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पदोन्नति रोके जाने के विरोध में जीजेयू में 18 से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:19 AM IST
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पदोन्नति रोकने के विरोध में दी आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में डेढ़ साल से पदोन्नति रोके जाने से रोषित होकर सहायक कुलसचिव का धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को अवकाश के बावजूद कर्मचारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर सहायक कुलसचिव का समर्थन किया।
धरना पर पहुंचे कर्मचारियों ने कहा कि सभी शर्तें पूरी करने के बावजूद सहायक कुलसचिव राजवीर मलिक की पदोन्नति रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली से विश्वविद्यालय के विकास के लिए अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो शर्त पूरी करने के बावजूद करीब डेढ़ वर्ष से राजवीर मलिक की पदोन्नति रोकी जा रही है, वहीं अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए पदोन्नति के नियमों को भी बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इसका जवाब देना होगा।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि राजवीर मलिक को पदोन्नति नहीं दी गई तो सोमवार से आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। वहीं राजवीर मलिक ने कहा कि यदि उनकी पदोन्नति नहीं की गई तो वो सोमवार से अनशन पर बैठ जाएंगे और उसके बाद आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने कहा कि वो विश्वविद्यालय प्रशासन के इस अन्याय का विरोध जारी रखेंगे। धरने पर देवेंद्र राणा, देवेंद्र शर्मा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला उपप्रधान जयवीर मोर, सतीश शर्मा, सुरेश झुरिया, आनंद पांचाल, धीरज मोर, भलेराम, महेंद्र शर्मा, सतपाल, रजनीश जैन, भरपूर सिंह, सुखदेव व अजीत सैनी आदि भी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में डेढ़ साल से पदोन्नति रोके जाने से रोषित होकर सहायक कुलसचिव का धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को अवकाश के बावजूद कर्मचारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर सहायक कुलसचिव का समर्थन किया।
धरना पर पहुंचे कर्मचारियों ने कहा कि सभी शर्तें पूरी करने के बावजूद सहायक कुलसचिव राजवीर मलिक की पदोन्नति रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली से विश्वविद्यालय के विकास के लिए अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो शर्त पूरी करने के बावजूद करीब डेढ़ वर्ष से राजवीर मलिक की पदोन्नति रोकी जा रही है, वहीं अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए पदोन्नति के नियमों को भी बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इसका जवाब देना होगा।
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धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि राजवीर मलिक को पदोन्नति नहीं दी गई तो सोमवार से आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। वहीं राजवीर मलिक ने कहा कि यदि उनकी पदोन्नति नहीं की गई तो वो सोमवार से अनशन पर बैठ जाएंगे और उसके बाद आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने कहा कि वो विश्वविद्यालय प्रशासन के इस अन्याय का विरोध जारी रखेंगे। धरने पर देवेंद्र राणा, देवेंद्र शर्मा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला उपप्रधान जयवीर मोर, सतीश शर्मा, सुरेश झुरिया, आनंद पांचाल, धीरज मोर, भलेराम, महेंद्र शर्मा, सतपाल, रजनीश जैन, भरपूर सिंह, सुखदेव व अजीत सैनी आदि भी मौजूद रहे।
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