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शहर को स्वच्छ बनाने को लेकर एक माह बाद हुई रिव्यू बैठक, पिछले सुझावों को भूल अधिकारियों व ब्रांड एंबेसडर से दोबारा से मांगे गए स
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नगर निगम कार्यालय में आयोजित रिव्यू बैठक में उपस्थित निगमायुक्त अशोक गर्ग, ब्रांड एंबेसडर व अन्?
- फोटो : Hisar
हिसार। शहर को स्वच्छ बनाने को लेकर निगम प्रशासन गंभीर नहीं है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक माह को स्वच्छता के मुद्दे को लेकर रिव्यू बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिछले सुझावों को नजर अंदाज कर अधिकारियों व ब्रांड एंबेसडर से दोबारा से सुझाव मांगे गए। इसके अलावा बैठक में कुछ फैसले भी लिए गए।
बता दें कि 18 फरवरी को निगम कार्यालय में स्वच्छता के मुद्दे को लेकर मेयर गौतम सरदाना व निगमायुक्त अशोक गर्ग ने पार्षदों, अधिकारियों व ब्रांड एंबेसडर के साथ बैठक की थी। इस दौरान पार्षदों व ब्रांड एंबेसडर से सुझाव लिए गए थे। हालांकि एक माह बाद तक इनमें से ज्यादातर सुझाव पर अमल ही नहीं किया गया। इसी माह स्वच्छता सर्वे को लेकर टीम भी शहर में आएगी।
पिछली मीटिंग में ब्रांड एंबेसडर की तरफ से कई सुझाव आए थे जिनमें शादी व रस्म पगड़ी कार्यक्रमों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाना, हरे चारे के लिए ट्रॉली की व्यवस्था करना, सड़कों पर मलबा डालने वालों के चालान करना आदि सुझाव शामिल थे। मगर इनमें से एक भी सुझाव पर अमल नहीं किया गया। दूसरी तरफ पार्षदों की तरफ से भी सुझाव दिए गए थे, जिनमें डंपिंग प्वाइंट पर पौधरोपण करना, वार्ड में पार्षद, अधिकारी व संस्थाओं द्वारा मिलकर लोगों को सेग्रीगेशन के प्रति जागरूक करना।
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बैठक में डोर टू डोर कचरा एकत्रित का मुद्दा गर्माया
बैठक में डोर टू डोर कचरा एकत्रित का मुद्दा भी गर्माया। ब्रांड एंबेसडर ने डोर टू डोर कचरा सिस्टम को बेहतर बनाने को कहा। इस पर फैसला किया गया कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां कचरा डालने के लिए डंपिंग स्टेशन जाती है जिसमें समय व तेल दोनों की बर्बादी होती है। इसे देखते हुए शहर के अंदर ही सेकेंडरी कचरा प्वाइंट बनाए जाएंगे। यहां गाड़ियों से ट्रैक्टर-ट्रॉली में कूड़ा डाला जाएगा और उसे डंपिंग स्टेशन पर पहुंचाया जाएगा। इस कारण डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले गाड़ियों को ज्यादा समय मिलेगा और कॉलोनियों के प्रत्येक घर से कूड़ा समय पर उठाया जा सकेगा। इसके अलावा सफाई ठेकेदार के एरिया की तर्ज पर ही नगर निगम के एरिया में भी आरएफआईडी कोड लगाए जाएंगे ताकि यह पता चल सके कि डोर टू डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियां कचरा उठाने के लिए प्रत्येक गली में जा रही है या नहीं। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, संयुक्त आयुक्त बेलिना, उप निगमायुक्त वीरेंद्र सहारण, सीएसआई राजकुमार, एसआई संदीप बुंदेला के अलावा ब्रांड एंबेसडर राकेश अग्रवाल, सुशील खरींटा, सत्यकाम आर्य, सुनीता रहेजा, सुनीता मेहतानी, रमेश भाटी, हरि सिंह, विजय कादयान, एपीओ सतेंद्र यदुवंशी आदि मौजूद रहे।
फील्ड के कर्मचारी कार्यालय में नहीं करेंगे काम
बैठक में फैसला लिया गया कि अब से कोई फील्ड कर्मचारी कार्यालय से संबंधित कार्य नहीं करेगा। वह पूरे दिन फील्ड में रहेगा और एरिया में सफाई करवाने के साथ साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगा। सभी एएसआई संस्थाओं के साथ मिलकर शहरवासियों को स्वच्छता व सेग्रीगेशन के प्रति जागरूक करेंगे।
ये फैसले भी लिए गए
- वन विभाग, बिजली निगम, एचएसवीपी विभाग पेड़ों की छंटाई करने के बाद पत्तियों व टहनियों का निपटान अपने स्तर पर करेंगे। यदि कोई विभाग ऐसा नहीं करता है तो संबंधित विभाग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- सभी बड़े स्तर पर कूड़ा पैदा करने वाले सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को अपने स्तर पर कूड़े का निपटान करने को लेकर पत्र जारी किया जाएगा। एएसआई प्रत्येक सप्ताह इन सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
- गलियों से कूड़ा या मलबा आदि उठाने के लिये ट्रैक्टर लोडर निगम प्रशासन खरीदेगा।
- खुले में कूड़ा डालने वाले, मलबा उठाने, पानी वेस्ट के चालान बड़े स्तर पर किए जाएंगे।
- सफाई शाखा का फील्ड स्टफ 15 दिनों में काटे गए चालान, डंपिंग प्वाइंट, कंपोस्टिंग व गीले सूखे कचरे को लेकर जागरूक करने संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
