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Hisar News: चेन्नई से राखीगढ़ी पहुंचे 28 सदस्यीय दल ने जानी हड़प्पा सभ्यता की विरासत
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राखीगढ़ी में हड़प्पाकालीन पुरातात्विक टीलों का भ्रमण करते तमिलनाडु से आए आत्रुपडै समूह के सदस्य
नारनौंद। हड़प्पा सभ्यता के इतिहास, संस्कृति और पुरातात्विक विरासत को करीब से समझने के लिए 0चेन्नई से आए आत्रुपडै समूह के 28 सदस्यीय दल ने शुक्रवार को राखीगढ़ी का शैक्षणिक भ्रमण किया।
दल के सदस्यों ने हड़प्पाकालीन पुरातात्विक टीलों का अवलोकन करने के साथ स्थल संग्रहालय में प्रदर्शित प्राचीन वस्तुओं के माध्यम से उस दौर की जीवनशैली, नगर नियोजन और सांस्कृतिक विरासत को समझा।
राखीगढ़ी पहुंचने पर दल ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के मनोज दलाल के मार्गदर्शन में माउंड नंबर-1 और माउंड नंबर-3 का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने हड़प्पाकालीन नगर व्यवस्था, प्राचीन संरचनाओं और पुरातात्विक अवशेषों का अवलोकन किया। मनोज दलाल ने सदस्यों को राखीगढ़ी के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी।
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इसके बाद दल ने हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला की ओर से संचालित सप्त सिंधु हड़प्पा ज्ञान केंद्र का दौरा किया। यहां परियोजना सहायक एवं संग्रहालय प्रभारी विकास कुमार ने सदस्यों को राखीगढ़ी के पुरातात्विक महत्व, हड़प्पा सभ्यता की जीवनशैली, नगर नियोजन और तत्कालीन समय में उपयोग होने वाली वस्तुओं के बारे में जानकारी दी।
संग्रहालय में प्रदर्शित पुरातात्विक सामग्री में दल के सदस्यों ने विशेष रुचि दिखाई और विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। आत्रुपडै चेन्नई स्थित शैक्षणिक यात्रा समूह है, जो प्राचीन सभ्यताओं, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्थलों का भ्रमण कर प्रत्यक्ष अध्ययन करता है। राखीगढ़ी यात्रा का उद्देश्य हड़प्पा सभ्यता के पुरातात्विक महत्व और प्राचीन भारतीय संस्कृति को स्थल पर जाकर समझना रहा।
हरियाणवी व्यंजनों का चखा स्वाद :
भ्रमण के दौरान दल के सदस्यों ने राखीगढ़ी रिजॉर्ट में पारंपरिक हरियाणवी व्यंजनों का स्वाद भी चखा। उन्होंने हरियाणा की खान-पान परंपरा और स्थानीय संस्कृति को करीब से जाना तथा स्थानीय आतिथ्य की सराहना की।
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दल के सदस्यों ने हड़प्पाकालीन पुरातात्विक टीलों का अवलोकन करने के साथ स्थल संग्रहालय में प्रदर्शित प्राचीन वस्तुओं के माध्यम से उस दौर की जीवनशैली, नगर नियोजन और सांस्कृतिक विरासत को समझा।
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राखीगढ़ी पहुंचने पर दल ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के मनोज दलाल के मार्गदर्शन में माउंड नंबर-1 और माउंड नंबर-3 का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने हड़प्पाकालीन नगर व्यवस्था, प्राचीन संरचनाओं और पुरातात्विक अवशेषों का अवलोकन किया। मनोज दलाल ने सदस्यों को राखीगढ़ी के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी।
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इसके बाद दल ने हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला की ओर से संचालित सप्त सिंधु हड़प्पा ज्ञान केंद्र का दौरा किया। यहां परियोजना सहायक एवं संग्रहालय प्रभारी विकास कुमार ने सदस्यों को राखीगढ़ी के पुरातात्विक महत्व, हड़प्पा सभ्यता की जीवनशैली, नगर नियोजन और तत्कालीन समय में उपयोग होने वाली वस्तुओं के बारे में जानकारी दी।
संग्रहालय में प्रदर्शित पुरातात्विक सामग्री में दल के सदस्यों ने विशेष रुचि दिखाई और विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। आत्रुपडै चेन्नई स्थित शैक्षणिक यात्रा समूह है, जो प्राचीन सभ्यताओं, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्थलों का भ्रमण कर प्रत्यक्ष अध्ययन करता है। राखीगढ़ी यात्रा का उद्देश्य हड़प्पा सभ्यता के पुरातात्विक महत्व और प्राचीन भारतीय संस्कृति को स्थल पर जाकर समझना रहा।
हरियाणवी व्यंजनों का चखा स्वाद :
भ्रमण के दौरान दल के सदस्यों ने राखीगढ़ी रिजॉर्ट में पारंपरिक हरियाणवी व्यंजनों का स्वाद भी चखा। उन्होंने हरियाणा की खान-पान परंपरा और स्थानीय संस्कृति को करीब से जाना तथा स्थानीय आतिथ्य की सराहना की।