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कौन अब सुनाएगा, दर्द हमको माटी का....
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। प्रदेश के राज्य कवि हिसार के लाजपत नगर निवासी उदयभानु हंस का मंगलवार शाम निधन हो गया। वे कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे उदयभानु हंस ने अपने आवास पर शाम करीब 7:40 बजे अंतिम सांस ली। उन्हें 20 दिन पहले निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। एक सप्ताह पहले डॉक्टरों द्वारा जवाब देने के बाद उन्हें घर लाया गया था। एक सप्ताह से वह घर पर ही परिजनों के साथ समय बिता रहे थे। जैसे ही उनके निधन की सूचना हिसार और प्रदेश के साहित्य जगत के लोगों को मिली तो कई साहित्यकार उनके आवास पर पहुंचे। साहित्यकार कमलेश भारतीय का कहना है कि उदयभानु हंस साहित्य जगत का बड़ा नाम है। उनकी यादें और रचनाएं हमारे जहन में हमेशा रहेंगी।
उदय भानु हंस के परिवार में पुत्र शशिभानु हंस और तीन बेटियां हैं। एक बेटी गीता इंग्लैंड में रहती है, दूसरी बेटी पुनीता कनाडा, जबकि तीसरी बेटी वनीता यमुनानगर में रहती हैं। उदयभानु हंस का सेक्टर 16-17 स्थित श्मशान घाट में दोपहर एक बजे अंतिम संस्कार होगा।
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हिसार। प्रदेश के राज्य कवि हिसार के लाजपत नगर निवासी उदयभानु हंस का मंगलवार शाम निधन हो गया। वे कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे उदयभानु हंस ने अपने आवास पर शाम करीब 7:40 बजे अंतिम सांस ली। उन्हें 20 दिन पहले निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। एक सप्ताह पहले डॉक्टरों द्वारा जवाब देने के बाद उन्हें घर लाया गया था। एक सप्ताह से वह घर पर ही परिजनों के साथ समय बिता रहे थे। जैसे ही उनके निधन की सूचना हिसार और प्रदेश के साहित्य जगत के लोगों को मिली तो कई साहित्यकार उनके आवास पर पहुंचे। साहित्यकार कमलेश भारतीय का कहना है कि उदयभानु हंस साहित्य जगत का बड़ा नाम है। उनकी यादें और रचनाएं हमारे जहन में हमेशा रहेंगी।
उदय भानु हंस के परिवार में पुत्र शशिभानु हंस और तीन बेटियां हैं। एक बेटी गीता इंग्लैंड में रहती है, दूसरी बेटी पुनीता कनाडा, जबकि तीसरी बेटी वनीता यमुनानगर में रहती हैं। उदयभानु हंस का सेक्टर 16-17 स्थित श्मशान घाट में दोपहर एक बजे अंतिम संस्कार होगा।
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