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डीपी वत्स बोले मैं पीए नहीं रखूंगा खुद फोन करूंगा मेरा फोन उठा लेना-FIRSTPAGE
Updated Thu, 26 Apr 2018 01:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हाल ही में राज्यसभा पहुंचे मेजर जनरल(रिटा.) डॉ. डीपी वत्स का या तो प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद का कोई खट्टा अनुभव रहा होगा या फिर वह इस बात को भलीभांति जानते हैं कि अफसर नेताओं को खास तवज्जों नहीं देते। शायद यही वजह रही होगी कि अफसरों के साथ पहली ही बैठक में उन्हें कहना पड़ा कि मेरा फोन उठा लेना, बेशक काम न होने पाए। इतना ही नहीं, सांसद डॉ. वत्स ने जोर देकर कहा कि यहां मौजूद सभी अफसर अभी मेरा नंबर अपने-अपने मोबाइल में सेव कर लें। मौके की नजाकत देखते हुए उपायुक्त अशोक मीणा ने बैठक में प्रोजेक्टर पर सांसद के नंबर दिखाकर वहां मौजूद सभी अधिकारियों को तत्काल सेव करने को कहा। कुछ और भी बाते रहीं, जिन्हें सांसद वत्स ने सीधे न कहकर उदाहरण और मुहावरे अंदाज में रखी।
दरअसल, राज्यसभा सदस्य बनने के बाद डॉ. डीपी वत्स पहली बार लघु सचिवालय स्थित जिला सभागार में अधिकारियों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं बीच में किसी को निजी सहायक (पीए) नहीं रखूंगा। खुद अधिकारियों को फोन करूंगा। आप सभी मेरा मोबाइल नंबर सेव कर लें। फोन उठाकर उसी वक्त बना देना कि काम हो सकेगा या नहीं। बैठक में पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले अपना पूरा परिचय दिया और तत्पश्चात एक-एक कर सभी अधिकारियों का परिचय जाना।
बता दें कि बीती 23 अप्रैल को जनपरिवाद समिति की बैठक में नलवा विधायक रणबीर गंगवा ने अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने की शिकायत की थी। इसके बाद 24 अप्रैल को महिला आयोग की सदस्या सुमन बेदी ने भी मीडिया के सामने अधिकारियों के फोन न उठाने का मामला उठा दिया। शायद इसी वजह से सांसद को ऐसा कहना पड़ा।
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केवल नमक की रोटी नहीं खाई सकती
डीपी वत्स ने कहा कि किसी काम में 100 प्रतिशत परफेक्शन नहीं हो सकता। मैं सिविल सर्विस में भी रहा हूं। मुझे कई बार सेना में चैलेंज के तौर पर काफी गड़बड़ी वाली यूनिट दी गई। केवल नमक की रोटी नहीं खाई जा सकती। हां आटे में नमक की रोटी चल जाती है। उन्होंने कहा कि मध्यम मार्ग सबसे अच्छा होता है। अधिकारी अपने-अपने हिसाब से डीपी वत्स के उदाहरणों के मायने निकालते नजर आए।
नसीहत: जाति- धर्म से परे होकर काम करें अधिकारी
डॉ. वत्स बोले कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर जाति और धर्म की सीमाओं से परे होकर काम करें। संकीर्ण मानसिकता के अधीन न हों बल्कि मानवता की भावना का आचरण अपनाए। अधिकारी अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। हमेशा आसपास सकारात्मक माहौल बनाएं। 104 साल की आयु में भी दौड़ लगाने वाले फौजासिंह को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि निरंतर काम करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं खुद अभी अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में एक ऑपरेशन करके मीटिंग में आया हूं।
खापों की खुलकर तारीफ
डीपी वत्स ने कहा कि बदलते वक्त के साथ खापें भी अपना स्वरूप बदल रही हैं। सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने और जागरुकता पैदा करने में सहयोग कर रही हैं। प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए भी खाप पंचायतें सहयोग कर रही हैं। खापों ने जात-पात के अंतर को खत्म करने के लिए अंतर्जातीय विवाह को बढ़ावा दिया है।
बैठक में डीसी अशोक कुमार मीणा, एसपी मनीषा चौधरी, एसडीएम परमजीत चहल, बरवाला एसडीएम पृथ्वी सिंह, हांसी एसडीएम राजीव अहलावत, रोडवेज जीएम सुरेंद्र सिंह, हुडा के ईओ सुमित कुमार, जिला परिषद सीईओ विकास यादव, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त जयवीर यादव, डीआरओ राजेंद्र सिंह, डीडीपीओ अशवीर सिंह, डीटीसी सतबीर सिवाच, एसई सतीश गर्ग, उपनिदेशक डॉ. साहिब गोदारा, डॉ. डीएस सिंधु, डॉ. राजकुमार नरवाल, जगदीश दलाल, जोगेंद कालीरामणा आदि मौजूद रहे।
अधिकारियों से नाम के साथ पूछा गांव
सांसद डीपी वत्स ने अधिकारियों का परिचय लेते हुए उनके गांव का नाम भी पूछा। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि फौज में एक-एक नाम के कई लोग होते हैं। ऐसे में हम उनके गांव का नाम साथ जोड़कर उनकी पहचान आसानी से कर लेते थे। छह महीने में पूरे हरियाणा के अधिकारियों को जान जाऊंगा। हरियाणा में तबादले बहुत जल्द होते हैं। मैंने सीएम को गुजरात मॉडल अपनाने के लिए कहा है जिसमें अधिकारी का तीन साल तक तबादला न किया जाए।