- पार्कों में निकलने वाले वेस्ट को गेहूं एवं जौ संस्थान को दिया जाएगा जिसका निपटान संस्थान की ओर से किया जाएगा।
- खुले में गोबर डालने की समस्या के समाधान को लेकर नगर निगम प्रशासन द्वारा जल्द ही सभी पशुपालकों के साथ बैठक की जाएगी।
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बता दें कि 18 फरवरी को निगम कार्यालय में स्वच्छता के मुद्दे को लेकर मेयर गौतम सरदाना व निगमायुक्त अशोक गर्ग ने पार्षदों, अधिकारियों व ब्रांड एंबेसडर के साथ बैठक की थी। इस दौरान पार्षदों व ब्रांड एंबेसडर से सुझाव लिए गए थे। हालांकि एक माह बाद तक इनमें से ज्यादातर सुझाव पर अमल ही नहीं किया गया। इसी माह स्वच्छता सर्वे को लेकर टीम भी शहर में आएगी।
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पिछली मीटिंग में ब्रांड एंबेसडर की तरफ से कई सुझाव आए थे जिनमें शादी व रस्म पगड़ी कार्यक्रमों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाना, हरे चारे के लिए ट्रॉली की व्यवस्था करना, सड़कों पर मलबा डालने वालों के चालान करना आदि सुझाव शामिल थे। मगर इनमें से एक भी सुझाव पर अमल नहीं किया गया। दूसरी तरफ पार्षदों की तरफ से भी सुझाव दिए गए थे, जिनमें डंपिंग प्वाइंट पर पौधरोपण करना, वार्ड में पार्षद, अधिकारी व संस्थाओं द्वारा मिलकर लोगों को सेग्रीगेशन के प्रति जागरूक करना।
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बैठक में डोर टू डोर कचरा एकत्रित का मुद्दा गर्माया
बैठक में डोर टू डोर कचरा एकत्रित का मुद्दा भी गर्माया। ब्रांड एंबेसडर ने डोर टू डोर कचरा सिस्टम को बेहतर बनाने को कहा। इस पर फैसला किया गया कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां कचरा डालने के लिए डंपिंग स्टेशन जाती है जिसमें समय व तेल दोनों की बर्बादी होती है। इसे देखते हुए शहर के अंदर ही सेकेंडरी कचरा प्वाइंट बनाए जाएंगे। यहां गाड़ियों से ट्रैक्टर-ट्रॉली में कूड़ा डाला जाएगा और उसे डंपिंग स्टेशन पर पहुंचाया जाएगा। इस कारण डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले गाड़ियों को ज्यादा समय मिलेगा और कॉलोनियों के प्रत्येक घर से कूड़ा समय पर उठाया जा सकेगा। इसके अलावा सफाई ठेकेदार के एरिया की तर्ज पर ही नगर निगम के एरिया में भी आरएफआईडी कोड लगाए जाएंगे ताकि यह पता चल सके कि डोर टू डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियां कचरा उठाने के लिए प्रत्येक गली में जा रही है या नहीं। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, संयुक्त आयुक्त बेलिना, उप निगमायुक्त वीरेंद्र सहारण, सीएसआई राजकुमार, एसआई संदीप बुंदेला के अलावा ब्रांड एंबेसडर राकेश अग्रवाल, सुशील खरींटा, सत्यकाम आर्य, सुनीता रहेजा, सुनीता मेहतानी, रमेश भाटी, हरि सिंह, विजय कादयान, एपीओ सतेंद्र यदुवंशी आदि मौजूद रहे।
फील्ड के कर्मचारी कार्यालय में नहीं करेंगे काम
बैठक में फैसला लिया गया कि अब से कोई फील्ड कर्मचारी कार्यालय से संबंधित कार्य नहीं करेगा। वह पूरे दिन फील्ड में रहेगा और एरिया में सफाई करवाने के साथ साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगा। सभी एएसआई संस्थाओं के साथ मिलकर शहरवासियों को स्वच्छता व सेग्रीगेशन के प्रति जागरूक करेंगे।
ये फैसले भी लिए गए
- वन विभाग, बिजली निगम, एचएसवीपी विभाग पेड़ों की छंटाई करने के बाद पत्तियों व टहनियों का निपटान अपने स्तर पर करेंगे। यदि कोई विभाग ऐसा नहीं करता है तो संबंधित विभाग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- सभी बड़े स्तर पर कूड़ा पैदा करने वाले सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को अपने स्तर पर कूड़े का निपटान करने को लेकर पत्र जारी किया जाएगा। एएसआई प्रत्येक सप्ताह इन सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
- गलियों से कूड़ा या मलबा आदि उठाने के लिये ट्रैक्टर लोडर निगम प्रशासन खरीदेगा।
- खुले में कूड़ा डालने वाले, मलबा उठाने, पानी वेस्ट के चालान बड़े स्तर पर किए जाएंगे।
- सफाई शाखा का फील्ड स्टफ 15 दिनों में काटे गए चालान, डंपिंग प्वाइंट, कंपोस्टिंग व गीले सूखे कचरे को लेकर जागरूक करने संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
- पार्कों में निकलने वाले वेस्ट को गेहूं एवं जौ संस्थान को दिया जाएगा जिसका निपटान संस्थान की ओर से किया जाएगा।
- खुले में गोबर डालने की समस्या के समाधान को लेकर नगर निगम प्रशासन द्वारा जल्द ही सभी पशुपालकों के साथ बैठक की जाएगी।