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सरकारी स्कूल में बेकार पड़ा फर्नीचर का सामान अब भेजा जाएगा जरूरतमंदो स्कूलों में, स्कूल प्राचार्य की अनुमति से होगा सामान का आदा
Updated Tue, 17 Apr 2018 01:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सरकारी स्कूलों में बेकार पड़ा फर्नीचर का सामान अब जरूरतमंद स्कूलों में भेजा जाएगा। इससे स्कूलों में सफाई व्यवस्था भी अच्छी रहेगी। जिले के सरकारी स्कूल में अब फर्नीचर के सामान की कमी नहीं रहेगी। जिला शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिला के सभी सरकारी एक-दूसरे स्कूल से तालमेल करके जरूरतमंद सामान का आदान-प्रदान कर सकते हैं। ऐसा करने से स्कूलों में स्पेश बनेगा, कमरे खाली होंगे। सफाई होगी। शिक्षा विभाग ने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि छोटी से लेकर बड़ी सामग्री का पूरा डाटा शेयर करने वाले दोनों स्कूलों को रिकॉर्ड रखना होगा, ताकि भविष्य में सामग्री से संबंधित कोई भी दस्तावेज जरूरत पड़ने पर पूरा ब्योरा विभाग को दे सकें। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में सामग्रियों और उपकरणों से कमरे भरे होने के कारण विद्यार्थी जमीन पर बैठने के लिए बेबस थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। क्योंकि विभाग ने दो सरकारी स्कूलों को फर्नीचर और अन्य सुविधाओं को अदला बदली करने की इजाजत दे दी है।
एक ही ब्लॉक के सरकारी स्कूल आपस में कर सकते हैं सामान शेयर
फर्नीचर से कमरे भरे होने से स्कूल प्रबंधन को अतिरिक्त जगह नहीं मिल पा रही थी। कुछ स्कूलों में फर्नीचर और कंप्यूटराइज्ड उपकरणों की कमी के कारण विद्यार्थी सुविधाओं से वंचित रहते थे। जिन सरकारी स्कूलों में सामग्री अधिक होती थी, वे अतिरिक्त सामान का उपयोग नहीं कर पाते थे। कमरों में सामान पड़ा रहने से उपकरण भी खराब हो जाते थे, जिस कारण अन्य स्कूल भी उस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाता था। शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि एक ही ब्लॉक के सरकारी स्कूल आपस में सामग्री को शेयर कर सकेंगे। सरकारी स्कूल फर्नीचर या फिर कोई भी सामान का फेरबदल कर सकते हैं। सामान का आदान प्रदान करने के लिए प्राचार्य की अनुमति लेनी होगी।
जिले के सरकारी स्कूल अब आपस में फर्नीचर और अन्य सामग्री भी चेंज कर सकेंगे, लेकिन एक ही ब्लॉक के सरकारी स्कूल ऐसा कर पाएंगे। पूरी प्रक्रिया स्कूल प्राचार्यों के निर्देशन में होगी। साथ ही प्राचार्य को सामान का पूरा डाटा अपडेट रखना होगा।
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-बलजीत सिंह सहरावत, जिला शिक्षा अधिकारी
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हिसार।
सरकारी स्कूलों में बेकार पड़ा फर्नीचर का सामान अब जरूरतमंद स्कूलों में भेजा जाएगा। इससे स्कूलों में सफाई व्यवस्था भी अच्छी रहेगी। जिले के सरकारी स्कूल में अब फर्नीचर के सामान की कमी नहीं रहेगी। जिला शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिला के सभी सरकारी एक-दूसरे स्कूल से तालमेल करके जरूरतमंद सामान का आदान-प्रदान कर सकते हैं। ऐसा करने से स्कूलों में स्पेश बनेगा, कमरे खाली होंगे। सफाई होगी। शिक्षा विभाग ने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि छोटी से लेकर बड़ी सामग्री का पूरा डाटा शेयर करने वाले दोनों स्कूलों को रिकॉर्ड रखना होगा, ताकि भविष्य में सामग्री से संबंधित कोई भी दस्तावेज जरूरत पड़ने पर पूरा ब्योरा विभाग को दे सकें। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में सामग्रियों और उपकरणों से कमरे भरे होने के कारण विद्यार्थी जमीन पर बैठने के लिए बेबस थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। क्योंकि विभाग ने दो सरकारी स्कूलों को फर्नीचर और अन्य सुविधाओं को अदला बदली करने की इजाजत दे दी है।
एक ही ब्लॉक के सरकारी स्कूल आपस में कर सकते हैं सामान शेयर
फर्नीचर से कमरे भरे होने से स्कूल प्रबंधन को अतिरिक्त जगह नहीं मिल पा रही थी। कुछ स्कूलों में फर्नीचर और कंप्यूटराइज्ड उपकरणों की कमी के कारण विद्यार्थी सुविधाओं से वंचित रहते थे। जिन सरकारी स्कूलों में सामग्री अधिक होती थी, वे अतिरिक्त सामान का उपयोग नहीं कर पाते थे। कमरों में सामान पड़ा रहने से उपकरण भी खराब हो जाते थे, जिस कारण अन्य स्कूल भी उस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाता था। शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि एक ही ब्लॉक के सरकारी स्कूल आपस में सामग्री को शेयर कर सकेंगे। सरकारी स्कूल फर्नीचर या फिर कोई भी सामान का फेरबदल कर सकते हैं। सामान का आदान प्रदान करने के लिए प्राचार्य की अनुमति लेनी होगी।
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जिले के सरकारी स्कूल अब आपस में फर्नीचर और अन्य सामग्री भी चेंज कर सकेंगे, लेकिन एक ही ब्लॉक के सरकारी स्कूल ऐसा कर पाएंगे। पूरी प्रक्रिया स्कूल प्राचार्यों के निर्देशन में होगी। साथ ही प्राचार्य को सामान का पूरा डाटा अपडेट रखना होगा।
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-बलजीत सिंह सहरावत, जिला शिक्षा अधिकारी