हुआ है। जब उनके भाई मकान में कपास डालने गए तो चाचा के परिवार ने उनके साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलने के बाद वह चाचा को समझाने के लिए वहां पर गई थी। फतेहाबाद पुलिस की सरकारी गाड़ी व पुलिसकर्मियों के बारे में उन्होने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
डीएसपी ने धमकाया, अब आईजी से मिलेंगे
प्रकाशवीर के बेटे परमवीर ने कहा कि मामले के संबंध में रविवार को नंबरदार, पूर्व सरपंच सहित करीब 50 ग्रामीणों के साथ जब वह अग्रोहा थाने पहुंचे तो यहां थाना प्रभारी डीएसपी प्रियांशु दीवान ने उन्हें धमकाया। कहा कि आपके मामले में केस दर्ज होने में कम से कम एक सप्ताह लगेगा, क्योंकि डीएसपी गीतिका व नायब तहसीलदार बलराम दोनों ही गजेटेड ऑफिसर हैं। इन पर सीधे केस दर्ज नहीं किया जा सकता। डिपार्टमेंट से परमिशन लेनी पड़ेगी। परमवीर ने कहा कि उनकी पत्नी प्रीति भी सरकारी लेक्चरर हैं, जो कि गजेटेड ऑफिसर हैं। उन पर जब बिना परमिशन के केस दर्ज किया जा सकता है तो डीएसपी और नायब तहसीलदार पर क्यों नहीं। परमवीर ने कहा कि सोमवार या मंगलवार को आईजी से मिलेंगे।
मैं उस घर की बेटी हूं, अपने मकान में विवाद होने पर जा सकती हूं। मेरे ऊपर लगा मारपीट का केस झूठा है। मैं वहां सिर्फ समझाने गई थीं। मेरे चाचा ने हमारे मकान पर कब्जा किया हुआ है। ये विवाद एक महीने से चल रहा है। - गीतिका जाखड़, डीएसपी, फतेहाबाद
आज मेरे पास दूसरा पक्ष आया था। उनकी बात को अच्छे से सुना गया है। मामले में एसपी से बात करके ही कोई कार्रवाई की जाएगी। - डीएसपी प्रियांशु दीवान, अग्रोहा थाना प्रभारी, हिसार

वारदात के दौरान की सीसीटीवी फुटेज।- फोटो : Hisar