{"_id":"6a8ca50a6c7eecfedf0ec502","slug":"census-2027-information-to-be-collected-on-40-points-hisar-news-c-21-hsr1020-937112-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनगणना-2027: 40 बिंदुओं पर जुटाई जाएगी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनगणना-2027: 40 बिंदुओं पर जुटाई जाएगी जानकारी
Tue, 25 Aug 2026 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
हांसी प्रशिक्षण के दौरान जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की दी गई जानकारी। प्रशासन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हांसी। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर सोमवार को लोक निर्माण विभाग के स्थानीय विश्राम गृह में जिले के सभी चार्ज अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि परिवार अनुसूची के माध्यम से प्रत्येक परिवार की व्यक्तिगत, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक जानकारी एकत्र की जाएगी। परिवार अनुसूची में 40 बिंदु निर्धारित किए गए हैं।
कार्यक्रम तहसीलदार-कम-चार्ज जनगणना अधिकारी डॉ. अनिल बिढ़ान की अध्यक्षता और एसडीएम एवं जनगणना नोडल अधिकारी राजेश कोथ के मार्गदर्शन में हुआ। जिला जनगणना को-ऑर्डिनेटर हरदीप सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को द्वितीय चरण की विभिन्न गतिविधियों, प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि परिवार अनुसूची में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति-जनजाति और जाति संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी। साथ ही माता-पिता का विवरण, दिव्यांगता, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और शैक्षणिक स्थिति की जानकारी भी ली जाएगी।
प्रशिक्षण में बैंक खातों की संख्या और मोबाइल नंबर के साथ आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट तथा ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई। इन दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी के लिए ‘यदि उपलब्ध हो’ का प्रावधान रखा गया है।
बिढ़ान ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य गंभीरता, सावधानी और जिम्मेदारी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर समन्वय और प्रभावी निगरानी पर भी जोर दिया।
जुटाई जाएगी परिवार की व्यक्तिगत, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक जानकारी :
रोजगार से संबंधित जानकारी में पिछले वर्ष काम करने की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार या सेवा का स्वरूप तथा श्रमिक वर्ग से जुड़े विवरण शामिल होंगे। इसके अलावा जन्म स्थान, पूर्व निवास, स्थान परिवर्तन का कारण, वर्तमान स्थान पर निवास की अवधि और स्थायी पते की जानकारी जुटाई जाएगी। पात्र महिलाओं से बच्चों की संख्या और पिछले एक वर्ष में जन्मे बच्चों की जानकारी भी ली जाएगी।
विज्ञापन
प्रशिक्षण में बताया गया कि परिवार अनुसूची के माध्यम से प्रत्येक परिवार की व्यक्तिगत, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक जानकारी एकत्र की जाएगी। परिवार अनुसूची में 40 बिंदु निर्धारित किए गए हैं।
विज्ञापन
कार्यक्रम तहसीलदार-कम-चार्ज जनगणना अधिकारी डॉ. अनिल बिढ़ान की अध्यक्षता और एसडीएम एवं जनगणना नोडल अधिकारी राजेश कोथ के मार्गदर्शन में हुआ। जिला जनगणना को-ऑर्डिनेटर हरदीप सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को द्वितीय चरण की विभिन्न गतिविधियों, प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि परिवार अनुसूची में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति-जनजाति और जाति संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी। साथ ही माता-पिता का विवरण, दिव्यांगता, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और शैक्षणिक स्थिति की जानकारी भी ली जाएगी।
प्रशिक्षण में बैंक खातों की संख्या और मोबाइल नंबर के साथ आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट तथा ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई। इन दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी के लिए ‘यदि उपलब्ध हो’ का प्रावधान रखा गया है।
बिढ़ान ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य गंभीरता, सावधानी और जिम्मेदारी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर समन्वय और प्रभावी निगरानी पर भी जोर दिया।
जुटाई जाएगी परिवार की व्यक्तिगत, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक जानकारी :
रोजगार से संबंधित जानकारी में पिछले वर्ष काम करने की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार या सेवा का स्वरूप तथा श्रमिक वर्ग से जुड़े विवरण शामिल होंगे। इसके अलावा जन्म स्थान, पूर्व निवास, स्थान परिवर्तन का कारण, वर्तमान स्थान पर निवास की अवधि और स्थायी पते की जानकारी जुटाई जाएगी। पात्र महिलाओं से बच्चों की संख्या और पिछले एक वर्ष में जन्मे बच्चों की जानकारी भी ली जाएगी।