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हिसार।
हाल ही में राज्यसभा पहुंचे मेजर जनरल(रिटा.) डॉ. डीपी वत्स का या तो प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद का कोई खट्टा अनुभव रहा होगा या फिर वह इस बात को भलीभांति जानते हैं कि अफसर नेताओं को खास तवज्जों नहीं देते। शायद यही वजह रही होगी कि अफसरों के साथ पहली ही बैठक में उन्हें कहना पड़ा कि मेरा फोन उठा लेना, बेशक काम न होने पाए। इतना ही नहीं, सांसद डॉ. वत्स ने जोर देकर कहा कि यहां मौजूद सभी अफसर अभी मेरा नंबर अपने-अपने मोबाइल में सेव कर लें। मौके की नजाकत देखते हुए उपायुक्त अशोक मीणा ने बैठक में प्रोजेक्टर पर सांसद के नंबर दिखाकर वहां मौजूद सभी अधिकारियों को तत्काल सेव करने को कहा। कुछ और भी बाते रहीं, जिन्हें सांसद वत्स ने सीधे न कहकर उदाहरण और मुहावरे अंदाज में रखी।
दरअसल, राज्यसभा सदस्य बनने के बाद डॉ. डीपी वत्स पहली बार लघु सचिवालय स्थित जिला सभागार में अधिकारियों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं बीच में किसी को निजी सहायक (पीए) नहीं रखूंगा। खुद अधिकारियों को फोन करूंगा। आप सभी मेरा मोबाइल नंबर सेव कर लें। फोन उठाकर उसी वक्त बना देना कि काम हो सकेगा या नहीं। बैठक में पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले अपना पूरा परिचय दिया और तत्पश्चात एक-एक कर सभी अधिकारियों का परिचय जाना।
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बता दें कि बीती 23 अप्रैल को जनपरिवाद समिति की बैठक में नलवा विधायक रणबीर गंगवा ने अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने की शिकायत की थी। इसके बाद 24 अप्रैल को महिला आयोग की सदस्या सुमन बेदी ने भी मीडिया के सामने अधिकारियों के फोन न उठाने का मामला उठा दिया। शायद इसी वजह से सांसद को ऐसा कहना पड़ा।
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केवल नमक की रोटी नहीं खाई सकती
डीपी वत्स ने कहा कि किसी काम में 100 प्रतिशत परफेक्शन नहीं हो सकता। मैं सिविल सर्विस में भी रहा हूं। मुझे कई बार सेना में चैलेंज के तौर पर काफी गड़बड़ी वाली यूनिट दी गई। केवल नमक की रोटी नहीं खाई जा सकती। हां आटे में नमक की रोटी चल जाती है। उन्होंने कहा कि मध्यम मार्ग सबसे अच्छा होता है। अधिकारी अपने-अपने हिसाब से डीपी वत्स के उदाहरणों के मायने निकालते नजर आए।
नसीहत: जाति- धर्म से परे होकर काम करें अधिकारी
डॉ. वत्स बोले कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर जाति और धर्म की सीमाओं से परे होकर काम करें। संकीर्ण मानसिकता के अधीन न हों बल्कि मानवता की भावना का आचरण अपनाए। अधिकारी अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। हमेशा आसपास सकारात्मक माहौल बनाएं। 104 साल की आयु में भी दौड़ लगाने वाले फौजासिंह को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि निरंतर काम करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं खुद अभी अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में एक ऑपरेशन करके मीटिंग में आया हूं।
खापों की खुलकर तारीफ
डीपी वत्स ने कहा कि बदलते वक्त के साथ खापें भी अपना स्वरूप बदल रही हैं। सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने और जागरुकता पैदा करने में सहयोग कर रही हैं। प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए भी खाप पंचायतें सहयोग कर रही हैं। खापों ने जात-पात के अंतर को खत्म करने के लिए अंतर्जातीय विवाह को बढ़ावा दिया है।
बैठक में डीसी अशोक कुमार मीणा, एसपी मनीषा चौधरी, एसडीएम परमजीत चहल, बरवाला एसडीएम पृथ्वी सिंह, हांसी एसडीएम राजीव अहलावत, रोडवेज जीएम सुरेंद्र सिंह, हुडा के ईओ सुमित कुमार, जिला परिषद सीईओ विकास यादव, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त जयवीर यादव, डीआरओ राजेंद्र सिंह, डीडीपीओ अशवीर सिंह, डीटीसी सतबीर सिवाच, एसई सतीश गर्ग, उपनिदेशक डॉ. साहिब गोदारा, डॉ. डीएस सिंधु, डॉ. राजकुमार नरवाल, जगदीश दलाल, जोगेंद कालीरामणा आदि मौजूद रहे।
अधिकारियों से नाम के साथ पूछा गांव
सांसद डीपी वत्स ने अधिकारियों का परिचय लेते हुए उनके गांव का नाम भी पूछा। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि फौज में एक-एक नाम के कई लोग होते हैं। ऐसे में हम उनके गांव का नाम साथ जोड़कर उनकी पहचान आसानी से कर लेते थे। छह महीने में पूरे हरियाणा के अधिकारियों को जान जाऊंगा। हरियाणा में तबादले बहुत जल्द होते हैं। मैंने सीएम को गुजरात मॉडल अपनाने के लिए कहा है जिसमें अधिकारी का तीन साल तक तबादला न किया जाए।