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Hisar News: आठ साल बाद याद आया कुत्तों का बधियाकरण, अब निकाला टेंडर
Sun, 09 Nov 2025 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 09 Nov 2025 02:44 AM IST
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हांसी। शहर में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बढ़ रही है। तीन माह में कुत्ते काटने के 894 मामले सामने आ चुके हैं। नागरिक अस्पताल में भी प्रतिदिन 30 से 40 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए आ रहे हैं। कुत्तों के लिए नगर परिषद ने कोई आश्रय गृह नहीं बना रखा है। न ही कुत्तों के बधियाकरण को लेकर अभी तक कोई अभियान चलाया गया।
शहर में करीब 8 वर्ष पहले एक एनजीओ ने अपने स्तर पर कुत्तों का बधियाकरण किया था। उसके बाद से अब 5 नंवबर को नगर परिषद ने टेंडर लगाया है।
शहर के हर गली, मोहल्ले, सड़कों व बाजारों में आवारा कुत्ते घूमते हुए दिखते हैं। हर जगह आवारा कुत्तों की भरमार है। कई क्षेत्र तो ऐसे हैं जहां रात के समय कुत्ते खूंखार हो जाते हैं, वहां से आने जाने वाले लोगों के पीछे पड़ जाते हैं। ऐसे में रात के समय लोग इन क्षेत्रों में जाने से डरते हैं। आवारा कुत्तों के काटने के केस भी लगातार बढ़ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार अक्तूबर महीने में 307 लोगों को कुत्तों के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। मंकी व कैट बाइट के केस कम है। डॉग बाइट के केस ही ज्यादा सामने आए हैं।
बधियाकरण और वापस छोड़ने की प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी
इधर नगर परिषद ने चार दिन पहले ही कुत्तों के बधियाकरण का टेंडर लगाया है। जिस फर्म को यह टेंडर दिया जाएगा उसे कुत्तों को पकड़ना होगा व फिर उसका बधियाकरण करना होगा। योजना के अनुसार प्रत्येक कुत्ते पर करीब 2 हजार रुपये खर्च होंगे। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की निगरानी में कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा। कुत्ता पकड़ने से लेकर उनका बधियाकरण व वापस छोड़ने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। बधियाकरण के तीन-चार दिन तक कुत्तों को वहीं पर उपचाराधीन रखा जाएगा। उपचार पूरा होने पर उसी एरिया में उन कुत्तों को छोड़ दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन भी करना होगा।
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शहर में हर जगह कुत्तों की समस्या है। कुत्तों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। न ही इनके लिए कोई व्यवस्था की गई है। न ही कोई बधियाकरण किया जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग घरों से अकेले बाहर निकलने में डरते हैं।- राकेश, शहरवासी।
आवारा कुत्तों की समस्या का एक ही समाधान है इनका बधियाकरण हो। नियमित इंजेक्शन लगवाए जाएं। कुत्तों के लिए सरकारी आश्रय स्थल नहीं है। हम जल्दी ही आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने के लिए जगह का चयन कर रहे हैं।- पुनीत सिंधवानी, अध्यक्ष श्री बजरंग आश्रम युवा सेवा ट्रस्ट, हांसी।
कुत्तों के बधियाकरण के लिए टेंडर लगाया गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरु करवाया जाएगा। इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी।- सुरेश चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
इन आंकड़ों से समझें केसों की स्थिति
केस अक्तूबर सितंबर अगस्त
डॉग बाइट 307 328 259
कैट बाइट 23 14 30
मंकी बाइट 22 40 21
अन्य 3 5 4
कुल 355 387 314
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शहर में करीब 8 वर्ष पहले एक एनजीओ ने अपने स्तर पर कुत्तों का बधियाकरण किया था। उसके बाद से अब 5 नंवबर को नगर परिषद ने टेंडर लगाया है।
शहर के हर गली, मोहल्ले, सड़कों व बाजारों में आवारा कुत्ते घूमते हुए दिखते हैं। हर जगह आवारा कुत्तों की भरमार है। कई क्षेत्र तो ऐसे हैं जहां रात के समय कुत्ते खूंखार हो जाते हैं, वहां से आने जाने वाले लोगों के पीछे पड़ जाते हैं। ऐसे में रात के समय लोग इन क्षेत्रों में जाने से डरते हैं। आवारा कुत्तों के काटने के केस भी लगातार बढ़ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार अक्तूबर महीने में 307 लोगों को कुत्तों के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। मंकी व कैट बाइट के केस कम है। डॉग बाइट के केस ही ज्यादा सामने आए हैं।
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बधियाकरण और वापस छोड़ने की प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी
इधर नगर परिषद ने चार दिन पहले ही कुत्तों के बधियाकरण का टेंडर लगाया है। जिस फर्म को यह टेंडर दिया जाएगा उसे कुत्तों को पकड़ना होगा व फिर उसका बधियाकरण करना होगा। योजना के अनुसार प्रत्येक कुत्ते पर करीब 2 हजार रुपये खर्च होंगे। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की निगरानी में कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा। कुत्ता पकड़ने से लेकर उनका बधियाकरण व वापस छोड़ने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। बधियाकरण के तीन-चार दिन तक कुत्तों को वहीं पर उपचाराधीन रखा जाएगा। उपचार पूरा होने पर उसी एरिया में उन कुत्तों को छोड़ दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन भी करना होगा।
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शहर में हर जगह कुत्तों की समस्या है। कुत्तों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। न ही इनके लिए कोई व्यवस्था की गई है। न ही कोई बधियाकरण किया जाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग घरों से अकेले बाहर निकलने में डरते हैं।- राकेश, शहरवासी।
आवारा कुत्तों की समस्या का एक ही समाधान है इनका बधियाकरण हो। नियमित इंजेक्शन लगवाए जाएं। कुत्तों के लिए सरकारी आश्रय स्थल नहीं है। हम जल्दी ही आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने के लिए जगह का चयन कर रहे हैं।- पुनीत सिंधवानी, अध्यक्ष श्री बजरंग आश्रम युवा सेवा ट्रस्ट, हांसी।
कुत्तों के बधियाकरण के लिए टेंडर लगाया गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरु करवाया जाएगा। इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी।- सुरेश चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
इन आंकड़ों से समझें केसों की स्थिति
केस अक्तूबर सितंबर अगस्त
डॉग बाइट 307 328 259
कैट बाइट 23 14 30
मंकी बाइट 22 40 21
अन्य 3 5 4
कुल 355 387 314